“द कश्मीर फाइल्स” पर अनर्गल प्रलाप और विकृत राजनीति 

Continue Reading“द कश्मीर फाइल्स” पर अनर्गल प्रलाप और विकृत राजनीति 

“द कश्मीर फाइल्स” आतंकवाद के भयावह दौर तथा सात सत्य घटनाओं पर बनी एक सच्ची फिल्म है। इन घटनाओं के सबूत उपलब्ध हैं। यह सेकुलर लोग झूठ पर आधारित कहानियां तो पढ़ लेते हैं लेकिन इस्लामी आतंकवाद के कारण हुयी  हिन्दू नरसंहार की असली कहानी इनको वल्गर लगती है  क्योंकि इन लोगों  को हिंदुओं का पलायन, उनकी हत्या, उनकी बहिन –बेटियों के सार्वजनिक बलात्कार का समर्थन करने में आनंद मिलता है। “द कश्मीर फाइल्स” का विरोध करने वाला गैंग बहुत ही खतरनाक और मानसिक विकृति का गैंग है जो जम्मू -कश्मीर की शांत हो रही स्थिति में अशांति का जहर घोलना चाहता है। 

एजेंडा सेट करके कैसे किया जाता है दिमाग हैक ?

Continue Readingएजेंडा सेट करके कैसे किया जाता है दिमाग हैक ?

चार किताबें,, मेरे पास युवा लड़के खूब बैठते थे आकर,, उन्होंने एकबार पूछा कि महाराज जी कैसे पता चले कि कोई व्यक्ति एजेंडा सेट करके हमारे दिमाग को हैक कर रहा है?? देखो भाई,,वैसे तो अनेकों तरीके होते हैं पता करने के लेकिन ज्ञान सबसे महत्वपूर्ण है,, अपने धर्म का…

हम कब अपने नायकों को पहचानेंगे ?

Continue Readingहम कब अपने नायकों को पहचानेंगे ?

जो राष्ट्र अपने नायकों को नहीं पहचानता, उनका सम्मान नहीं करता— वह जीवित रहने का अधिकार खो देता है। पहले भारत का तीन हिस्सों (खंडित भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश) में विभाजित होना, फिर कश्मीर के एक तिहाई पर कब्जा हो जाना और 1962 के चीन युद्ध में देश की शर्मनाक हार होना— इसी रोग के कुछ लक्षण है। 'देर आए दुरुस्त आए'— एक पुरानी कहावत है, जो दिल्ली में 23-25 नवंबर को संपन्न हुए कार्यक्रम पर बिल्कुल चरितार्थ होती है। असम के अहोम योद्धा लाचित बोरफुकन की 400वीं जयंती पर दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसके समापन समारोह में शामिल हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत का इतिहास केवल गुलामों का नहीं, योद्धाओं का भी है। किंतु देश के वीरों का इतिहास दबाया गया। क्या यह सत्य नहीं कि मार्क्स-मैकॉले मानस प्रेरित इतिहासकारों ने भारतीय इतिहास को सर्वाधिक विकृत किया है। यही कारण है कि अधिकांश पाठक लाचित बोरफुकन के नाम से शायद ही परिचित होंगे। क्या यह परिदृश्य देश के समक्ष एक बड़ी चुनौती नहीं?

बौद्धिक गुलामी से मुक्ति हेतु शुरू हुआ राष्ट्रधर्म

Continue Readingबौद्धिक गुलामी से मुक्ति हेतु शुरू हुआ राष्ट्रधर्म

दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि देश की हर क्षेत्र में उन्नति और प्रगति होनी चाहिए लेकिन वैचारिक स्पष्टता और वैचारिक शुद्धता भी चाहिए। आर्य द्रविड़ मिथक को स्थापित करने का प्रयास इस देश में किया गया। भारत एक देश है ही नहीं ऐसी बातें कही गयीं। अंग्रेजों के जमाने से शुरू हुआ षड़यंत्र आजादी के 75 वर्षों तक जारी रहा। सरकार्यवाह ने बताया कि स्वतंत्रता के बाद भी भारत की संसद में बजट शाम पांच बजे पेश होता था। अटल जी जब प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने यह परम्परा बदली। राजपथ को कर्तव्यपथ बनाने का काम हुआ। देश को  मानसिक गुलामी से बाहर लाना होगा। 

ईसाई धर्मांतरण के खिलाफ स्वधर्म रक्षक तालिम रुकबो

Continue Readingईसाई धर्मांतरण के खिलाफ स्वधर्म रक्षक तालिम रुकबो

निर्धन एवं अशिक्षित वनवासियों की मजबूरी का लाभ उठाया और लालच देकर हजारों लोगों को ईसाई बना लिया। अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट जिले में एक दिसम्बर, 1938 को जन्मे श्री तालिम रुकबो ने शीघ्र ही इस खतरे को पहचान लिया। वे समझते थे कि ईसाइयत के विस्तार का अर्थ देशविरोधी तत्वों का विस्तार है। इसलिए उन्होंने आह्वान किया कि अपने परम्परागत त्योहार सब मिलकर मनायें। उन्होंने विदेशी षड्यन्त्रकारियों द्वारा जनजातीय आस्था पर हो रहे कुठाराघात को रोकने के लिए पूजा की एक नई पद्धति विकसित की। उनके प्रयासों का बहुत अच्छा फल निकला। राज्य शासन ने भी स्थानीय त्योहार ‘सोलुंग’ को सरकारी गजट में मान्यता देकर उस दिन छुट्टी घोषित की। 

उत्तर प्रदेश : वैश्विक निवेशकों की पहली पसंद

Continue Readingउत्तर प्रदेश : वैश्विक निवेशकों की पहली पसंद

प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए रखा एक ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रदेश सरकार लगातार काम कर रही है। फरवरी -2023 में लखनऊ में आयोजित होने जा रहे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले ही प्रदेश को निवेश के प्रस्ताव मिलने प्रारंभ हो गए हैं। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री व कैबिनेट के अनेक मंत्री विदेशों का दौरा करने जा रहे हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के पूर्व अभी दिल्ली में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व भर के निवेशकों से यूपी की बदलती परिस्थितियों का लाभ उठाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में विभिन्न देशों  के राजदूतों, उच्चायुक्तों, उद्यमियों और निवेशकों की उपस्थिति में प्रदेश के बदलते परिवेश को प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए नीतिगत बदलाव के साथ ढांचागत सुविधाओं में व्यापक सुधार किया जा रहा है। 

जिहादी तालीम, जन्नत और 72 हुर

Continue Readingजिहादी तालीम, जन्नत और 72 हुर

श्रद्धा के 35 टुकड़े करने वाला कातिल आफताब यह बोल रहा है कि अगर फांसी भी चढ़ा तो भी जन्नत में जाऊंगा और वहां मुझे हूरे मिलेंगी। दैनिक जागरण में यह खबर भी प्रकाशित हुई थी कि आफताब ने पुलिस के सामने यह कहा कि श्रद्धा के साथ लिव-इन में रहते हुए भी उसके 20 हिंदू लड़कियों से रिश्ते बने थे। 2 अक्टूबर 2022 के दैनिक जागरण के राष्ट्रीय संस्करण में एक और समाचार छपा था। इंदौर में एक गर्भवती लड़की का गैंगरेप नौकरी दिलाने के बहाने किया गया। रेप करने के आरोप में सभी 4 मुसलमानों को अरेस्ट किया गया था। इसमें से एक मुसलमान जिसका नाम प्रिंस था वह लड़की से बलात्कार कर रहा था। लड़की ने उससे कहा कि वह गर्भवती है तो इस पर प्रिंस ने जवाब दिया कि हमारे समाज में यह सब चलता है और हिंदू लड़की से बलात्कार करने पर जन्नत नसीब होती है।

एनडीटीवी का पूर्वाग्रह और पत्रकारिता का पतन

Continue Readingएनडीटीवी का पूर्वाग्रह और पत्रकारिता का पतन

"एकोsहं द्वितीयो नास्ति" की अहंकारपूर्ण भावना से प्रेरित होकर उन्होंने सुनिश्चित किया कि चैनल पर केवल उन्हीं का चेहरा चमके। अन्य कोई चेहरा न बचे। धीरे-धीरे एनडीटीवी का न केवल संपादकीय विभाग पंगु हो गया, बल्कि स्क्रीन भी चेहरा-विहीन बन गया। चैनल के प्रबंधन की बुद्धि को भी ऐसा लकवा मार गया कि अपने पूर्वाग्रह-पूर्ण राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए उसने उन्हें ही अपना हथियार बना लिया। फिर इस राह पर चलते-चलते एनडीटीवी प्रबंधन धीरे-धीरे इतना पंगु हो गया कि विभिन्न अर्थिक गवनों के मामलों में छापों से बचने के लिए भी उसे उसी का इस्तेमाल करना पड़ा। अपनी सारी शक्तियां लगाकर लॉबिंग करके उस व्यक्ति को एक अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार दिलवाया गया, ताकि यदि जांच एजेंसियों का शिकंजा और अधिक कसता है, तो इसे एक अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनाया जा सके कि भारत में सरकार मीडिया की आवाज़ को दबाने की कोशिश कर रही है। यह तरकीब कुछ हद तक काम भी आई और जांच एजेंसियों की कार्रवाइयों में ठहराव आता दिखा। लेकिन राजनीति में "तू डाल डाल मैं पात पात" का खेल चलता ही रहता है। आखिरकार एनडीटीवी को बिकने के लिए मजबूर होना पड़ा और यहां से डॉ. प्रणय रॉय और डॉ. राधिका रॉय को जाना पड़ा है। 

ऑपरेशन पीओके के लिए तैयार भारतीय सेना

Continue Readingऑपरेशन पीओके के लिए तैयार भारतीय सेना

अगर राजनीतिक दृष्टि से देखा जाए तो पाकिस्तान के ऊपर कार्रवाई करने का यह सबसे उम्दा समय है क्योंकि तालिबान और पाकिस्तान के बीच अफगानिस्तान के बॉर्डर पर तनाव का माहौल चल रहा है अफगानिस्तान की तालिबान आर्मी पाकिस्तान के कई सैनिकों को बॉर्डर पर कत्ल कर चुकी है और इसी हफ्ते तालिबान ने खुली फायरिंग करके पाकिस्तान के एक शहर के लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। ऐसे समय में जब पाकिस्तान अपनी पश्चिमी सीमा पर भयंकर दबाव झेल रहा है पूर्वी सीमा पर भारत को दबाव बनाने की रणनीति पर काम करना चाहिए और एक समय सीमा तय करनी चाहिए ताकि पीओके को वापस लिया जा सके क्योंकि तभी पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में मौजूद शारदा पीठ के दर्शनों का सौभाग्य हिंदुओं को प्राप्त होगा।

मुंबई संकल्प २०२२ : न भूलेंगे, न माफ करेंगे

Continue Readingमुंबई संकल्प २०२२ : न भूलेंगे, न माफ करेंगे

आतंकियों का प्रयास था कि भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई को आतंकित कर देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया जाए तथा ताज होटल और लियोपोल्ड होटल जैसी जगहों को हमले का केंद्र बनाने का प्रमुख मकसद था कि दुनिया भर के देशों की नजर में भारत को एक असुरक्षित राष्ट्र साबित करवाया जाए. पर इसमें उनकी करारी हार हुई तथा उनके आकाओं के चेहरे से नकाब भी हट गया. उक्त बातें महाराष्ट्र के उप मुख्य मंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने मुंबई के कोलाबा में स्थित ताज होटल के बॉलरूम में पांचजन्य द्वारा आयोजित कॉन्क्लेव में कहीं. उसी  कार्यक्रम के एक सत्र में केंद्रीय मंत्री जनरल वी. के. सिंह ने बताया कि 2008 में सतर्कता विभाग ने 12 सिमकार्ड की जानकारी दी थी. उनमें से 4 सिम 26/11 के हमले में प्रयोग किये गए थे. अगर उस जानकारी को हलके में न लिया गया होता को इतने बड़े हादसे को रोकने की सम्भावना बढ़ जाती.

संविधान के प्रति आरएसएस का दृष्टिकोण

Continue Readingसंविधान के प्रति आरएसएस का दृष्टिकोण

हमारा संविधान, हमारे देश की चेतना है। इसलिए उस संविधान के अनुशासन का पालन करना, यह सबका कर्तव्य है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इसको पहले से मानता है”। संघ के इतिहास में यह पहली व्याख्यानमाला थी, जिसमें सभी प्रकार की विचारधाराओं के प्रमुख लोगों को आमंत्रित किया गया था और उनके समक्ष संघ के सर्वोच्च अधिकारी ने अपना दृष्टिकोण रखा था। सरसंघचालक डॉ. भागवत न केवल यह बता रहे हैं कि संविधान के अनुशासन का पालन संघ पहले से करता आया है अपितु वे अन्य से भी आग्रह कर रहे हैं कि संविधान का पालन करना सभी अपना कर्तव्य समझें। नागरिक अपने संविधान के मर्म को जानें, इसके लिए सरसंघचालक आग्रह करते हैं कि हमें अपने बच्चों को जीवन के प्रारंभिक चरण में ही संविधान पढ़ाना चाहिए। (हिन्दी मासिक पत्रिका -विवेक के साथ साक्षात्कार– 9 अक्टूबर, 2020)

चुनौतियों के बीच जी-20 का नेतृत्व 

Continue Readingचुनौतियों के बीच जी-20 का नेतृत्व 

निरंतर गहराते भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक मंदी की आहट तथा बढ़ती ऊर्जा की कीमतें व ऊर्जा सप्लाई पर प्रतिबंधों जैसी चुनौतियों के बीच एक दिसंबर 2022 से भारत जी-20 की मेजबानी करने जा रहा है। वर्तमान में संपूर्ण विश्व दो ध्रुवों में बटकर संघर्षों की ओर अग्रसर है, परन्तु भारत किसी पक्ष में न होकर शांतिपूर्ण समाधान के लिये कूटनीतिक प्रयास व संवाद का पक्षधर रहा है।

End of content

No more pages to load