सावरकर को था डॉ. हेडगेवार पर अटल विश्वास

Continue Readingसावरकर को था डॉ. हेडगेवार पर अटल विश्वास

नि:शस्त्र प्रतिरोध के प्रेरणा पुरुष स्वातंत्र्यवीर सावरकर थे। सावरकर और सरसंघचालक डॉ. हेडगेवार में परस्पर स्नेह,आदर और सामंजस्य था। डॉ. हेडगेवार की भूमिका के बारे में सावरकरजी के क्या विचार थे? इसका अनुमान डॉ. हेडगेवार के जाने के बाद हिंदू महासभा के अध्यक्ष के रूप में सावरकर द्वारा 13 जुलाई, 1940 में  नए सरसंघचालक गोलवलकर गुरुजी को मूलत: अंग्रेजी में लिखे पत्र से होता है। डॉ. हेडगेवार के प्रति अत्यधिक स्नेह का उल्लेख करते हुए सावरकर लिखते हैं, "डॉ. हेडगेवार के जीवन काल में पूरे हिंदुस्तान में संघ की सैंकड़ों सभाओं को संबोधित करने का मुझे अवसर मिला। लेकिन संघ के विषय में कहना हो, तो किसी भी प्रश्न पर डॉ. हेडगेवार का ही शब्द अंतिम होना चाहिए और मुझे उनके बुद्धि विवेक पर पूर्ण आत्मविश्वास था"

खालिस्तान का प्रखर विरोधी ‘राष्ट्रीय सिख संगत’

Continue Readingखालिस्तान का प्रखर विरोधी ‘राष्ट्रीय सिख संगत’

पंजाब भारत की खड्गधारी भुजा है। पंजाबियों ने सर्वत्र अपनी योग्यता और पौरुष का लोहा मनवाया है; पर एक समय ऐसा भी आया, जब कुछ सिख समूह अलग खालिस्तान का राग गाने लगे। इस माहौल को संभालने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने ‘राष्ट्रीय सिख संगत’ का गठन कर इसकी जिम्मेदारी वरिष्ठ प्रचारक श्री चिरंजीव सिंह को दी।

पश्चिम ने भारत को लूटा,रूस को बनाना चाहते हैं गुलाम

Continue Readingपश्चिम ने भारत को लूटा,रूस को बनाना चाहते हैं गुलाम

व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को कहा कि पश्चिम रूस को उपनिवेश बनाना चाहता है। उन्होंने भारत जैसे देशों को लूटा है। (लेकिन) हमने खुद को कॉलोनी नहीं बनने दिया। पुतिन ने कहा कि रूस सोवियत संघ को फिर से बनाने के लिए प्रयास नहीं कर रहा है। यूएसएसआर अब नहीं है। हम अतीत को वापस नहीं ला सकते हैं और रूस को अब इसकी आवश्यकता नहीं है। हम इसके लिए प्रयास नहीं कर रहे हैं।

भारत भक्त विदेशी महिला डॉ. एनी बेसेंट

Continue Readingभारत भक्त विदेशी महिला डॉ. एनी बेसेंट

उन्होंने धार्मिक एवं राष्ट्रीय शिक्षा के प्रसार, महिला जागरण, स्काउट एवं मजदूर आंदोलन आदि में सक्रिय भूमिका निभाई। सामाजिक बुराइयां मिटाने के लिए उन्होंने ‘ब्रदर्स ऑफ सर्विस’ संस्था बनाई। इसके सदस्यों को एक प्रतिज्ञा पत्र पर हस्ताक्षर करने पड़ते थे। कांग्रेस और स्वाधीनता संग्राम में सक्रिय होने के कारण उन्हें जेल में भी रहना पड़ा। 1917 के कोलकाता अधिवेशन में उन्हें कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया। यद्यपि फिर लोकमान्य तिलक और गांधी जी से उनके भारी मतभेद हो गये। इससे वे अकेली पड़ गयीं। वे गांधीवाद का उग्र विरोध करते हुए कहती थीं कि इससे भारत में अराजकता फैल जाएगी। डा. एनी बेसेंट एक विदुषी महिला थीं। उन्होंने सैकड़ों पुस्तक और लेख लिखे। वे स्वयं को पूर्व जन्म का हिन्दू एवं भारतीय मानती थीं। 20 सितम्बर, 1933 को चेन्नई में उनका देहांत हुआ। उनकी इच्छानुसार उनकी अस्थियों को वाराणसी में सम्मान सहित गंगा में विसर्जित कर दिया गया।

भारत में दुर्गा (शक्ति) पूजा के विविध स्वरूप

Continue Readingभारत में दुर्गा (शक्ति) पूजा के विविध स्वरूप

शाक्त परम्पराओं के लिए देवी की शक्ति के रूप में उपासना एक आम पद्धति थी। शक्ति का अर्थ किसी का बल हो सकता है, किसी कार्य को करने की क्षमता भी हो सकती है। ये प्रकृति की सृजन और विनाश के रूप में स्वयं को जब दर्शाती है, तब ये शक्ति केवल शब्द नहीं देवी है। सामान्यतः दक्षिण भारत में ये श्री (लक्ष्मी) के रूप में और उत्तर भारत में चंडी (काली) के रूप में पूजित हैं। अपने अपने क्षेत्र की परम्पराओं के अनुसार इनकी उपासना के दो मुख्य ग्रन्थ भी प्रचलित हैं। ललिता सहस्त्रनाम जहाँ दक्षिण में अधिक पाया जाता है, उतर में दुर्गा सप्तशती (या चंडी पाठ) ज्यादा दिखता है।

लीसेस्टर-बर्मिंघम प्रकरण— घृणा का जनक कौन?

Continue Readingलीसेस्टर-बर्मिंघम प्रकरण— घृणा का जनक कौन?

इस त्रासदी के लिए वाम-उदारवादी किसे जिम्मेदार ठहराएंगे? हिंदुत्व, आरएसएस, भाजपा या मोदी? सच तो यह है कि बीते 1200 से अधिक वर्षों से समस्त विश्व 'काफिर-कुफ्र' अवधारणा से प्रेरित संकीर्ण मानसिकता का शिकार रहा है, जिसमें गैर-इस्लामी संस्कृति, परंपरा, पूजास्थलों और उनके मानबिंदुओं का कोई स्थान नहीं है। भारतीय उपमहाद्वीप और मध्यपूर्व एशिया के बाद यह विषैला वैचारिक-चिंतन अमेरिका और पश्चिमी देशों अपना विस्तार कर रहा है। लीसेस्टर-बर्मिंघल में जिहादियों का हिंदुओं पर हमला— इस श्रृंखला की एक सूक्ष्म कड़ी है। 

सपनों को साकार करने का संकल्प 

Continue Readingसपनों को साकार करने का संकल्प 

भारत की संस्कृति भारत की धरती की उपज है। उसकी चेतना की देन है। साधना की पूंजी है। उसकी एकता, एकात्मता, विशालता, समन्वय धरती से निकला है। भारत में आसेतु-हिमालय एक संस्कृति है। उससे भारतीय राष्ट्र जीवन प्रेरित हुआ है। अनादिकाल से यहां का समाज अनेक सम्प्रदायों को उत्पन्न करके भी एक ही मूल से जीवन रस ग्रहण करता आया है। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के एजेंडे को नरेंद्र मोदी इसी रूप में पूरा कर रहे हैं।

श्रीरामजन्मभूमि आन्दोलन के सारथी अशोक सिंघल  

Continue Readingश्रीरामजन्मभूमि आन्दोलन के सारथी अशोक सिंघल  

पांच शताब्दियों से चल रही श्री राम जन्मभूमि मुक्ति की लड़ाई 1984 में अशोक जी सहित  महान  संतों के  के नेतृत्व श्रीरामजन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के साथ पुनः प्रारंभ हुयी और 1990 में कारसेवकों का नृशंस हत्याकांड झेलते हुए हुए 6 दिसंबर 1992 को विवादित ढांचे के विध्वंस और अस्थायी श्री राम लला मंदिर तक पहुँच गयी । यही श्री राम जन्मभूमि आन्दोलन का निर्णायक मोड़ और इस विषय पर हिन्दुओं की निर्णायक विजय सुनिश्चित करने का दिन था ।यह उन्हीं का प्रयास रहा कि अदालत ने 30 सितम्बर 2010 को हाइकोर्ट के तीन न्यायाधीशों  की खंडपीठ ने एक स्वर से उसी स्थान को श्रीरामजन्मभूमि माना । आज श्री राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का  निर्माण प्रारंभ हो चुका है। यही स्वर्गीय अशोक जी स्वप्न  था ।  

गुजरात में मुफ्तखोरी का विकृत तीसरा मोर्चा!

Continue Readingगुजरात में मुफ्तखोरी का विकृत तीसरा मोर्चा!

वास्तव में यह "आप" के सोशल मीडिया और "मीडिया मैनेजमेंट" का ही एक नतीजा है जिसने फिर से केजरीवाल को गुजरात के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया है। "आप" के लिए समस्या यह है कि अगले साल के चुनाव को ध्यान में रखते हुए उनकी पार्टी का संगठन अभी ग्रासरूट तक पहुंचा नहीं है और उसमें जुड़ने वाले लोग भी किसी न किसी राजनीतिक दल से नाराज या बिछड़े हुए कार्यकर्ता या नेता है जो इस पार्टी की तथाकथित तौर पर उभरती लोकप्रियता को भुनाना चाहते हैं। ऐसे में उनके लिए राहत की बात यह है कि एक निजी न्यूज़ चैनल के प्राइम टाइम एंकर इशूदान गढवी ने अपनी लोकप्रियता को भुनाने के लिए अब पत्रकारिता छोड़ "आप" का दामन थाम लिया है, जिन्हें केजरीवाल ने गुजरात में आकर "गुजरात का केजरीवाल" भी बता दिया।

देश का सबसे बड़ा भूमाफिया वक्फ बोर्ड

Continue Readingदेश का सबसे बड़ा भूमाफिया वक्फ बोर्ड

वक्फ बोर्ड ने इतनी जमीन कब्जा कर ली है कि खुद को छोटा देश घोषित कर सकता है ! भारत की सेना के पास करीब 18 लाख एकड़ जमीन है रेलवे के पास करीब 12 लाख एकड़ में फैली हैं । और देश के सभी वक्फ बोर्डों के पास कुल 8 लाख एकड़ से ज्यादा जमीन हैं । मतलब जमीन के मामले में वक्फ बोर्ड सेना और  रेलवे के बाद तीसरे नंबर पर है । और यहां से जो पैसा आता है वो भारत में धर्मांतरण लव जिहाद के लिए इस्तेमाल होता है ।

निर्मला सीतारमण ने किया आदिवासी महिलाओं को सम्मानित

Continue Readingनिर्मला सीतारमण ने किया आदिवासी महिलाओं को सम्मानित

सेवा विवेक सामाजिक संगठन के पालघर जिले की आदिवासी महिलाओं द्वारा श्रीमती निर्मला सीतारमण जी (वित्त मंत्री - भारत सरकार) को बांस से बने हस्तशिल्प भेंट किए गए। श्रीमती निर्मला सीतारमण बांद्रा, मुंबई में हिंदी विवेक की स्वयं-75 पुस्तक विमोचन में उपस्थित थीं। उस अवसर पर उन्होंने सेवा विवेक के कार्यों की सराहना की और आदिवासी महिलाओं के उपहार को स्वीकार करते हुए उनके अच्छे होने की कामना की. उस अवसर पर संगठन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लुकेश बूँद, आदिवासी महिला कारीगर सुचिता सांबारे, गीता सांबारे, जान्हवी माली उपस्थित थे.

काँग्रेस, वामपंथी, क्षेत्रियदल और आम आदमी पार्टी…

Continue Readingकाँग्रेस, वामपंथी, क्षेत्रियदल और आम आदमी पार्टी…

2013 : फिर पहली बार उसको सरकार में लाने में समर्थन दिया.. 2015 , 2020 दिल्ली में टेक्टिकली पूरा वोट ट्रांसफर करवाया. 2022 : कैप्टेन को निकाल कर यही काम पंजाब में किया. अब यही काम गुजरात में कर रही है..गुजरात चुनाव में कांग्रेस एक दम से गायब हो गयी है... ये सब संयोग नहीं है..कांग्रेस को चलाने वाले NAC गैंग का ही प्रयोग है.. योगेंद्र यादव वापस अपने असली गैंग के पास जा चुके हैं..भूषण आज भी कूद कूद कर उन्ही के लिए माहौल बनाता है..

End of content

No more pages to load