आंबेडकर के विचारों को सही मायने और संदर्भों में आत्मसात करना ज़रूरी

Continue Readingआंबेडकर के विचारों को सही मायने और संदर्भों में आत्मसात करना ज़रूरी

भारतरत्न बाबा साहेब डॉ भीमराव आंबेडकर अपने अधिकांश समकालीन राजनीतिज्ञों की तुलना में राजनीति के खुरदुरे यथार्थ की ठोस एवं बेहतर  समझ रखते थे। नारों एवं तक़रीरों की हकीक़त वे बख़ूबी समझते थे। जाति-भेद व छुआछूत के अपमानजनक दंश को उन्होंने केवल देखा-सुना-पढ़ा ही नहीं, अपितु भोगा भी था।

मुसलमानों के प्रति बदलता दुनिया का नजरिया

Continue Readingमुसलमानों के प्रति बदलता दुनिया का नजरिया

जर्मनी जुलाई 2020 में बुर्का और नक़ाब को विद्यालयों-विश्वविद्यालयों में प्रतिबंधित कर चुका है। स्विट्जरलैंड ने अभी कुछ दिनों पूर्व ही जनमत करा बुर्का पर प्रतिबंध लगाया है। श्रीलंका ने बीते दिनों 1000 मदरसों को बंद करने के साथ-साथ बुर्के को भी प्रतिबंधित करने की घोषणा की है। ऑस्ट्रेलिया में भी इसे लेकर व्यापक विमर्श जारी है।

भारत की चिरंतन सांस्कृतिक धारा की समझ आवश्यक

Continue Readingभारत की चिरंतन सांस्कृतिक धारा की समझ आवश्यक

संघ को लेकर पूर्वाग्रह-दुराग्रह रखने वाले सभी दलों एवं नेताओं को उदार मन से आकलित करना चाहिए था कि क्या कारण हैं कि तीन-तीन प्रतिबंधों और विरोधियों के तमाम अनर्गल आरोपों को झेलकर भी संघ विचार-परिवार विशाल वटवृक्ष की भाँति संपूर्ण भारतवर्ष में फैलता गया, उसकी जड़ें और मज़बूत एवं गहरी होती चली गईं

किसान-आंदोलन की आड़ में राष्ट्र की एकता, अखंडता, संप्रभुता से खिलवाड़

Continue Readingकिसान-आंदोलन की आड़ में राष्ट्र की एकता, अखंडता, संप्रभुता से खिलवाड़

इसमें कोई संदेह नहीं कि इन तथाकथित किसानों ने लालकिले पर 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय-दिवस पर जैसा उपद्रव-उत्पात मचाया है, किले के गुंबदों को जो क्षति पहुँचाई है उससे लोकतंत्र शर्मसार हुआ है। उससे पूरी दुनिया में हमारी छवि धूमिल हुई है, हमारे मस्तक पर हमेशा-हमेशा के लिए कलंक का टीका लगा है। और उससे भी अधिक विस्मयकारी यह है कि अभी भी कुछ नेता, सामाजिक-राजनीतिक संगठन, तथाकथित बुद्धिजीवी इस हिंसक आंदोलन को जन-आंदोलन की संज्ञा देकर महिमामंडित करने की कुचेष्टा कर रहे हैं।

लव जिहाद और धर्मांतरण पर योगी का क़ानूनी प्रहार

Continue Readingलव जिहाद और धर्मांतरण पर योगी का क़ानूनी प्रहार

उत्तरप्रदेश सरकार 'विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश, 2020' लेकर आई है। स्वाभाविक है कि इसका आकलन-विश्लेषण सरकार के समर्थक और विरोधी अपने-अपने ढ़ंग से कर रहे हैं।

इस्लामिक कट्टरपंथ विश्व-मानवता के लिए ख़तरा

Continue Readingइस्लामिक कट्टरपंथ विश्व-मानवता के लिए ख़तरा

आज सचमुच इसकी महती आवश्यकता है कि इस्लाम को मानने वाले अमनपसंद लोग आगे आएं और खुलकर कहें कि सभी रास्ते एक ही ईश्वर की ओर जाते हैं, अपने-अपने विश्वासों के साथ जीने की सबको आज़ादी है और अल्लाह के नाम पर किया जाने वाला खून-ख़राबा अधार्मिक है, अपवित्र है।

End of content

No more pages to load