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  आज फैशन हमारे जीवन का अभिन्न अंग बन गया है | अपने आप को सही साज-सज्जा के साथ प्रस्तुत करना आपकी सुरुचि को प्रकट करता है | यूँ तो भारत देश में पहले से ही कुछ परम्परागत फैशन हैं पर अब विभिन्न डिजाइनर अपने कौशल को दिखाते कई पुराने डिज़ाइन में अपनी सोच और समझ से कुछ नया बना रहे हैं और जिसे पसंद भी किया जा रहा है | आज पफ आस्तीन, फ्रिल, लेसेस फैशन जगत में पुन: लौट आई हैं | लक्मे फैशन वीक के दौरान  समर कलेक्शन में इस तरह का प्रयोग जब ब्राइट कलर्स में किया गया तो सभी को बहुत पसंद आया |

सृष्टि का चक्र गोल घूमता है और जो पुराना है वही लौट आता है | लहंगा-चोली जो स्त्रियों का एक पारम्परिक वस्त्र था | आज बैकलेस चोली के साथ आधुनिक फैशन की मिसाल बन गया है | शरारा –गरारा ने प्लाजो का रूप धारण कर लिया है | इधर महिलाओं द्वारा फ्लोरल प्रिंट को भी बहुत पसंद किया जाने लगा है | पाश्चात्य वस्त्रों के साथ भारतीय स्टाइल जोड़ कर इंडो-वेस्टर्न की कल्पना ने फैशन जगत में तहलका मचा दिया | जींस के साथ भारतीय कुर्ती और बिंदी-मंगलसूत्र भी बढ़िया फ्यूजन है, जिसे नयी पीढ़ी क्या दादी –नानी भी पसंद करती हैं |

भारतीय संस्कृति को ध्यान में रखकर कई डिज़ाइनरों जैसे सब्यसाची मुखर्जी ,ऋतू कुमार ,अनीता डोंगरे आदि ने पारम्परिक वस्त्रों के साथ नए प्रयोग किए हैं ,विवाहादि अवसरों के लिए इनके डिज़ाइन बहुत पसंद किये जाते हैं| रेखा और विद्या बालन साड़ियों में ही ख़ूबसूरती के साथ फैशन को प्रस्तुत करती हैं |

अपनी-अपनी सुविधानुसार सभी फैशन को अपनाते हैं ,कुछ भड़क रंगों को पसंद करते हैं तो कुछ सौम्य रंगों में सौन्दर्य ढूंढते हैं | हम पाश्चात्य वेशभूषा को कितना भी अपना ले पर भारतीय परिधानों को नहीं छोड़ सकते ,कुछ तब्दीलियाँ करके पुराने से नया डिज़ाइन बनाने का तरीका अद्भुत है | अभी भी बांधनी, पटोला ,ब्लाक प्रिंट फैशन में हैं | खादी, मलमल ,रेशम आदि पारम्परिक कपड़ों से बनाई गई विविध पोशाकों को बहुत पसंद किया जा रहा है |

फैशन सिर्फ शरीर का सौन्दर्य नहीं बढ़ाता, हमारे व्यक्तित्व में भी कमाल का परिवर्तन लाता है | फैशन सिर्फ प्रदर्शन के लिए नहीं होता यह आपको सहज ,सुरुचिपूर्ण और आत्मविश्वासी बनाता है | आज फैशन जगत में परिधानों के क्षेत्र में नित नए आविष्कार हो रहे हैं | बस वे दर्शनीय बने रहे कटे-फटे परिधानों के द्वारा इन्हें निंदनीय न बनाइये |

 

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