विकसित भारत की ओर बढ़ने के लिए आवश्यक जनसम्पत्ति और धनसम्पत्ति भारत में है. परंतु इस शक्ति को समझकर राष्ट्रदेव के चरणों मे समर्पित करने का भाव हमे जागृत करना है.
आज वंदनीया लक्ष्मीबाई केलकर (मौसी जी) के जन्मदिन यानी कि संकल्प दिन के अवसर पर गत 90 वर्षो से चल रहे समिति कार्यरूपी स्त्रीशक्ति जागरण के कार्य को अबाधित गति से प्रवाहित रखने का संकल्प लेना है.


राष्ट्र सेविका समिति की अखिल भारतीय कार्यकारिणी एवं प्रतिनिधि मंडल की प्रथम अर्धवार्षिक बैठक में यह बात प्रमुख कार्यवाहिका माननीय सीता गायत्री जी ने कही.
उन्होंने आगे कहा कि, ईरान में मेडिकल सहायता के साथ पहुचा भारतीय विमान वसुधैव कुटुम्बकम का प्रत्यक्ष उदाहरण है. आंतरराष्ट्रीय रसायन विज्ञान ओलंपियाड मे स्वर्णपदक एवम ICC महिला T20 विश्व कप में भारत की शानदार जीत अलग अलग क्षेत्रों में बढ़ रहे भारत के प्रभाव का परिचायक है.


24 जुलाई 2026 से तीन दिन चलनेवाली यह बैठक, वंदनीया प्रमुख संचालिका मा. शांताकुमारी जी तथा प्रमुख कार्यवाहिका मा. सीता गायत्री जी की उपस्थिति में माधव स्मृति परिसर, समालखा, हरियाणा में प्रारंभ हुई.
बैठक का प्रारम्भ दीप प्रज्वलन के पश्चात राष्ट्र सेविका समिति की दिवंगत पूर्व अखिल भारतीय सहकार्यवाहिका माननीया रुक्मणी अक्का जी और माननीया रेखाताई राजे जी को श्रद्धांजलि दे कर हुआ. इसी के साथ समिति के अन्य दिवंगत कार्यकर्ताओं, गणमान्य नागरिक आशा जी भोसले, सुमन कल्याणपुरे, एस जानकी जी आदि, एवं आतंकवादी हमले में मारे गये देश बान्धवों, सेना के जवानों और दुर्घटनाओं तथा प्राकृतिक आपदाओं में हताहत हुए लोगों को भी प्रतिनिधियों द्वारा श्रद्धांजलि
दी गयी.
समिती के इस बैठक में 38 प्रांतों से लगभग 500 प्रतिनिधि सेविकाए सहभागी होने का अनुमान है
आज सुबह उद्घाटन सत्र मे प्रमुख कार्यवाहिका माननीया सीता गायत्री जी ने समिति कार्य का वृत्त दिया साथ ही शिक्षा वर्गों की समीक्षा की. समिती की शाखा संख्या ,मिलन केन्द्र, शाखायुक्त जिले और सेवा कार्य में वृध्दी हुई है. 2866 जगहोंपर सेवाकार्य शुरु है.सेवाकार्य शिक्षा, संस्कार ,स्वावलंबन और आरोग्य के क्षेत्र में विविध प्रकल्प के रूप मे होता है एवं योग केंद्र भी चलाए जा रहे है . दुर्गम भागों की लडकीयों के लिये छात्रावास चलाए जा रहे है. 2026 में
देशभर में विभिन्न स्थानों पर 250 वर्ग आयोजित किये गये जिसमे लगभग 15,241 सेविकाओंने प्रशिक्षण प्राप्त किया.

इस वर्ष बंगाल में लंबे समय के अन्तराल के बाद समिति की सेविकाओं ने पथ संचलन का नियोजन किया. जम्मू के शिक्षा वर्ग मे भारी वर्षा और आँधी के चलते भी सेविकाओं ने मैदान मे डटे रहकर अदम्य साहस का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया. वंदनीया प्रमुख संचालिका जी के छत्तीसगढ प्रांत के प्रवास मे उन्होने लगभग 25 विभिन्न समुदायों की महिलाओ के साथ सामाजिक सद्भाव बैठक की.
वैश्विक महिला दिवस के उपलक्ष्य में भारतीय विद्वत परिषद के साथ मिलकर राष्ट्र सेविका समिति द्वारा दिल्ली के विज्ञान भवन मे ‘नारी से नारायणी’ नाम से सम्मेलन का आयोजन हुआ. जिसमें देशभर से 1500 से अधिक महिलाएं सम्मिलित हुई. इस कार्यक्रम के समापन मे महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी जी मुर्मू का मार्गदर्शन मिला.
समालखा मे चल रही इस बैठक में समिति की विविध स्तर की पदाधिकारी उपस्थित है .
बैठक का समापन 26 जुलै को होगा.
