भारतीय रेल द्वारा संचालित ‘रेलवन’ एप के माध्यम से यात्रियों को अब रिजर्व टिकट, जनरल और प्लेटफॉर्म टिकट, सीजन पास, पीएनआर स्टेटस, लाइव ट्रेन ट्रैकिंग और कोच पोजिशन जैसी आवश्यक सुविधाएं सहज उपलब्ध होंगी।
भारतीय रेल द्वारा संचालित ‘रेलवन’ एप के माध्यम से यात्रियों को अब रिजर्व टिकट, जनरल और प्लेटफॉर्म टिकट, सीजन पास, पीएनआर स्टेटस, लाइव ट्रेन ट्रैकिंग और कोच पोजिशन जैसी आवश्यक सुविधाएं सहज उपलब्ध होंगी।
भारतीय रेल को भारत की जीवनरेखा कहा जाता है। प्रतिदिन करोड़ों यात्री रेलमार्ग से यात्रा करते हैं। इतने विशाल नेटवर्क को सुचारु रूप से संचालित करना केवल पटरियों और इंजनों का काम नहीं बल्कि एक मजबूत डिजिटल ढांचे की भी आवश्यकता है।

इसी डिजिटल परिवर्तन की कड़ी में भारतीय रेल ने लगभग एक दशक तक यात्रियों की सेवा करने वाले यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप को 1 मार्च 2026 से बंद कर उसकी जगह ‘रेलवन’ सुपर ऐप को प्राथमिक मंच बनाने का निर्णय लिया है। यह बदलाव केवल एक ऐप से दूसरे ऐप में स्थानांतरण नहीं है बल्कि रेलवे की डिजिटल रणनीति में व्यापक परिवर्तन का संकेत है। ‘वन ऐप, ऑल सर्विसेज’ की अवधारणा पर आधारित ‘रेलवन’ यात्रियों को टिकट बुकिंग से लेकर शिकायत निवारण और खानपान तक की सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराता है।
क्यों बंद किया गया णढड ऐप?
‘रेलवन’ को ‘वन ऐप, ऑल सर्विसेज’ की दूरदर्शी अवधारणा पर विकसित किया गया है, जहां रेल यात्रा से जुड़ी हर आवश्यकता एक ही डिजिटल छत के नीचे समाहित है। अब यात्रियों को आरक्षित और अनारक्षित टिकट के लिए अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर भटकने की आवश्यकता नहीं। इस सुपर ऐप के माध्यम से रिजर्व टिकट, जनरल और प्लेटफॉर्म टिकट, सीजन पास, पीएनआर स्टेटस, लाइव ट्रेन ट्रैकिंग और कोच पोजिशन जैसी आवश्यक सुविधाएं सहज उपलब्ध होंगी। यही नहीं ‘ई-कैटरिंग’ से सीट पर भोजन, ‘रेल मदद’ के जरिए त्वरित शिकायत समाधान और ‘आर-वॉलेट’ सहित सुरक्षित डिजिटल भुगतान इसे और सशक्त बनाते हैं।

‘रेलवन’ केवल टिकटिंग टूल नहीं बल्कि आधुनिक, स्मार्ट और समग्र यात्रा प्रबंधन का विश्वसनीय डिजिटल साथी है। ‘रेलवन’ से टिकट बुकिंग सहज डिजिटल अनुभव में बदल जाएगी। अनारक्षित टिकट के लिए उपयोगकर्ता ‘बुक टिकट’ पर टैप कर स्टेशन और श्रेणी चुनते ही यूपीआई, कार्ड, नेटबैंकिंग या आर-वॉलेट से भुगतान कर सकते हैं और तुरंत क्यूआर कोड सहित ई-टिकट प्राप्त कर सकते हैं।
आरक्षित यात्रा के लिए ‘प्लान माय जर्नी’ विकल्प में ट्रेन, तिथि, कोटा और क्लास चुनकर यात्री विवरण भरते ही टिकट कंफर्म हो जाता है। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, सुरक्षित और समय-बचत करने वाली है। बुकिंग के बाद ‘माय बुकिंग’ सेक्शन से रद्दीकरण, स्थिति जांच और टिकट प्रबंधन एक क्लिक में सम्भव है यानी यात्रा अब सचमुच आपकी उंगलियों पर हैं।
3 प्रतिशत डिजिटल छूट: स्मार्ट यात्रियों के लिए अतिरिक्त लाभ
‘रेलवन’ ऐप के माध्यम से जनरल टिकट बुक करने वाले यात्रियों को डिजिटल भुगतान पर 3 प्रतिशत तक की आकर्षक छूट दी जा रही है। यह विशेष ऑफर 14 जुलाई 2026 तक मान्य रहेगा। रेलवे का यह कदम कैशलेस लेन-देन को बढ़ावा देने और डिजिटल इंडिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। नियमित यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह छूट भले ही छोटी लगे, लेकिन लम्बे समय में यह उल्लेखनीय बचत में बदल सकती है। सुरक्षित, तेज और पारदर्शी भुगतान के साथ अब यात्रा और भी किफायती हो गई है।
फूड क्वालिटी सुधार: स्वाद, स्वच्छता और जवाबदेही का नया मानक
‘रेलवन’ की एक महत्वपूर्ण विशेषता ‘ई-कैटरिंग’ सुविधा है। यात्री अपनी सीट पर ही भोजन ऑर्डर कर सकते हैं। ‘रेलवन’ की ई-कैटरिंग सुविधा ने रेल यात्रा के खानपान अनुभव को एक नई गुणवत्ता प्रदान की है। अब यात्री अपनी सीट पर बैठकर ही शाकाहारी, जैन एवं विविध व्यंजनों में से चयन कर सकते हैं। प्रतिष्ठित और प्रमाणित फूड पार्टनर्स के साथ जुड़ाव से भोजन की स्वच्छता और मानक सुनिश्चित किए गए हैं।
ऑर्डर ट्रैकिंग की सुविधा से यात्री अपने भोजन की स्थिति पर ध्यान रख सकते हैं, जबकि डिजिटल भुगतान और आर-वॉलेट रिफंड विकल्प प्रक्रिया को पारदर्शी और सहज बनाते हैं। सबसे उल्लेखनीय पहल यह है कि यदि भोजन की गुणवत्ता या सेवा में कोई कमी हो तो यात्री तुरंत ‘रेल मदद’ के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इससे त्वरित समाधान और जवाबदेही सुनिश्चित होती है और रेल यात्रा अब स्वाद और विश्वास दोनों में बेहतर होगी। इस प्रकार फूड क्वालिटी में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में यह एक सकारात्मक कदम है।
लाइव अपडेट: स्मार्ट यात्रा की नई परिभाषा
‘रेलवन’ ऐप यात्रियों को रीयल-टाइम सूचना का सशक्त माध्यम प्रदान करता है। अब लाइव ट्रेन स्टेटस, पीएनआर स्थिति, कोच पोजिशन और प्लेटफॉर्म नम्बर की जानकारी एक ही डिजिटल डैशबोर्ड पर उपलब्ध होगी। यात्री ट्रेन की वर्तमान लोकेशन देख सकते हैं, सम्भावित देरी का पूर्वानुमान पा सकते हैं और अपने कोच की सटीक स्थिति जानकर अनावश्यक भागदौड़ से बच सकते हैं।

‘रेलवन’ ऐप ने शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और प्रभावी बना दिया है। रेल मदद से एकीकृत यह प्रणाली सफाई, सुरक्षा, भोजन, स्टाफ व्यवहार या अन्य सेवाओं से जुड़ी शिकायतों को तुरंत ऑनलाइन दर्ज करने की सुविधा देती है, जिससे त्वरित कार्रवाई सम्भव होती है। इसके साथ ही कुली बुकिंग और लास्ट-माइल टैक्सी जैसी सुविधाएं यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाती हैं। बहुभाषीय समर्थन (हिंदी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं में) इसे देशभर के यात्रियों के लिए सहज और समावेशी डिजिटल साथी बनाता है।
सुरक्षित भुगतान और हेल्पडेस्क सुविधा
‘रेलवन’ एंड-टू-एंड सिक्योरिटी आर्किटेक्चर के साथ विकसित किया गया है, जिससे प्रत्येक लेन-देन सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड रहता है। यात्री यूपीआई, डेबिट/क्रेडिट कार्ड, नेटबैंकिंग तथा आर-वॉलेट के माध्यम से तेज और विश्वसनीय भुगतान कर सकते हैं। रेल मंत्रालय ने यात्रियों से आग्रह किया है कि वे 1 मार्च 2026 से पहले ऐप डाउनलोड कर नई प्रणाली से परिचित हो जाएं।
डिजिटल विस्तार के इस युग में समेकित, बहु-आयामी और अधिक सक्षम प्लेटफॉर्म की आवश्यकता थी। ठरळश्रजपश उसी दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जहां टिकट बुकिंग, ट्रेन जानकारी, खानपान सेवा और शिकायत निवारण एक ही डिजिटल छत के नीचे उपलब्ध हैं। यदि यह सुपर ऐप अपने वादों पर पूर्णतः खरा उतरता है तो यह भारतीय रेल की तकनीकी यात्रा में ऐतिहासिक मील का पत्थर सिद्ध होगा।
-योगेश कुमार गोयल

