महत्वाकांक्षाओं के चिराग जब विधर्मीयों के तेल से जलते है तो ऐसे चिराग रोशनी नहीं करते बल्कि सबसे पहले अपनी जिंदगी को खुद अपने हाथों से जलाते है…
खबर हर बार की तरह वही पुरानी होती है सिर्फ नाम बदल जाते है…आज किसी भी वहाबी तब्लीगी के मोबाइल को खंगालकर देख लो , सभी के मोबाइल में हिंदुओं की अनगिनत लड़कियों के पॉर्न वीडियो और न्यूड फोटो गैलरी में मिल जाएंगे… हिंदुओं की लड़कियां न पहले कभी समझ पाई थी और न ही अब समझ पाएंगी और न ही समझने को तैयार है… आखिर ऐसा क्या है जो इन हिंदू लड़कियों का इस ब्रेन वाश कर दिया जाता है ???
गहनता से विचार करेंगे तो पायेंगे कि इसके पीछे है आज का भौतिकवादी सामाजिक परिवेश… लग्जरी , महंगे होटल में खाना , रोज नई नई ड्रेस पहनकर रील बनाकर बढ़ते लाइक कमेंट से बैठे बैठे रुपए बटोरने की चाहत ने हिंदू लड़कियों का नैतिक पतन कर दिया है…

दरअसल मध्यमवर्गीय हिंदू में कमाने वाला एक होता है जिसकी तनख्वाह से घर ही बामुश्किल चलता है , वही एक वहाबी तब्लीगी के घर में 15 बच्चे और खुद मां बाप तो सभी सत्रह के सत्रह कमाने वाले , कोई सौ रूपए के संतरे लेकर टोकरी में डालकर सड़क किनारे बैठ जाएगा तो कोई मोटरसाइकिल मिस्त्री के यहां शागिर्द लग जाएगा तो कोई पंचर , एसी, फर्नीचर या कबाड़ी का काम कर लेगा… फिर इनके यहां जो जितनी बड़ी चोरी डकैती करेगा , उसका उतना बड़ा रुतबा होगा , फिर वो सेकुलर सरकारों की आंख का तारा बन जाएगा…
वही होता क्या है कि हिंदू के घर में कमाने वाला एक और खर्चे सौ और वहाबियों के यहां खर्चा चवन्नी और आमदनी हजार रुपए क्योंकि राशन सरकार की तरफ से मुफ्त , इलाज मुफ्त और बच्चे पैदा करने के बाद सरकारी अनुदान अलग ,सुकन्या जैसी सरकारी योजनाओं में हिन्दुओं की पांच बेटियों के नाम होंगे तो विधर्मी वहाबियों के परिवार में गर्भ में पल रहे बच्चे के सिवाय सभी बच्चों के नाम सरकारी योजनाओं में जुड़े होंगे…
अब आते है असल मुद्दे पर…
हिंदू परिवार के लड़के के पास इतना पैसा नहीं होता कि वह आज की आधुनिक लड़कियों का खर्चा उठा सके… हिंदू परिवार का पालक अपने बच्चे के स्कूल की फीस में ही दब जाता है और फिर स्कूल से आने जाने का किराया अलग तो ऐसे में हिंदू लड़कों के लिए हिंदुओं लड़कियों का नजरिया अधिकतर अलग रहता है…
फिर सामने आते है सोनू मोनू टोनू बने अब्दुल , असलम , जुम्मन जो हाथ में कलावा पहनकर मंदिरों में टारगेट करके ऐसी ही लड़कियां चुनते है जिनकी महत्वाकांक्षाओ को पर लगे हुए होते है… किसी तरह उनकी इंस्टा आई डी में घुसकर उन्हें मिलने के लिए पहली ही मुलाकात में ऐसे रेस्टोरेंट या होटल में बुलवाते है जो हिंदू लड़के की जेब से ही नहीं बल्कि सोच से भी बाहर हो… फिर वहां पहली ही मुलाकात में कोई महंगा तौफा जैसे कोई ब्रांडेड ड्रेस , परफ्यूम ,आर्टिफिशल ज्वैलरी देते हुए कहेंगे कि इस ड्रेस को जब भी पहनकर तुम खुद को शीशे में देखोगी तुम्हे मै ही आस पास दिखाई दूंगा , इस परफ्यूम की महक में तुम्हे मेरी मोहब्बत की खुशबू मिलेगी जिसमें मेरी सांस शामिल होगी , ये ज्वेलरी पहनकर जब तुम आईने में खुद को देखोगी तो तुम्हे एक चमकता हुआ चांद सा चेहरा दिखाई देगा वो चेहरा भले तुम्हारा होगा मगर उसकी चमक मेरी मोहब्बत की होगी बला बला…
फिर सिलसिला आगे बढ़ते हुए एक दिन फर्जी जन्मदिन का ड्रामा शुरू होगा … बीयर पीते हुए हुक्का बार में धुंआ उड़ाते हुए वेज कबाब से नॉन वेज सीक कबाब तक होता हुआ कब नंगा होकर मोबाइलों में कैद हो जाएगा , उन लड़कियों को पता भी नहीं चलेगा … वो वीडियो जिहाद के सरपरस्त देखकर उस सोनू मोनू टोनू को पैसा भेजते रहेंगे…
हिंदू लड़की की झांझ तब टूटेगी जब सोनू मोनू टोनू कहेंगे कि अब अपनी किसी हिंदू सहेली को लेकर आ वरना तेरी वीडियो तेरे बाप भाई को भेजकर पूरे मोहल्ले में बंटवा दूंगा… तब उसे समझ में आता है कि जिस होटल में या हुक्का बार में वो जन्मदिन के नाम का केक चरने गई थी , अब वो चारा बना दी गई है…

और सेकुलर सरकारे लड़कों से गलती हो जाती है का ज्ञान पेलकर भाई चारा को बचाने की दुहाई देते है…
लव जिहाद से बचना है तो पहले हिन्दू लड़कियों को अपनी महत्वाकांक्षाओं के पंखों को जलाना होगा , अपनी आजादी वाली सोच के परिंदों को पिंजरे में कैद करना होगा वरना बाहर बहुत बाज बैठे है , तुम्हे नोचने के लिए , खरोचने के लिए …
अब इससे वहाबियों को आखिर हासिल क्या हुआ ???
यही उनकी हिंदुओं से असली लड़ाई करने का तरीका है जिसमें बिना बम बंदूक गोली के कई परिवार तबाह और खत्म कर दिए , वर्तमान के भी और भविष्य के भी…
होता क्या है कि एक हिंदू लड़की जब हिंदू लड़के से विवाह करके संतान पैदा करती है तो वो एक कुल की वंश बेल नहीं बल्कि हिंदू बढ़ाती है जो भविष्य में और हिन्दू नस्लों को आगे बढ़ाने का कार्य करेगी , कुल मिलाकर हिन्दू लड़कियों , हिंदू आबादी की एक तरह से वो पाइप लाइन है जिसे काट दिया तो हिन्दू खत्म हो जाएगा…
यही हो रहा है , वहाबी तब्लीगी हिंदू बेटियों का यौन शोषण ही नहीं कर रहे बल्कि वो एक अदृश्य युद्ध लड़ रहे है जिससे हिंदू वाकिफ नहीं है…

अब जो हिन्दू लड़की लव जिहाद का शिकार हो गई , उसके गर्भ में वहाबी बीज पनप गया तो उस लड़की के मां बाप उसे लोक लाज की खातिर उसका जीवित रहते पिंड दान कर देते है मजबूरन वो लड़की उसी सोनू मोनू टोनू के घर आ जाती है जहां वो पहले घर के सभी मर्दों द्वारा नोची जाती है और बाद में उससे दस बीस बच्चे पैदा करने के बाद या तो किसी कोठे में बेच दी जाती है या फिर उसके शरीर का ऑर्गन का सौदा कर दिया जाता है…
जो हिंदू लड़की हिंदू घर में एक ही आदमी के साथ रहकर एक हिंदू संतान को जन्म देती वो अब किसी वहाबी कबाड़ी सोनू मोनू टोनू नाम के चोर के बच्चे को जन्म देकर हिंदुओं के ही विरुद्ध एक हथियार उपलब्ध करवा देगी , अपने जिस्म को सोनू मोनू टोनू और पड़ोसियों के लिए नुचवा नुचवा कर उन्हें आर्थिक रूप से भी मजबूत करेगी और जब वहाबी शरीर का सारा रस निचोड़ लेंगे तब उसे छोड़ देंगे किसी निजी अस्पताल में अपना मांस कटवाकर किसी और के लगने के लिए…
हिंदू लड़कियां जरा सोचे कि अब किसे क्या मिला ??? और खासतौर से तुम्हारी एक फैशनेबल दिखने की चाहत ने तुम्हे क्या क्या दिखा दिया ???
इन सबके बीच एक बात तय है कि वहाबी रुकने वाले नहीं है , अब तुम अपना देख लो…
व्यथित हृदय से…
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