हिंदी विवेक
  • Login
  • परिचय
  • संपादकीय
  • पूर्वांक
  • ग्रंथ
  • पुस्तक
  • संघ
  • देश-विदेश
  • पर्यावरण
  • संपर्क
  • पंजीकरण
No Result
View All Result
  • परिचय
  • संपादकीय
  • पूर्वांक
  • ग्रंथ
  • पुस्तक
  • संघ
  • देश-विदेश
  • पर्यावरण
  • संपर्क
  • पंजीकरण
No Result
View All Result
हिंदी विवेक
No Result
View All Result
ज़ोजिला सुरंग : हिमालय को चीरती विकास की नई राह”

ज़ोजिला सुरंग : हिमालय को चीरती विकास की नई राह”

by हिंदी विवेक
in मीडिया
0

हिमालय को भारत की जीवनरेखा कहा जाता है। यह केवल बर्फ से ढकी पर्वत श्रृंखलाओं का समूह नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आजीविका, संस्कृति, जल संसाधनों और राष्ट्रीय सुरक्षा का आधार भी है। हिमालय की गोद में बसे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जैसे क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य और सामरिक महत्व के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध हैं, किंतु इन क्षेत्रों के विकास के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा सदैव दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियाँ रही हैं। ऊँचे पर्वत, बर्फीले तूफान, हिमस्खलन और लंबे समय तक बंद रहने वाले मार्ग इन क्षेत्रों को देश के अन्य भागों से अलग-थलग कर देते हैं। विशेष रूप से ज़ोजिला दर्रा दशकों से इस समस्या का प्रतीक रहा है। अब इसी चुनौती का समाधान बनकर उभर रही है ज़ोजिला सुरंग, जिसे भारत की सबसे महत्वाकांक्षी अवसंरचनात्मक परियोजनाओं में गिना जा रहा है।

हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री, जम्मू-कश्मीर की उपस्थिति में सुरंग निर्माण के दौरान ‘ब्रेकथ्रू’ की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई। यह वह क्षण था जब सुरंग के दोनों सिरों को जोड़ने वाली अंतिम चट्टानी दीवार को भेदकर निर्माण कार्य ने एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार किया। इस उपलब्धि ने न केवल परियोजना को पूर्णता के करीब पहुंचाया है, बल्कि यह भी सिद्ध किया है कि भारत अब विश्वस्तरीय इंजीनियरिंग परियोजनाओं को अत्यंत कठिन परिस्थितियों में सफलतापूर्वक पूरा करने की क्षमता रखता है।

India Constructs Tunnel To Connect Kashmir With Ladakh

ज़ोजिला दर्रा श्रीनगर और लेह के बीच स्थित एक महत्वपूर्ण पर्वतीय मार्ग है। समुद्र तल से लगभग 11,500 फीट की ऊँचाई पर स्थित यह दर्रा कश्मीर घाटी को लद्दाख से जोड़ता है। सदियों से यह व्यापार, संस्कृति और लोगों के आवागमन का प्रमुख मार्ग रहा है। प्राचीन काल में इसी मार्ग से मध्य एशिया और तिब्बत तक व्यापारिक गतिविधियाँ संचालित होती थीं। लेकिन आधुनिक युग में भी इस मार्ग की सबसे बड़ी समस्या बनी रही, मौसम। सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण यह मार्ग कई महीनों तक बंद हो जाता है। कभी-कभी छह महीने तक भी यातायात बाधित रहता है। परिणामस्वरूप लद्दाख का संपर्क देश के बाकी हिस्सों से लगभग कट जाता है।

Largest Tunnel Boring Machines (TBM) in the World - ASME

लोगों को आवश्यक वस्तुओं की कमी, चिकित्सा सुविधाओं तक सीमित पहुंच और आर्थिक गतिविधियों में बाधा जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई बार मौसम खराब होने के कारण मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाते। विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती है। व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसलिए लंबे समय से ऐसी व्यवस्था की आवश्यकता महसूस की जा रही थी जो पूरे वर्ष इस क्षेत्र को देश से जोड़े रख सके।

ज़ोजिला सुरंग का विचार नया नहीं है। वर्षों से विशेषज्ञ और नीति निर्माता इस दिशा में विचार करते रहे थे। किंतु कठिन भूगर्भीय परिस्थितियों और विशाल लागत के कारण यह परियोजना लंबे समय तक कागजों तक सीमित रही। 21वीं सदी में जब भारत ने अवसंरचना विकास को प्राथमिकता देना शुरू किया, तब इस परियोजना को नई गति मिली। विस्तृत सर्वेक्षण, भूवैज्ञानिक अध्ययन और तकनीकी परीक्षणों के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ। आज यह परियोजना वास्तविकता का रूप ले रही है। लगभग 14 किलोमीटर लंबी यह सुरंग एशिया की सबसे लंबी दो-तरफा सड़क सुरंगों में शामिल होगी। इसके निर्माण पर हजारों करोड़ रुपये की लागत आ रही है। यह परियोजना आधुनिक तकनीक, उन्नत सुरक्षा मानकों और अत्याधुनिक इंजीनियरिंग समाधानों का उत्कृष्ट उदाहरण है।

हिमालय विश्व की सबसे युवा पर्वत श्रृंखलाओं में से एक है। यहाँ की चट्टानें अपेक्षाकृत अस्थिर हैं और भूकंपीय गतिविधियाँ भी अधिक होती हैं। ऐसे क्षेत्र में सुरंग निर्माण अत्यंत जटिल कार्य माना जाता है। निर्माण के दौरान इंजीनियरों को अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर चट्टानों की संरचना अपेक्षा से भिन्न मिली। कहीं पानी का अत्यधिक रिसाव हुआ तो कहीं अत्यधिक ठंड ने मशीनों के संचालन को प्रभावित किया। कई बार बर्फीले तूफानों के कारण निर्माण कार्य रोकना पड़ा। इसके बावजूद भारतीय इंजीनियरों और श्रमिकों ने कठिन परिस्थितियों में कार्य जारी रखा। आधुनिक ड्रिलिंग मशीनों, भू-वैज्ञानिक निगरानी प्रणालियों और उन्नत निर्माण तकनीकों के प्रयोग से यह परियोजना आगे बढ़ती रही। यह उपलब्धि भारत की तकनीकी क्षमता और इंजीनियरिंग कौशल का प्रमाण है।

कुछ वर्ष पूर्व हिमाचल प्रदेश में निर्मित अटल सुरंग ने पर्वतीय संपर्क व्यवस्था में नया अध्याय लिखा था। उस परियोजना ने यह सिद्ध किया कि कठिन हिमालयी क्षेत्रों में भी विश्वस्तरीय सुरंगों का निर्माण संभव है ।ज़ोजिला सुरंग को अटल सुरंग की सफलता का विस्तारित रूप माना जा सकता है। किंतु चुनौती के स्तर पर यह परियोजना उससे भी अधिक कठिन है। यदि अटल सुरंग हिमाचल के विकास की नई राह बनी, तो ज़ोजिला सुरंग जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के विकास का नया द्वार सिद्ध होगी।

लद्दाख की भौगोलिक स्थिति उसे देश के अन्य क्षेत्रों से अलग बनाती है। सर्दियों में तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे चला जाता है। बर्फबारी के कारण सड़क संपर्क टूट जाता है। ऐसे में खाद्यान्न, दवाइयाँ, ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति चुनौतीपूर्ण हो जाती है। सुरंग के चालू होने के बाद यह स्थिति बदल जाएगी। वर्षभर आवागमन संभव होगा। आपूर्ति श्रृंखला अधिक विश्वसनीय बनेगी। लोगों को जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं के लिए मौसम पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

ज़ोजिला सुरंग का महत्व केवल नागरिक सुविधाओं तक सीमित नहीं है। यह परियोजना राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। लद्दाख भारत की सामरिक दृष्टि से संवेदनशील सीमा है। यहाँ चीन और पाकिस्तान दोनों की सीमाएँ निकट हैं। ऐसे में सेना की त्वरित तैनाती और रसद आपूर्ति अत्यंत आवश्यक होती है। वर्तमान में खराब मौसम के कारण सैन्य गतिविधियाँ प्रभावित हो सकती हैं। सुरंग बनने के बाद सेना को वर्षभर सुरक्षित और तेज संपर्क उपलब्ध होगा। सैनिकों, हथियारों, वाहनों और अन्य आवश्यक सामग्रियों की आवाजाही अधिक सुगमता से हो सकेगी। इससे सीमा क्षेत्रों में भारत की रणनीतिक क्षमता और मजबूत होगी।

13-km Zojila tunnel likely to open for public by 2026-end - The Tribune

लद्दाख और कश्मीर भारत के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में शामिल हैं। बर्फ से ढके पर्वत, नीली झीलें, बौद्ध मठ, साहसिक खेल और अनूठी संस्कृति पर्यटकों को आकर्षित करती है। लेकिन मौसम संबंधी बाधाएँ पर्यटन के विस्तार में रुकावट बनती रही हैं। सड़कें बंद होने से पर्यटकों की संख्या प्रभावित होती है। सुरंग के निर्माण के बाद यह स्थिति काफी बदल सकती है। पर्यटक अधिक सुरक्षित और कम समय में यात्रा कर सकेंगे। यात्रा की अनिश्चितता कम होगी। इससे घरेलू और विदेशी दोनों प्रकार के पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होने की संभावना है। होटल उद्योग, परिवहन सेवाएं, स्थानीय बाजार, हस्तशिल्प और खाद्य व्यवसायों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

किसी भी क्षेत्र के आर्थिक विकास में परिवहन अवसंरचना की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। बेहतर सड़क संपर्क व्यापार और निवेश दोनों को प्रोत्साहित करता है। लद्दाख के स्थानीय उत्पाद जैसे पश्मीना, ऊनी वस्त्र, खुबानी, जैविक कृषि उत्पाद और हस्तशिल्प, देश के बड़े बाजारों तक आसानी से पहुंच सकेंगे। परिवहन लागत कम होगी और उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी। इसके अतिरिक्त, पर्यटन आधारित सेवाओं, छोटे उद्योगों और स्थानीय उद्यमों के विकास को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और युवाओं का पलायन कम हो सकेगा।

बेहतर संपर्क व्यवस्था का प्रभाव केवल अर्थव्यवस्था पर नहीं पड़ता, बल्कि सामाजिक विकास पर भी पड़ता है। सुरंग बनने के बाद दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंच आसान होगी। शिक्षक और शैक्षणिक संसाधन भी बेहतर तरीके से उपलब्ध हो सकेंगे। स्वास्थ्य क्षेत्र में इसका महत्व और अधिक है। गंभीर मरीजों को समय पर बड़े अस्पतालों तक पहुंचाया जा सकेगा। आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता बढ़ेगी। दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति भी अधिक सुचारु होगी।

हिमालयी क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाएँ आम बात हैं। भूस्खलन, हिमस्खलन और बर्फीले तूफान अक्सर जनजीवन को प्रभावित करते हैं। सुरंग के निर्माण से राहत और बचाव कार्यों में तेजी आएगी। आपदा की स्थिति में प्रशासन और सुरक्षा बल प्रभावित क्षेत्रों तक शीघ्र पहुंच सकेंगे। इससे जान-माल के नुकसान को कम करने में सहायता मिलेगी। बड़े अवसंरचनात्मक प्रकल्पों के साथ पर्यावरणीय चिंताएँ भी जुड़ी रहती हैं। हिमालय की पारिस्थितिकी अत्यंत संवेदनशील है। इसलिए विकास कार्यों में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देना आवश्यक है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सुरंग बनने से वाहनों को लंबे और जोखिमपूर्ण पहाड़ी मार्गों से गुजरने की आवश्यकता कम होगी। इससे ईंधन की बचत होगी और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आ सकती है। हालांकि निर्माण और संचालन के दौरान पर्यावरणीय मानकों का कठोरता से पालन किया जाना चाहिए ताकि विकास और संरक्षण के बीच संतुलन बना रहे।

ज़ोजिला सुरंग उस नए भारत का प्रतीक है जो दुर्गम भौगोलिक बाधाओं को विकास की राह में रुकावट नहीं बनने देना चाहता। पिछले एक दशक में देश ने सड़कों, रेलवे, हवाई अड्डों, बंदरगाहों और सुरंगों के निर्माण में उल्लेखनीय प्रगति की है। चिनाब रेल पुल, अटल सुरंग, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, द्वारका एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और ज़ोजिला सुरंग जैसी परियोजनाएँ केवल निर्माण कार्य नहीं हैं, बल्कि विकास की नई सोच का प्रतिनिधित्व करती हैं। इनका उद्देश्य देश के दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ना और समावेशी विकास सुनिश्चित करना है।

ज़ोजिला सुरंग हिमालय की कठोर चुनौतियों पर मानव संकल्प, तकनीकी दक्षता और राष्ट्रीय दृष्टि की विजय का प्रतीक है। यह केवल एक सुरंग नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के करोड़ों सपनों को जोड़ने वाली विकास की जीवनरेखा है। इसके माध्यम से वर्षभर संपर्क, पर्यटन का विस्तार, व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि, बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाएँ, राष्ट्रीय सुरक्षा की मजबूती तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था का सशक्तीकरण संभव होगा।

आने वाले वर्षों में जब इस सुरंग से होकर लाखों लोग यात्रा करेंगे, तब यह परियोजना केवल इंजीनियरिंग की उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत के समावेशी और दूरदर्शी विकास मॉडल की जीवंत मिसाल के रूप में देखी जाएगी। वास्तव में, ज़ोजिला सुरंग हिमालय को चीरती हुई उस नई राह का निर्माण कर रही है, जिस पर चलकर सीमांत क्षेत्र भी विकास और समृद्धि की मुख्यधारा में पूरी मजबूती के साथ शामिल हो सकेंगे।

– डॉ. दीपक कोहली

Share this:

  • Share on X (Opens in new window) X
  • Share on Facebook (Opens in new window) Facebook
  • Share on LinkedIn (Opens in new window) LinkedIn
  • Share on Telegram (Opens in new window) Telegram
  • Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp
Tags: Atal TunnelBorder Area DevelopmentHimalayan InfrastructureIndian Army Strategic ProjectsKashmir TourismLadakh ConnectivityMega Projects IndiaZojila PassZojila Tunnelअवसंरचना विकासडॉ. दीपक कोहलीप्रेस विज्ञप्तिवैचारिक लेखसामरिक महत्व

हिंदी विवेक

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हिंदी विवेक पंजीयन : यहां आप हिंदी विवेक पत्रिका का पंजीयन शुल्क ऑनलाइन अदा कर सकते हैं..

Facebook Youtube Instagram

समाचार

  • मुख्य खबरे
  • मुख्य खबरे
  • राष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • क्राइम

लोकसभा चुनाव

  • मुख्य खबरे
  • मुख्य खबरे
  • राष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • क्राइम

लाइफ स्टाइल

  • मुख्य खबरे
  • मुख्य खबरे
  • राष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • क्राइम

ज्योतिष

  • मुख्य खबरे
  • मुख्य खबरे
  • राष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • क्राइम

Copyright 2024, hindivivek.com

Facebook X-twitter Instagram Youtube Whatsapp
  • परिचय
  • संपादकीय
  • पूर्वाक
  • देश-विदेश
  • पर्यावरण
  • संपर्क
  • पंजीकरण
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Disclaimer
  • Shipping Policy
  • Refund and Cancellation Policy

copyright @ hindivivek.org by Hindustan Prakashan Sanstha

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • परिचय
  • संपादकीय
  • पूर्वांक
  • ग्रंथ
  • पुस्तक
  • संघ
  • देश-विदेश
  • पर्यावरण
  • संपर्क
  • पंजीकरण

© 2024, Vivek Samuh - All Rights Reserved

0