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दुनिया के सबसे बड़े कुंभ मेले को सफल बनाने में स्वच्छताकर्मियों ने मुख्य भूमिका निभाई।जिसकी पूरी दुनिया में सराहना की गई।प्रधानमंत्री मोदी जी ने स्वच्छताकर्मियों के पैर धोकर यह साबित कर दिया है कि स्वच्छता के प्रति वह पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।मोदी जी के विभिन्न कार्यो को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि –
” न त्वहं कामये राज्यं न मोक्षं न स्वर्गं नापुनर्भवम् 
कामये दुःखतप्तानां प्राणिनामार्तिनाशनम्  “
अर्थ – मैं राज्य की कामना नहीं करता, मुझे स्वर्ग और मोक्ष नहीं चाहिए।
दुःख में पीड़ित प्राणियों के दुःख  दूर करने में सहायक हो सकू, यही मेरी कामना है।
क्या सफाईकर्मियों को सम्मान देकर मोदीजी ने स्वच्छता के प्रति अपनी कटिबद्धता फिर से जाहिर की है ? अपनी बेबाक राय दे

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विगत 6 वर्षों से देश में हो रहे आमूलाग्र और सशक्त परिवर्तनों के साक्षी होने का भाग्य हमें प्राप्त हुआ है। भ्रष्ट प्रशासन, दुर्लक्षित जनता और असुरक्षित राष्ट्र के रूप में निर्मित देश की प्रतिमा को सिर्फ 6 सालों में एक सामर्थ्यशाली राष्ट्र के रूप में प्रस्तुत करने में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की अभूतपूर्ण भूमिका रही है।

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