मेष – नौकरी-व्यवसाय में संघर्षपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। सोचे हुए या वर्तमान में चल रहे कार्यों में विलम्ब होने से मन में अशांति आ सकती है। घर परिवार में कुछ उलझने भी पैदा हो सकती हैं। दिनांक 11 से मंगल स्वग्रही होने से परिस्थितियों में सुधार होने के योग बन रहे हैं और कई बिगड़े कार्य बन सकते हैं। उपाय- गणपति जी की आराधना करें।

वृषभ – बिगड़े हुए कार्यों में सुधार और पराक्रम में वृद्धि हो सकती है। मनोरंजन में समय व्यतीत होगा। दिनांक 14 से शुक्र द्वितीय भाव में आने और सूर्य पर शनि की दृष्टि होने से भाई बंधुओं में मतभेद हो सकते हैं। धन आगमन के कुछ मार्ग अवरुद्ध हो सकते हैं। अधिक परिश्रम से लाभ प्राप्त होने के योग बन रहे हैं। उपाय- भगवान सूर्य की आराधना करें।

मिथुन – दिनांक 14 से बुध लाभ स्थान में होने से कार्य व्यवसाय सम्बंधी योजनाओं को पूर्ण करने में समय व्यतीत होगा। संतान के कैरियर सम्बंधी चिंता रहेगी। विदेश सम्बंधी कार्यों में कुछ रुकावटें आ सकती हैं, पर नौकरी और व्यवसाय में उन्नति हो सकती है। पूर्व में किए गए प्रयासों से सफलता प्राप्त होगी। उपाय- भगवान गणपति जी की आराधना करें।

कर्क – दिनांक 11 से मंगल की नीच दृष्टि होने से स्वास्थ्य सम्बंधी परेशानी (पेट, ब्लड प्रेशर, रक्त) जैसे कष्ट आ सकते हैं। निकट भाई-बंधुओं या मित्रों से कुछ मनमुटाव हो सकता हैं। क्रोध पर नियंत्रण रखें। सोच विचार कर कार्य करने पर काम बन सकते हैं। ज्यादा खर्च करने से ऋण लेने की सम्भावना भी बन सकती है। उपाय- सुंदरकांड का पाठ करें।

सिंह – राशि स्वामी सूर्य उच्च राशि में होने से आय के साधन बढ़ेंगे। शुभ एवं धार्मिक कार्यों पर धन खर्च होने के योग बन रहे हैं। शनि की ढैया तथा मंगल शनि का योग रहने से परिवार में या परिवार के सदस्यों से मतभेद या विवाद होने के योग भी बन रहे हैं। क्रोध पर नियंत्रण रखना ठीक रहेगा। व्यर्थ की भाग दौड़ एवं व्यावसायिक क्षेत्र में आशा के अनुकूल लाभ नहीं मिल पाएगा। उपाय- भगवान हनुमान जी की उपासना करें।

कन्या – दिनांक 14 तक अष्टम रहने से स्वास्थ्य में विकार, बनते कामों में रुकावटें तथा धन हानि के योग पाए जाते हैं। अधिक परिश्रम एवं कठिनाई के बाद निर्वाह योग्य धन के साधन प्राप्त होंगे। मंगल शनि सप्तम होने से धैर्य एवं संयम रखकर पुरुषार्थ द्वारा उन्नति व लाभ के अवसर प्राप्त होंगे। मित्रों से सहयोग प्राप्त हो सकता है। उपाय- भगवान गणपति जी की आराधना करें।

तुला – महीने के आरम्भ से दिनांक 14 तक शुक्र अष्टम होने से मानसिक तनाव एवं शारारिक कष्ट हो सकता है, परंतु दिनांक 14 से शुक्र नवम भाव में होने से संघर्षपूर्ण कठिन स्थिति रहने के बाद भी अनेक प्रकार के लाभ प्राप्त होने के योग बन रहे हैं। मित्रों और परिवार से सहयोग प्राप्त हो सकता है। पूर्व में किए गए पुरुषार्थ और परिश्रम से अनेक कार्य बन सकते हैं। उपाय- मां दुर्गा जी की आराधना करें।

वृश्चिक – अकस्मात धन लाभ होने के योग बन रहे हैं। स्त्री और परिवार के सुख में वृद्धि हो सकती है। मनोरंजन सहित परिवार के साथ यात्राएं और ऐश्वर्य युक्त जीवन के योग बन रहे हैं। किसी नए कार्य के प्रारम्भ करने की योजना भी बन सकती है। भूमि-वाहन-मकान आदि के योग भी बन रहे हैं। मित्रों और अधिकारियों से लाभ प्राप्त हो सकता है। उपाय- पुरुषोत्तम माह में रुद्राभिषेक करें।

धनु – गुरु की स्वग्रही दृष्टि होने से धन लाभ, स्त्री एवं संतान सुख की प्राप्ति होगी। उच्च प्रतिष्ठित लोगों से अच्छे सम्बंध स्थापित होंगे, परंतु शनि की ढैया दृष्टि के कारण कई प्रकार के कार्यों में रुकावटें आ सकती हैं। बुद्धिमानी व शांति से किए हुए कार्यों में सफलता प्राप्त हो सकती है। अति आत्मविश्वास से हानि हो सकती है। उपाय- पुरुषोत्तम माह में भगवान नारायण की आराधना करें।

मकर – रूकावटों के बाद भी पराक्रम में वृद्धि एवं आय के साधन बढ़ेंगे और व्यवसायिक व्यस्तताएं बढ़ेंगी। माता-पिता का सहयोग विशेष लाभकारी रहेगा। धार्मिक कार्यों में रुचि और इच्छा जागृत होगी। गुप्त शत्रुओं से सतर्क रहें। परिवार में सुखद वातावरण बनेगा। नौकरी और व्यवसाय में आगे बढ़ने की योग बन रहे हैं। उपाय- पुरुषोत्तम माह में भगवान शंकर जी की आराधना करें।

कुंभ – शुभ एवं धार्मिक कार्यों में प्रवृत्ति होगी। संतान की ओर से कोई अच्छा समाचार प्राप्त हो सकता है। भूमि-वाहन और सुख साधनों में वृद्धि होने के योग भी बन रहे हैं। महीने के अंत में शारारिक कष्ट हो सकता है, कुछ मानसिक तनाव भी आ सकता है। अचानक धन का खर्च बढ़ सकता है। उपाय- सुंदरकांड का पाठ करें।

मीन – राशि पर शनि मंगल का योग रहने से दिनांक 11 तक मन में क्रोध अधिक रहेगा। कोई बना हुआ कार्य बिगड़ सकता है। दिनांक 14 के बाद भाई-बंधुओं के साथ में कुछ विवाद या कलह हो सकता है। सोची हुई योजनाओं में आंशिक सफलता प्राप्त होने के योग बन रहे हैं। पूर्व में किए गए प्रयासों से सफलता प्राप्त होगी और कुछ आय प्राप्त होती रहेगी। उपाय- भगवान हनुमान जी की आराधना करें।

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-पंडित अजय मिश्रा

