मेष राशि
दि. 20 तक मंगल स्वराशिगत रहने से उत्साह एवं उद्यम में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में सफलता के योग बन रहे हैं। कुछ रुके हुए महत्वपूर्ण कार्य बनने के योग बन रहे हैं। दि. 20 से मंगल द्वितीय होने से उच्च विद्या प्राप्ति एवं व्यवसाय के क्षेत्र में कुछ संघर्ष आ सकते हैं या उतार-चढ़ाव की सम्भावना है। परिवार में कुछ तनावपूर्ण वातावरण रह सकता है। उपाय- हनुमान जी की आराधना करें।

वृषभ राशि
दि. 8 से शुक्र तृतीय होने से उलझन एवं तनावपूर्ण वातावरण रहेगा। संयम और गम्भीरता से कार्य करने पर लाभ व उन्नति के मार्ग बनेंगे। दि. 20 से मंगल का संचार रहने से व्यर्थ की दौड़ धूप एवं सगे सम्बंधियों-मित्रों से तनाव बढ़ सकता है। परिवार में मतभेद भी हो सकते हैं। जिसके कारण मन अशांत रहेगा, क्रोध पर नियंत्रण रखें। उपाय- भगवान गणपति जी की आराधना करें।

मिथुन राशि
यह महीना सोची हुई योजनाओं में प्रगति करने वाला हो सकता है। दि. 22 तक बुध स्वराशि में होने से रुके हुए कार्यों में सिद्धि मिल सकती है। सवारी आदि का क्रय-विक्रय एवं परिवार में धर्म-कर्म के कार्यों पर खर्च अधिक हो सकता है। दि. 22 से बुध कर्क में रहने से कुछ घरेलू समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है। उपाय- भगवान गणपति जी की आराधना करें।

कर्क राशि
यह महीना अच्छा फल देने वाला हो सकता है। दि. 1 से गुरु का संचार (उच्चस्थ होकर) इस राशि पर होने से मान-सम्मान में वृद्धि, धर्म कर्म में रुचि, संतान सम्बंधी सुख तथा भाग्य की उन्नति हो सकती है। भाग्यवश खुशी के अवसर मिलेंगे। व्यापार और कार्य क्षेत्र में उन्नती होने के योग हैं। उपाय- भगवान विष्णु जी की आराधना करें।

सिंह राशि
यह महीना सामान्य रहेगा। इस राशि पर केतु स्थित हैं एवं राशि स्वामी सूर्य दशम स्थान में होने से निर्वाह के योग्य आय के साधन बनते रहेंगे, परंतु संघर्ष अधिक हो सकता है। वाणी पर संयम रखें, क्रोध पर नियंत्रण रखें, धर्म और आध्यात्म में अधिक रुचि होगी। शनि की ढैया के कारण मन अशांत रहेगा। लोगों से व्यवहार खराब न करें। परिवार का वातावरण कुछ अशांत रहेगा। उपाय- भगवान गणपति जी की आराधना करें।

कन्या राशि
यह महीना उत्तम फल देने वाला रहेगा। परिवार में शुभ मांगलिक कार्य होने की सम्भावना बन रही है। मित्रों और परिवारजनों से सहयोग प्राप्त होगा। दि. 22 से बुध एकादश स्थान में आने से अनेक उतार चढ़ाव हो सकते हैं और जीवन में अनेक प्रकार के परिवर्तन हो सकते हैं, यद्यपि धन लाभ एवं उन्नति के अवसर प्राप्त होते रहेंगे। उपाय- विष्णु जी के सहस्त्रनाम का पाठ करें।

तुला राशि
यह महीना थोड़ा संघर्षपूर्ण हो सकता है, पर अच्छे व्यवहार और क्रोध पर नियंत्रण रखने से काम बन सकते हैं। दि. 8 से राशि स्वामी शुक्र दशम में होने से दौड़ धूप अधिक करनी पड़ सकती है। भाई-बंधुओं से कुछ वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। पूर्व में किए हुए अच्छे कार्यों और पुरुषार्थ के द्वारा सफलता प्राप्त होगी। उपाय- भगवान गणपति जी की आराधना करें।

वृश्चिक राशि
यह महीना उत्साह में वृद्धि करने वाला होगा। मंगल गुरु की शोभा दृष्टि होने से परिवार में शुभ समाचार सुनने को मिलेंगे। घर में कुछ मांगलिक कार्य होने की सम्भावना बन रही है। नए-नए कार्य प्रारम्भ करने की योजना बन सकती है। पुरुषार्थ और पूर्व में किए हुए अच्छे कार्यों से अनेक कार्य बनने के योग बन रहे हैं। उपाय- पुरुषोत्तम माह में भोलेनाथ की आराधना करें।

धनु राशि
यह महीना कुछ मिला-जुला फल देने वाला होगा। राशि स्वामी गुरु अष्टम में आने से विदेश सम्बंधी कार्यों में कुछ रुकावटें आ सकती हैं। आर्थिक व्यवहार सोच समझकर करें। व्यवसाय के क्षेत्र में संघर्षपूर्ण स्थिति बन सकती है, परंतु महीने के उत्तरार्द्ध में किसी विशेष कार्य बन जाने की खुशी प्राप्त होगी। उपाय- पुरुषोत्तम माह में भगवान विष्णु जी की आराधना करें।

मकर राशि
यह महीना स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं रहेगा। दि. 1 से गुरु की नीच दृष्टि होने से जल्दबाजी और उतावलेपन से किए हुए कार्यों से हानि होने की सम्भावना बन रही है। शारारिक कष्ट और मानसिक परेशानी भी आ सकती है। माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करें। मित्रों और परिवारजनों से स्नेह बनाकर रखें, इससे कार्य सफल हो सकते हैं। उपाय- बृहस्पति भगवान का व्रत करें।

कुम्भ राशि
यह महीना सामान्यतया मिला जुला असर देने वाला होगा। गुरु की दृष्टि हट जाने से कारोबार में व्यर्थ की परेशानी और साझेदारी में हानि होने के योग बन रहे हैं। विभिन्न आर्थिक योजनाओं को क्रियान्वित करने से परेशानी व विलम्ब होने से मानसिक तनाव हो सकता है। परिवार और मित्रजनों से व्यवहार बनाकर रखें, इससे सफलता प्राप्त हो सकती है। उपाय- भगवान विष्णु जी की आराधना करें।

मीन राशि
यह महीना बहुत उत्तम फल देने वाला रहेगा। दि. 1 से उच्च गुरु की स्वग्रही दृष्टि होने से परिवार में शुभ मंगल कार्य होने के योग बन रहे हैं। कुछ सोची हुई योजनाओं में आंशिक सफलता प्राप्त होगी, परंतु शनि की साड़ेसाती होने से स्वास्थ्य की हानि तथा घरेलू उलझन के कारण मन अशांत रहेगा। उपाय- हनुमान जी की आराधना करें।

-पंडित अजय मिश्रा
