भारत का इतिहास केवल राजाओं, युद्धों और सत्ता परिवर्तन का इतिहास नहीं है अपितु, इसे लोक-शक्ति, संत-शक्ति और समाज-शक्ति के...
संकट का क्षण हमेशा अचानक आता है। उस समय आसपास बहुत कुछ दिखाई देता है, फिर भी मन सबसे पहले...
जब तक समर्थों की वाणी में, सत्य-हुंकार नहीं होगी, सामने खड़े इस षड्यंत्र की, कभी हार नहीं होगी। तटस्थ रहना...
पितृपक्ष हिंदू धर्म का वह पावन काल है जब हम अपने दिवंगत पूर्वजों—पिता, माता, दादा-दादी और अन्य पितरों—को श्रद्धापूर्वक याद...
भारत के पर्व केवल पूजा और अनुष्ठान की परंपराएँ नहीं हैं। वे समाज के अनुभव, परिवार के संबंध, लोक-स्मृति, प्रकृति...
“दुर्गम काज जगत के जेते। सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते॥” हनुमान चालीसा की यह पंक्ति केवल श्रद्धा की अभिव्यक्ति नहीं है।...
भारतीय संस्कृति में पितृपक्ष का विशेष महत्व है। यह वह पवित्र अवधि है जब हिंदू धर्म के अनुयायी अपने दिवंगत...
कोलकाता एयरपोर्ट के रनवे के पास स्थित मस्जिद में नमाज पर रोक और उसके बाद कलकत्ता हाई कोर्ट में हुई...
एनसीईआरटी के ‘अंतरा’ पाठ पर बड़ा सवाल: समाज सुधार की कहानी या ब्राह्मण, धर्म और परंपरा को कठघरे में खड़ा...
किसी घायल, बीमार अथवा संकट में फंसे बाघ को बचाना वन विभाग और वन्यजीव संरक्षण तंत्र की सबसे कठिन दायित्वों...
हनुमान अंश फिल्म आज की तथाकथित चमचमाती शैली से सैकड़ों मील दूर है। इस फिल्म की सादगी ही उसकी सामर्थ्य...
भारतीय संस्कृति और हिंदू धर्म में समय-समय पर आने वाले पर्व-त्योहार न केवल उत्सव के अवसर होते हैं, बल्कि जीवन...
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