हिंदी विवेक : WE WORK FOR A BETTER WORLD...

अमेरिगो से बना  अमेरिका

क्या आप इटली के घुमक्कड़ नाविक अमेरिगो वेसपुची का नाम जानते हैं. 1454 को पैदा हुए अमेरिगो की वजह से आज अमेरिका का नाम अमेरिका है.

इटली के शहर फ्लोरेंस में पैदा हुए अमेरिगो वेसपुची को बचपन से किताबें और नक्शे जमा करने का शौक था. 1492 में वेसपुची बैंक के कामकाज के सिलसिले में स्पेन जाकर रहने लगे. इसी दौरान वह अपनी दिलचस्पी की खातिर पानी के जहाजों में भी काम करने लगे. आखिरकार 1499 में उन्हें पहली बार समुद्री यात्रा का मौका मिला. जहाज दक्षिण अमेरिका के तट पर अमेजन नदी के मुहाने पर पहुंचा.

आकाश में चंद्रमा और मंगल की स्थिति देखकर अमेरिगो ने सही सही अंदाजा लगाया कि वो पूर्व में एशिया की तरफ नहीं बल्कि पश्चिम बहुत दूर पहुंच गए हैं.

दूसरी बार 1501 में अमेरिगो पुर्तगाल के जहाज पर सवार होकर पश्चिम की यात्रा पर निकले. 64 दिन के बाद वो फिर दक्षिण अमेरिकी तट पर एक नई जगह पहुंचे. वहां पहुंचकर अमेरिगो ने अपने एक यूरोपीय मित्र को खत लिखा. उन्होंने पहली बार बताया कि उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका किसी भी तरह एशिया से नहीं जुड़े हैं. पत्र में अमेरिगो ने अमेरिकी महाद्वीप के मूल निवासियों का विस्तार से जिक्र किया था. उन्होंने उनकी संस्कृति, खाने पीने, धर्म, यौन संबंध, विवाह और बच्चे के जन्म के समय से जुड़े रीति रिवाजों की जानकारी दी. अमेरिगो के इस खत का बाद में कई भाषाओं में अनुवाद हुआ और कोलंबस की डायरी से भी ज्यादा बिका.

वैसे अमेरिगो से पहले 1493 में अपनी दूसरी समुद्री यात्रा पर निकले कोलंबस पहली बार अमेरिकी महाद्वीप पहुंचे थे. लेकिन कोलंबस को लगा कि वो भारत पहुंचे हैं. इसी वजह से अमेरिकी महाद्वीप के मूल निवासियों को रेड इंडियंस कहा जाता है. हालांकि कोलंबस अंतिम समय तक इसी भ्रम में रहे कि उन्होंने भारत ही खोजा है.

अमेरिगो तीन बार पश्चिम की यात्रा पर निकले और उन्होंने उस बड़े महाद्वीप को करीब करीब छान ही दिया. जर्मनी के प्रसिद्ध मानचित्र विज्ञानी मार्टिन वाल्डजेमुलर उस वक्त सामने आ रही नई दुनिया का नक्शा खींच रहे थे. वाल्डजेमुलर अमेरिगो की खोज से इतने प्रभावित हुए कि जिस इलाके को अमेरिगो ने खोजा था, उसे उन्होंने 1507 में खीचें अपने नक्शे में अमेरिका नाम दिया. नक्शे की यूरोप में हजारों प्रतियां बिकी और तभी से पूरी दुनिया पश्चिम के उस महाद्वीप को अमेरिका कहती है.

आज के इतहास की अन्य प्रमुख घटनाएं

  • अर्थशास्त्र पर एडम स्मिथ की मशहूर पुस्तक ‘द वेल्थ ऑफ नेशन्स’ का 1776 में प्रकाशन।
  • चार्ल्स एग ग्राहम ने 1822 में पहली बार नकली दांतो का पेटेंट कराया।
  • जापानने 1860 में पहली बार अमेरिका में अपना राजदूत नियुक्त किया।
  • 50, 100 और 1000 डॉलर की मुद्रा को 1861 में शामिल किया गया।
  • जर्मनीने 1916 में पुर्तगाल के खिलाफ युद्ध की घोषणा की।
  • रूसी बोल्शेविक पार्टी 1918 में कम्युनिट पार्टी बनी।
  • दुनिया में सबसे ज्‍यादा पसंद की जाने वाली बार्बी डॉल ने 1959 में न्‍यूयार्क के अमेरिकन टॉय फेयर में अपनी जिंदगी शुरू की थी।
  • प्रसिद्ध भारतीय अभिनेत्री देविका रानी का 1994 में निधन।
  • भारतीय मूल के, ब्रिटिश आधारित दिग्गज उद्योगपति स्वराज पॉल को 1999 में सेंट्रल बर्मिघम विश्वविद्यालय द्वारा डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्रदान की गयी।
  • पाकिस्तानने 2004 में 2000 किमी। की मारक क्षमता वाले सतह तक मार करने वाले ‘शाहीन-2’ (हत्फ-6) प्रक्षेपास्त्र का सफल परीक्षण किया।
  • थाक्सिन शिनवात्रा 2005 में दूसरे कार्यकाल के लिए थाइलैंड के प्रधानमंत्री चुने गये।
  • ब्रिटेन में भारतीय डॉक्टरों को भेदभाव वाले प्रवासी नियमों पर 2007 में क़ानूनी कामयाबी मिली।
  • गोवा के राज्यपाल एस.सी.जमीर ने 2008 में महाराष्ट्र के राज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार ग्रहण किया।

9 मार्च को जन्मे व्यक्ति 

  • भारत के प्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार डॉ. नगेन्द्र का 1915 में जन्म।
  • रख्यात भारतीय विधिवेत्ता और भारत के पूर्व महान्यायवादी सोली जहांगीर सोराबजी का 1930 में जन्म।
  • भारतीय राजनेता और लेखक कर्ण सिंह का 1931 में जन्म।
  • रूसी सोवियत पायलट और कॉस्‍मोनॉट यूरी गैगरिन का 1934 में जन्‍म हुआ था।
  • प्रसिद्ध बाल साहित्यकार एवं संपादक हरिकृष्ण देवसरे का 1938 में जन्म।
  • मशहूर तबला वादक उस्ताद ज़ाकिर हुसैन का 1951 में जन्म।
  • भारतीय लेखक शशि थरूर का 1956 में जन्म।
  • भारतीय क्रिकेट खिलाड़ीपार्थिव पटेल का 1985 में जन्म।
  • भारतीय बाल कलाकार दरशील सफ़ारी का 1996 में जन्म।

9 मार्च को हुए निधन 

  • प्रसिद्ध इतिहासकार, अंग्रेज़ी साहित्यकार जार्ज अब्राहम ग्रियर्सन का 1941 में निधन।
  • भारत के प्रसिद्ध साहित्यकार, कवि, लेखक, व्यंग्यकार और पत्रकार हरिशंकर शर्मा का 1968 में निधन।
  • टाटा समूह और भारत के एक प्रशासक के साथ जुड़े एक प्रख्यात पारसी व्यापारी हारमसजी पेरोशा मोदी का 1969 में निधन।
  • प्रसिद्ध फ़िल्म निर्माता-निर्देशक के. आसिफ़ का 1971 में निधन।
  • भारतीय अभिनेत्री देविका रानी का 1994 में निधन।
  • मद्रास विधान सभा के सदस्य बी. जी. रेड्डी का 1997 में निधन।
  • हिन्दी फ़िल्मों के मशहूर अभिनेता और निर्माता निर्देशक जॉय मुखर्जी का 2012 में निधन।

 

आपकी प्रतिक्रिया...

Close Menu

विगत 6 वर्षों से देश में हो रहे आमूलाग्र और सशक्त परिवर्तनों के साक्षी होने का भाग्य हमें प्राप्त हुआ है। भ्रष्ट प्रशासन, दुर्लक्षित जनता और असुरक्षित राष्ट्र के रूप में निर्मित देश की प्रतिमा को सिर्फ 6 सालों में एक सामर्थ्यशाली राष्ट्र के रूप में प्रस्तुत करने में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की अभूतपूर्ण भूमिका रही है।

स्वंय के लिए और अपने परिजनों के लिए ग्रंथ का पंजियन करें!
ग्रंथ का मूल्य 500/-
प्रकाशन पूर्व मूल्य 400/- (30 नवम्बर 2019 तक)

पंजियन के लिए कृपया फोटो पर क्लिक करें

%d bloggers like this: