राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के केशवराव नांदेड़कर का विगत दिवस 17 अगस्त को मामूली बीमारी के बाद 79 वर्ष की आयु में निधन हो गया। विदित हो कि 10 वर्ष की आयु से लेकर वे अपने अंतिम समय तक संघ से जुड़े रहे। 1968 में भोपाल से एम.कॉम की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हेें स्टेट बैंक में नौकरी मिल गई, लेकिन संघ के कार्य के प्रति उनके मन में लगन व्याप्त थी।
अंतत: उन्होंने बैंक की नौकरी से त्यागपत्र दे दिया और होशंगाबाद में प्रचारक के तौर पर काम करना शुरु कर दिया। कुछ समय बाद उन्हें फिर से स्टेट बैंक में नौकरी मिल गई और बाद में उनका तबादला धुले हो गया। नौकरी में रहते हुए उन्होंने संघ का काम जारी रखा।
सेवाकाल के दौरान केशव राव ने देवगिरी प्रांत का कार्यभार सम्भाला। 2004 में इन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली और पूर्वोत्तर प्रचारक के रुप में काम करने लगे। वे लम्बे समय तक धुले में रहे। इस दौरान उन्होंने मातोश्री वृद्धाश्रम, झुणकाभाकर केंद्र, राष्ट्रसेवा मंडल आदि संगठन कार्यों में सक्रिय रुप से भाग लिया। कर्मयोगी केशवराव जी को प.पू. गुरूजी, प.पू.सुदर्शनजी, दत्तोपंत ठेगड़ी, मा.नानाराव ढोबले, मा. आबाजी थत्ते, मदनदासजी देवी, आचार्य गिरीराज किशोरीजी, मा. भैय्याजी जोशी आदि का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। इन्होंने अपने पीछे पत्नी, बेटा, बेटी व भरापूरा परिवार छोड़ के गए हैं। इन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि।

