हिंदी विवेक
  • Login
  • परिचय
  • संपादकीय
  • पूर्वांक
  • ग्रंथ
  • पुस्तक
  • संघ
  • देश-विदेश
  • पर्यावरण
  • संपर्क
  • पंजीकरण
No Result
View All Result
  • परिचय
  • संपादकीय
  • पूर्वांक
  • ग्रंथ
  • पुस्तक
  • संघ
  • देश-विदेश
  • पर्यावरण
  • संपर्क
  • पंजीकरण
No Result
View All Result
हिंदी विवेक
No Result
View All Result
भारत की सुरक्षा व्यवस्था और कांग्रेस के पाप

भारत की सुरक्षा व्यवस्था और कांग्रेस के पाप

by हिंदी विवेक
in राजनीति
0

जब भारत परमाणु परीक्षण की दिशा में क़दम बढ़ा रहा था। उस समय कांग्रेस भारत के परमाणु परीक्षण के ख़िलाफ़ थी। सन् 1998 में अटल बिहारी वाजपेई सरकार में जब भारत परमाणु परीक्षण कर, परमाणु शक्ति संपन्न बन गया। उस समय कांग्रेस भारत के नि:शस्त्रीकरण की बात कर रही थी। कांग्रेस भारत को नैतिकता का पाठ पढ़ा रही थी।P Chidambaram Latest News, Updates in Hindi | पी चिदंबरम के समाचार और अपडेट  - AajTak

इसको लेकर संसद में कांग्रेस नेता पी चिदंबरम का आधिकारिक बयान है। वो परमाणु परीक्षण को भारत की नैतिकता के ख़िलाफ़ बता रहे थे। परमाणु कार्यक्रम को दिखावा क़रार दे रहे थे। पी. चिदंबरम ने 1998 में संसद में कहा था कि “न्यूक्लियर वेपन को बनाना भारत की पिछले 30 साल से चली आ रही नीति के खिलाफ है। भारत हमेशा से न्यूक्लियर वेपन फ्री दुनिया की वकालत करता रहा है। इसके लिए देशों का परमाणु हथियार न रखना जरूरी है। अगर इस नीति को बदलने की जरूरत है तो पहले इस पर संसद में चर्चा होनी चाहिए थी।”

आप सोचिए अगर अटल बिहारी वाजपेयी सरकार न होती तो क्या कांग्रेस भारत को परमाणु शक्ति संपन्न बनने देती? आख़िर कांग्रेस को भारत की बढ़ती ताक़त से क्या तकलीफ़ थी?

आप सोचिए अगर भारत परमाणु शक्ति संपन्न ना होता तो वर्तमान में भारत की वैश्विक स्थिति क्या होती? क्या हमारी सेना वर्तमान में किसी भी बड़े संकट का सामना करने में सर्वसमर्थ होती? फिर कांग्रेस ऐसा क्यों कर रही थी? विदेशों जैसे ही कांग्रेस भारत के परमाणु शक्ति संपन्न बनने के ख़िलाफ़ क्यों थी?
क्या ये ठीक वैसा ही था जैसा प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने UN में चीन को भारत का वीटो पॉवर तश्तरी में सौंप कर दिया।

जम्मू-कश्मीर के विषय को संयुक्त राष्ट्र संघ ले जाकर विवाद बनाया। 1948 में POJK को पाकिस्तान को खैरात की तरह सौंप दिया। 1962 में पंडित नेहरू ने चीन को अक्साई चिन (अक्षय चीन) सौंप दिया था। पंडित नेहरू ने इसके बाद ये कहा था कि “वो बंजर ज़मीन है, वहां घास का एक तिनका तक नहीं उगता है।”
ये वही नेहरू-गांधी ख़ानदान की कांग्रेस है, शहजादे राहुल हैं जिसकी सरकार रिमोट कंट्रोल से चलाई जाती थी। लंबे समय तक भारतीय सेना को संसाधन, हथियार तक के लिए मोहताज कराया गया। वैज्ञानिकों को हतोत्साहित किया गया।

उसी कांग्रेस के शहजादे राहुल भारतीय सेना का अपमान करते हैं। सर्जिकल स्ट्राइक, गलवान, ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल खड़े करते हैं। सेना के शौर्य पर बारंबार प्रश्नचिह्न लगाते हैं। देश में अराजकता को लेकर लोगों को उकसाते हैं।

राहुल गांधी राफेल ख़रीदी पर झूठ की खेती करते हैं फिर जब 2019 में सुप्रीम कोर्ट में अवमानना की कार्रवाई होती है। Contempt of Court के शिकंजे में आते हैं तो राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट में माफ़ी मांगते हैं। वो ठीक वैसे ही माफ़ी मांगते हैं जैसे स्वातंत्र्य वीर सावरकर मामले में। राहुल गांधी आगे वीर सावरकर पर अनर्गल प्रलाप करते हैं। फिर जब 2025 में सुप्रीम कोर्ट की फटकार पड़ती है तो वो लिखित में माफी मांगते हैं। भीड़ में जाकर रंग बदल लेते हैं।

श्री नरेंद्र मोदी | भारतीय जनता पार्टी

ख़ैर, मुद्दा ये है कि इनके असली चरित्र को समझिए। 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सत्ता में आने के पहले पूरे देश में दंगे, आतंकी हमले होते ही रहते थे। 2017 में उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के पहले हिन्दू होना वहां मानो कोई अपराध सा था। हमेशा दंगे होते रहते थे‌। राजनीतिक गुंडों का आतंक रहता था जिन पर ब्रेक लगा। अब तुष्टिकरण का ज़हर नहीं, गुंडों का आतंक नहीं, भय नहीं, दंगे नहीं, आतंकी हमले नहीं। कसाब, अफ़ज़ल के लिए सहानुभूति नहीं होती है बल्कि भारत के संविधान और कानून का सही अर्थों में पालन होता दिखाई दे रहा है।

मत भूलिए कि ये वही कांग्रेस के पाप हैं जिसने- धारा- 370,35A के ज़रिए जम्मू-कश्मीर को अलगाववाद की आग में झोंक दिया। कश्मीर में हिन्दुओं का नरसंहार कराया। लेकिन श्यामा प्रसाद मुखर्जी के संस्कारों से पली-बढ़ी भाजपा ने 5 अगस्त 2019 को इस कोढ़ को जमींदोज कर दिया। धारा-370 की समाप्ति जैसे असंभव माने जाने वाले काम को इसी भाजपा और इसी नरेंद्र मोदी सरकार ने डंके की चोट पर किया। 31 मार्च 2026 को देश से नक्सलवाद माओवादी आतंक का खात्मा कर दिया। पूर्वोत्तर के राज्यों में उग्रवाद को लगभग समाप्त कर दिया।

इतना ही नहीं अब भारत सामरिक और आर्थिक तौर पर सशक्त हुआ है‌। 2013-14 में भारत का रक्षा निर्यात जहां ₹686 था वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर रिकॉर्ड ₹38,424 करोड़ हो चुका है। ब्रह्मोस, आकाश और तेजस जैसे स्वदेशी रक्षा उत्पादों का दुनिया भर में डंका बज रहा है। भारत अब 100 से अधिक देशों को रक्षा उपकरण निर्यात कर रहा है। स्वदेशी तकनीक, शोध, नए-नए हाईटेक हथियारों का निर्माण अब भारत में हो रहा है। अंतरिक्ष की दुनिया में भारत नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

अब यही सब कांग्रेस और उसके अराजक नेता राहुल गांधी को पच नहीं पा रहा है। ऐसे में वो संसद में चर्चा नहीं, वहां शोर मचाते हैं। संसद के बाहर हिन्दू आस्था, भगवा और संतो को अपमानित करने का अक्षम्य अपराध करते हैं। क्योंकि न तो ये भारत को सशक्त देख सकते हैं न ही विकसित और न ही हिन्दू और हिन्दुत्व का अभ्युदय देख सकते हैं।

Up:राहुल गांधी पर याचिकाएं लगाने वाले भाजपा कार्यकर्ता को मिलेगी जेड प्लस  सुरक्षा, गृह मंत्रालय कर रहा विचार - Up: Bjp Worker Who Filed Several  Petitions Against ...

ठीक वैसे ही जैसे भारत के परमाणु कार्यक्रम के ख़िलाफ़ कांग्रेस ने उस समय विरोध किया। कांग्रेस के आंदोलनजीवी इकोसिस्टम के ज़रिए- भारत के वैज्ञानिकों को आत्मविश्वास को डिगाने की कोशिश की। परमाणु कार्यक्रम के ख़िलाफ़ आज के शाहीन बाग, जंतर-मंतर की तर्ज़ पर प्रहसन रचे गए। नारेबाज़ी की गई, रैलियां निकाली गईं। अरुंधति रॉय के वामपंथी गिरोह ने भारत के परमाणु कार्यक्रम के विरुद्ध पूरा अभियान चलाया, लेख लिखे, आंदोलन प्रदर्शन किया, देश को भ्रम में डालने का वातावरण तैयार किया। यानी 1998 में भी एक ओर ढफली गैंग सक्रिय था तो दूसरी ओर सदन से लेकर बाहर हर जगह कांग्रेस भारत के परमाणु शक्ति संपन्न बनने के ख़िलाफ़ अभियान छेड़े हुई थी।

सवाल यही है कि भारत की बढ़ती शक्ति के विरोध में कांग्रेस क्यों फ्रंटफुट में खेलती रही है? कांग्रेस और ढफली गैंग का ये क्रम अब भी क्यों जारी है? आख़िर देश के युवाओं को नेपाल, बांग्लादेश जैसी हिंसा, अराजकता के लिए ये इकोसिस्टम क्यों भड़का रहा है?

क्या समाज को ये सब तथ्य ध्यान में नहीं रखने चाहिए? क्या डिजिटल एल्गोरिदम, सोशल मीडिया ट्रेंड्स, वित्तपोषित इन्फ्लुएंसर के शोर में— हमें ये सवाल ख़ुद से नहीं पूछने चाहिए कि- कहीं ये सब भारत की बढ़ती शक्ति के विरुद्ध सुनियोजित अभियान नहीं है? क्या हम इन तथ्यों को नज़रंदाज़ कर गालियों और गालीबाजों को सही साबित करने वालों के साथ कभी भी खड़े हो सकते हैं?

– कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल

Share this:

  • Share on X (Opens in new window) X
  • Share on Facebook (Opens in new window) Facebook
  • Share on LinkedIn (Opens in new window) LinkedIn
  • Share on Telegram (Opens in new window) Telegram
  • Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp
Tags: article 370atal bihari vajpayeebrahmosDefence ExportDefence NewseditorialIndia PoliticsIndian DefenceNational Securitynuclear testPokhran 2political analysisStrategic Affairstejasधारा 370भारतभारत की सुरक्षा व्यवस्थाभारतीय सेनारक्षा निर्यातराष्ट्रीय सुरक्षा

हिंदी विवेक

Next Post
सावन में शिवलिंग पर जल चढ़ाने का महत्व

सावन में शिवलिंग पर जल चढ़ाने का महत्व

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हिंदी विवेक पंजीयन : यहां आप हिंदी विवेक पत्रिका का पंजीयन शुल्क ऑनलाइन अदा कर सकते हैं..

Facebook Youtube Instagram

समाचार

  • मुख्य खबरे
  • मुख्य खबरे
  • राष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • क्राइम

लोकसभा चुनाव

  • मुख्य खबरे
  • मुख्य खबरे
  • राष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • क्राइम

लाइफ स्टाइल

  • मुख्य खबरे
  • मुख्य खबरे
  • राष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • क्राइम

ज्योतिष

  • मुख्य खबरे
  • मुख्य खबरे
  • राष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • क्राइम

Copyright 2024, hindivivek.com

Facebook X-twitter Instagram Youtube Whatsapp
  • परिचय
  • संपादकीय
  • पूर्वाक
  • देश-विदेश
  • पर्यावरण
  • संपर्क
  • पंजीकरण
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Disclaimer
  • Shipping Policy
  • Refund and Cancellation Policy

copyright @ hindivivek.org by Hindustan Prakashan Sanstha

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • परिचय
  • संपादकीय
  • पूर्वांक
  • ग्रंथ
  • पुस्तक
  • संघ
  • देश-विदेश
  • पर्यावरण
  • संपर्क
  • पंजीकरण

© 2024, Vivek Samuh - All Rights Reserved

0