21वीं सदी के बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत एक उभरती हुई अंतर्राष्ट्रीय शक्ति के रूप में तेजी से स्थापित हो रहा है। भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक अस्थिरता, आपूर्ति श्रृंखला संकट, जलवायु परिवर्तन और तकनीकी प्रतिस्पर्धा जैसी अनेक चुनौतियों के बीच भारत ने अपनी नीतियों को इस प्रकार ढाला है कि वह न केवल स्वयं को सुदृढ़ करे, बल्कि वैश्विक व्यवस्था में भी एक निर्णायक भूमिका निभा सके। भारत की विदेश नीति, स्वदेशी दृष्टिकोण, ‘मेक इन इंडिया’, ‘आत्मनिर्भर भारत’, डिजिटल और आर्थिक मॉडल, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास तथा सामाजिक कल्याण योजनाएं मिलकर इस उभरती शक्ति की मजबूत नींव तैयार कर रही हैं।
भारत की विदेश नीति आज बहु-आयामी और संतुलित है। एक ओर भारत ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना के साथ वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देता है, वहीं दूसरी ओर अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए रणनीतिक साझेदारियों को भी मजबूत करता है। अमेरिका, रूस, यूरोप, जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के साथ भारत के संबंध संतुलन और व्यावहारिकता का उदाहरण हैं। ‘क्वाड’ जैसे मंचों पर भारत की सक्रियता इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में उसकी बढ़ती भूमिका को दर्शाती है। वहीं, ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज बनकर भारत विकासशील देशों के हितों की वकालत भी कर रहा है।
स्वदेशी नीति भारत के आत्मसम्मान और आर्थिक स्वतंत्रता का आधार रही है, जिसे वर्तमान समय में नए रूप में पुनर्जीवित किया गया है। यह नीति केवल घरेलू उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि नवाचार, स्थानीय उद्योगों के सशक्तिकरण और रोजगार सृजन से भी जुड़ी हुई है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए ‘मेक इन इंडिया’ अभियान ने भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और मोबाइल निर्माण जैसे क्षेत्रों में भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की है।
‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल ने इस दिशा को और व्यापक बना दिया है। इसका उद्देश्य केवल आयात पर निर्भरता कम करना नहीं, बल्कि भारत को एक मजबूत, प्रतिस्पर्धी और नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था में बदलना है। कोविड-19 महामारी के दौरान भारत ने दवाओं और वैक्सीन उत्पादन में आत्मनिर्भरता दिखाते हुए न केवल अपने नागरिकों की रक्षा की, बल्कि अन्य देशों को भी सहायता प्रदान की। यह भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ और वैश्विक जिम्मेदारी का उदाहरण है।
भारत का आर्थिक और डिजिटल मॉडल आज विश्व के लिए एक मिसाल बन रहा है। डिजिटल इंडिया अभियान के तहत आधार, यूपीआई, डिजिलॉकर और डिजिटल भुगतान प्रणाली ने भारत को एक डिजिटल क्रांति के केंद्र में ला खड़ा किया है। आज भारत में होने वाले डिजिटल लेन-देन की संख्या विश्व में सबसे अधिक है, जो पारदर्शिता और समावेशन को बढ़ावा देती है। इससे छोटे व्यवसायों, स्टार्टअप्स और आम नागरिकों को नई आर्थिक संभावनाएं मिली हैं।
इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास भारत की प्रगति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। सड़क, रेल, हवाई अड्डे, बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में तेजी से सुधार हुआ है। ‘पीएम गति शक्ति योजना’ इस दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है, जिसका उद्देश्य विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को एकीकृत करना और उनकी गति बढ़ाना है। इससे न केवल लागत में कमी आती है, बल्कि परियोजनाओं के समय पर पूरा होने की संभावना भी बढ़ती है। यह भारत को वैश्विक निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाता है।

सामाजिक कल्याण योजनाएं भी भारत के विकास मॉडल का अभिन्न हिस्सा हैं। जनधन योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना और खाद्य सुरक्षा कार्यक्रमों ने करोड़ों लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाया है। इन योजनाओं का उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है— यानी ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’।
भारत का यह समग्र विकास मॉडल उसे एक विश्वसनीय और जिम्मेदार वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित कर रहा है। जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर भारत की प्रतिबद्धता, अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन जैसी पहल और शांति एवं स्थिरता के प्रति उसकी नीतियां इसे वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ा रही हैं।
हालांकि चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं— जैसे बेरोजगारी, आय असमानता, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता तथा वैश्विक प्रतिस्पर्धा का दबाव। लेकिन भारत की नीतिगत स्पष्टता, लोकतांत्रिक प्रणाली और युवा जनसंख्या इन चुनौतियों को अवसर में बदलने की क्षमता रखती है।
अंततः, यह कहा जा सकता है कि भारत आज केवल एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि एक ऐसी शक्ति है जो वैश्विक संतुलन को प्रभावित करने की क्षमता रखती है। अपनी परंपराओं और आधुनिकता के संतुलन के साथ, भारत न केवल अपने लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक स्थिर, समावेशी और टिकाऊ भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।
-सूर्य नारायण सिंह


Sir , Thank you for such a wonderful article which gives a clear picture of our progressive INDIA…am sure this need to travel to each and very indian and the entire universe so that no one should be in doubt about what we were, what we have become and our vision for the coming years. Good Going INDIA and Thank You once again Mr. Surya Narayan Singh for such a beautiful crafted artical. Keep Going …waiting eagerly for your next artical. Regards.
Babboo !!!
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