राष्ट्र सर्वोपरि

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विदेश नीति के संदर्भ में डॉक्टर हेडगेवार का एक और मंत्र है, "हम पर अब तक जितने आक्रमण हुए और अन्याय हुआ उसका एक ही उत्तर है, वह याने अति शक्तिशाली बनना।" नरेंद्र मोदी जब से प्रधानमंत्री बने हैं, हम शक्तिशाली भारत का अनुभव कर रहे हैं। कांग्रेस के कालखंड में भारत में आतंकवादी हमले हुए, जिसमें पाकिस्तान का हाथ था, उसमें हमारे कई नागरिक मारे गए। हम केवल उनके शव गिनते बैठे रहते थे। कायराना हमला, मानवता के लिए कलंक, इस प्रकार की अर्थहीन बातें करते रहते थे। कैंडल मार्च निकालते रहते थे।

संघ को समझने के लिए भारत की चिरंतन सांस्कृतिक धारा की समझ आवश्यक

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संघ को लेकर पूर्वाग्रह-दुराग्रह रखने वाले सभी दलों एवं नेताओं को उदार मन से आकलित करना चाहिए था कि क्या कारण हैं कि तीन-तीन प्रतिबंधों और विरोधियों के तमाम अनर्गल आरोपों को झेलकर भी संघ विचार-परिवार विशाल वटवृक्ष की भाँति संपूर्ण भारतवर्ष में फैलता गया, उसकी जड़ें और मज़बूत एवं गहरी होती चली गईं

चीन की प्रवृत्ति को समझें – श्रीगुरुजी

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चीन की ओर से विश्वासघात के रूप में कुछ हुआ नहीं, क्योंकि उसने तो कभी विश्वास दिलाया ही नहीं था। यह कहना ठीक नहीं कि चीन ने विश्वासघात किया। कहना यह चाहिए कि हम लोगों ने ही चीन की प्रकृति को समझा नहीं।

हिमाचल में बेअसर होता कोरोना

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कोरोना संकट के दौरान हिमाचल में हजारो संघ स्वयंसेवक अलग अलग संस्थाओं के माध्यम से लोगों की मदद कर रहे है। स्वयंसेवको ने सरकारी दिशानिर्देशों का पालन करते हुए भोजन, माक्स और सेनिटाइजर उपलब्ध करवाएं है

भारतीय समाज के ताने-बाने में ही निहित है सेवा- सहयोग के मूल्य – डॉ. मनमोहन वैद्य

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संघ के लिए यह समय शिक्षा वर्ग का समय होता है. अप्रैल के मध्य से जून अंत तक स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण देने के लिए गर्मियों की छुट्टियों का लाभ लेकर 90 से अधिक संघ शिक्षा वर्गों का आयोजन होता है. वर्तमान स्थिति को देखते हुए संघ के नेतृत्व ने निर्णय किया है कि जून अंत तक होने वाले सभी वर्गों, एकत्रीकरण के कार्यक्रमों को निरस्त कर दिया है. संघ पर जब प्रतिबंध लगा था, तभी केवल शिक्षा वर्ग नहीं हुए थे. संघ के इतिहास में 1929 से लेकर अभी तक ऐसा पहली बार हुआ है कि पूर्ण योजना बनने के पश्चात भी देश में सभी वर्गों को निरस्त कर दिया गया है.

रा. स्व. संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार जी को उनके जन्मदिन पर भावपूर्ण नमन।

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रा. स्व. संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार जी को उनके जन्मदिन पर भावपूर्ण नमन।

संघ व गोड्से के सम्बन्ध की अंतर्कथा  

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गांधी जी की हत्या के पश्चात के प्रत्येक दशक में दस पांच बार गोएबल्स थियरी के ठेकेदारों ने ये प्रयास सतत किये हैं कि गांधीजी की हत्या को संघ के मत्थे मढ़ दिया जाए जिसमें वे हर बार असफल रहें हैं। अब देश भर में गांधी व गोड़से को लेकर नया विमर्श प्रारम्भ है, इस क्रम में ऐतिहासिक साक्ष्यों को पढ़ना आवश्यक हो जाता है।

समतायुक्त, शोषणमुक्त समाज हेतु…

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“समता के मूल में ही समरसता है। हमें समरस हिंदू समाज खड़ा करना है अर्थात शोषणमुक्त समाज, आत्मविस्मृति-भेद-स्वार्थ-विषमता इन बातों से समाज को मुक्त करना है। किसी भी प्रकार की विषमता को हिन्दू समाज में स्थान नहीं है। “समरस समाज, समर्थ भारत” ही हमारा लक्ष्य है।” एक तथा दो दिसंबर…

परमवैभवपूर्ण राष्ट्र संघ का लक्ष्य

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहनजी भागवत ने 17 से 19 सितम्बर तक दिल्ली के विज्ञान भवन में ‘भारत का भविष्यः संघ का दृष्टिकोण’ विषय पर तीन दिन व्याख्यान दिए। अंतिम सत्र में उन्होंने हिंदुत्व, संघ व जाति व्यवस्था, शिक्षा, भाषा, आरक्षण, अल्पसंख्यकों, समान नागरिक संहिता, आंतरिक सुरक्षा, संघ-भाजपा…

स्वयंसेवक अटल जी

स्वयंसेवक  अटल जी
FOR RELEASE WITH STORY BC-INDIA-ELECTION-HINDU - Atal Behari Vajpayee (C), prime ministerial candidate of India's Hindu nationalist Bharatiya Janata Party (BJP) salutes with his members at a Rashtriya Swayamsevak Sangh (National Volunteers Organisation) rally in New Delhi. The RSS is a secretive organisation devoted to to remoulding Indian society into a Hindu nation. Picture taken 2OCT97. INDIA ELECTION HINUD - RP1DRIFPQZAC
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“अटल जी ने रा.स्व.संघ के एक स्वयंसेवक के रूप में इस देश की सांस्कृतिक विरासत को आत्मसात किया था। वैश्विक स्तर पर नेताओं में अटल जी के प्रति आत्मीयता की भावना थी। इस प्रकार का व्यक्तित्व विकसित करने में उन्हें उनके “स्वंयसेवकत्व” की भावना के कारण लाभ मिला।” भारत के…

विश्वनायक अटलजी!

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  भारत ने अटल जी के नेतृत्व में 21वीं सदी में कदम रखा। अटल जी की सरकार ने प्रगति को नया आयाम दिया। अटल जी सच कहें तो ‘विश्वनायक’ बने। श्री अटल बिहारी वाजपेयी बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी ऐसे महामानव थे, जिनके विचारों से विरोधी भी उनकी वाकपटुता और तर्कों…

संघ जीने वाला स्वयंसेवक

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अटल जी एक संवेदनशील व्यक्ति के रूप में सदैव हमारे स्मरण में रहेंगे। ऐसे व्यक्ति सैकड़ों वर्षों के बाद जन्म लेते हैं। इस शतक में उनके समान और कोई नहीं है। अटल जी अटल जी थे। संघ को वाकई जीने वाले स्वयंसेवक थे। अटल जी संघ के स्वयंसेवक थे। हम…

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