भारतीय क्रिकेट के इतिहास में रोहित शर्मा और विराट कोहली ये दो नाम पिछले एक दशक से लगातार चर्चा में रहे हैं। अपनी शानदार बल्लेबाजी के दम पर इन दोनों खिलाड़ियों ने भारत को कई ऐतिहासिक जीत दिलाई हैं। अब क्रिकेट जगत की नजर 2027 वनडे विश्व कप पर टिकी हुई है और तब तक इन दोनों का सफर कैसा रहेगा, इसे लेकर काफी उत्सुकता है। फिलहाल आईपीएल का सीजन जारी है और रोहित शर्मा ने चोट के बाद दमदार वापसी की है। वहीं विराट कोहली लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। जून 2024 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी-20 विश्व कप जीतने के बाद दोनों खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय टी-20 क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी थी। इसके साथ ही उन्होंने टेस्ट क्रिकेट को भी अलविदा कह दिया है।

रोहित शर्मा और विराट कोहली भारतीय टीम के अनुभवी स्तंभ माने जाते हैं। विराट ने अपनी निरंतरता से विश्व क्रिकेट में अलग पहचान बनाई, जबकि रोहित ने बड़े मुकाबलों में विस्फोटक पारियां खेलकर खुद को ‘हिटमैन’ साबित किया। 2023 विश्व कप में भारत फाइनल तक पहुंचा था, लेकिन खिताब जीतने से चूक गया। ऐसे में दोनों खिलाड़ियों के मन में अब भी विश्व कप जीतने का अधूरा सपना बाकी है।
रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत ने टी-20 विश्व कप, आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप जैसे बड़े खिताब अपने नाम किए हैं। वहीं विराट कोहली ने भी भारतीय क्रिकेट को कई सफलताएं दिलाई हैं। 2008 का अंडर-19 विश्व कप भी विराट की कप्तानी में ही भारत ने जीता था।
हालांकि दोनों खिलाड़ियों की उम्र और फिटनेस को लेकर चर्चा होती रहती है, लेकिन भारतीय टीम के लिए उनका अनुभव बेहद अहम है। 2027 का विश्व कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाएगा। उस टूर्नामेंट तक पहुंचने के लिए रोहित और विराट को अपनी फिटनेस, निरंतरता और मानसिक मजबूती बनाए रखनी होगी। आधुनिक क्रिकेट के व्यस्त कार्यक्रम को देखते हुए वर्कलोड मैनेजमेंट भी काफी महत्वपूर्ण रहेगा।

रोहित शर्मा के लिए नेतृत्व की जिम्मेदारी काफी बड़ी होगी। भारतीय टीम में युवा खिलाड़ियों की संख्या बढ़ रही है और उन्हें सही दिशा देने का काम रोहित को करना होगा। आक्रामक बल्लेबाजी के साथ शांत कप्तानी उनकी सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है। बड़े टूर्नामेंट में टीम को एकजुट रखने की क्षमता उन्होंने कई बार साबित की है।
दूसरी ओर विराट कोहली आज भी दुनिया के सबसे फिट और लगातार प्रदर्शन करने वाले बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। दबाव की स्थिति में रन चेज करना उनकी खासियत है। विराट का अनुभव युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बना हुआ है। उनका जज्बा और खेल के प्रति आक्रामकता अब भी बरकरार है, इसलिए 2027 तक वह टीम के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं।

हालांकि इन दोनों के सामने प्रतिस्पर्धा भी कम नहीं है। शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल, ऋतुराज गायकवाड़, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और अन्य युवा खिलाड़ी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में टीम में अपनी जगह बनाए रखने के लिए रोहित और विराट को निरंतर प्रदर्शन करना होगा। साथ ही चयनकर्ताओं को भी अनुभवी और युवा खिलाड़ियों के बीच सही संतुलन बनाना पड़ेगा।
भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए 2027 विश्व कप भावनात्मक रूप से भी बेहद खास हो सकता है। माना जा रहा है कि यह रोहित शर्मा और विराट कोहली का आखिरी वनडे विश्व कप हो सकता है। ऐसे में दोनों खिलाड़ी एक और विश्व कप जीतकर अपने शानदार करियर को यादगार अंदाज में खत्म करने की कोशिश करेंगे।
–सूर्यकांत

