रिश्तों में विसंगति कहीं शादी की परंपरा तोड़ने की साज़िश तो नहीं?…

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हमारे देश में शादी को पवित्र बंधन माना गया है। खासकर हिन्दू धर्म की बात करें तो शादी को दो आत्माओं का मिलन कहा गया है। जिसमें न केवल दो प्राणी बल्कि दो परिवार एक दूसरे के सुख दुःख के भागी बनते है। विवाह से समाज की सबसे छोटी इकाई…

महाराष्ट्र की शिक्षा व्यवस्था पर दृष्टिपात

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महाराष्ट्र की उच्चतर शिक्षा के क्षेत्र में जारी वर्तमान गतिविधियों से यह बात शीशे की तरह स्पष्ट हो गई है कि विश्व के अग्रणी विश्वविद्यालयों की श्रेणी में, भारत के केवल गिने-चुने विश्वविद्यालय ही क्यों हैं?

26 जनवरी को हो सकता है आतंकी हमला, निशाने पर पीएम मोदी!

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भारत पर आतंकी हमले की साजिश बहुत पहले से होती आ रही है और पाकिस्तान समर्थित आतंकी इसके लिए हमेशा से प्रयास भी करते रहते है। भारत पर कई आतंकी हमले भी हुए हैं जिसमें सैकड़ो लोगों ने अपनी जान गवांई है

बेरोजगारी व आर्थिक तंगी के लिए कोरोना कितना जिम्मेदार?

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कोरोना संक्रमण ने पूरी दुनिया में एक डर का माहौल बना दिया है जिससे हर कोई परेशान है। संक्रमण के बाद ना सिर्फ लोगों की जान जाती है बल्कि बेरोजगारी और आर्थिक तंगी की समस्या भी लगातार बढ़ती जा रही है।

बिजली, पानी, लोन सब कुछ मुफ्त लीजिए लेकिन वोट दीजिए!

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शायद यह कहना गलत नहीं होगा कि राजनीति का स्तर दिन पर दिन गिरता ही जा रहा है और इसके लिए सिर्फ नेता ही नहीं बल्कि जनता भी उतनी ही जिम्मेदार है क्योंकि जनता को खुद अब लुभावने वादे पसंद आने लगे हैं और मुफ्तखोरी की आदत होती जा रही…

थल सेना दिवस: तन समर्पित, मन समर्पित और यह जीवन समर्पित

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  किसी भी देश की सेना से उसकी ताकत का पता चलता है और बाकी देश पर उसकी एक छवि निर्धारित होती है। दुनिया के सभी देश अपनी पूरी अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा अपनी सेना पर खर्च करते हैं ताकि उससे देश की रक्षा की जा सके और समय…

मराठी के बाद उठी उर्दू बोर्ड की मांग

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हम किसी दुकान को उसके नाम से ही पहचानते हैं लेकिन उस दुकान का नाम किस भाषा में लिखा हुआ है हमें उससे कोई सरोकार नहीं होता है और होना भी नहीं चाहिए क्योंकि अलग अलग राज्यों की अपनी भाषा होती है और सभी को अपनी भाषा का इस्तेमाल करने…

मकर संक्रान्ति के स्नान व दान का महत्व

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भगवान सूर्य जब शनि के साथ मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो उस दिन मकर संक्रांति का त्यौहार मनाया जाता है। इस दिन से ही सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण की तरफ चलना शुरु करता है। हिन्दू धर्म में इसी दिन से मलमास की समाप्ति होती है और शुभ दिनों की…

दुनिया में भारत और हिन्दू धर्म का बजा डंका

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हिंदुत्व की बात शुरू होते ही सबसे पहले जिस सन्यासी का नाम याद आता है वो नाम अधिकांश लोगों के लिए स्वामी विवेकानंद का होगा। उन्हें ख़ास तौर पर उनके “शिकागो व्याख्यान” के लिए याद किया जाता है।  ये जो सर्व धर्म सम्मलेन हो रहा था, वो शिकागो के एक…

भारत भक्ति से भरा मन है ‘स्वामी विवेकानंद’

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स्वामी विवेकानंद ऐसे संन्यासी हैं, जिन्होंने हिमालय की कंदराओं में जाकर स्वयं के मोक्ष के प्रयास नहीं किये बल्कि भारत के उत्थान के लिए अपना जीवन खपा दिया। विश्व धर्म सम्मलेन के मंच से दुनिया को भारत के ‘स्व’ से परिचित कराने का सामर्थ्य स्वामी विवेकानंद में ही था, क्योंकि…

समाज को अपना करने का गुरुमंत्र याने ‘कर्मयोद्धा राम नाईक’ ग्रंथ -राज्यपाल श्री भगत सिंह कोश्यारी

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  मुंबई, मंगलवार : "सदाचार से संपूर्ण समाज को अपना करने का गुरुमंत्र 'कर्मयोद्धा राम नाईक' ग्रंथ से प्राप्त होता है", इन शब्दों में महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री भगत सिंह कोश्यारी ने मुंबई के राजभवन में उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल श्री राम नाईक के जीवन पर आधारित 'कर्मयोद्धा राम…

स्वामी विवेकानंद: कड़ी मेहनत, समर्पण और आध्यात्मिक शक्ति से बदल सकता है भारत

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युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को बंगाल में हुआ था। उनका बचपन का नाम नरेंद्र दत्त था। स्वामी विवेकानंद की जयंती को देश में राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन युवाओं को कुछ करने की प्रेरणा देता है। हमारे देश…

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