अमेरिका में हिंदू मंदिरों पर लगातार हो रही तोड़फोड़ और हमलों को अब सामान्य वैंडलिज्म मानकर नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। रिचमंड हाइट्स, ओहायो के श्री स्वामीनारायण वड़तालधाम मंदिर पर बीते दिनों 2 अक्टूबर को उस समय ईंटें फेंकी गईं जब मंदिर में पुजारी और श्रद्धालु भी मौजूद थे; खिड़कियाँ टूट गईं और CCTV फुटेज जाँच के लिए उपलब्ध हैं, किंतु स्थानीय शासन प्रशासन मौन है..!!
स्मरण रहे कि यह कोई पहली या अकेली घटना नहीं, पिछले दिनों भी अमेरिका में हिंदू मंदिरों व भारतीय सांस्कृतिक केंद्रों को निशाना बनाए जाने की घटनाएँ सामने आई हैं—

अगस्त 2022 में न्यूयॉर्क के क्वींस स्थित श्री तुलसी मंदिर परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया गया था।
दिसंबर 2023 में कैलिफोर्निया के नेवार्क स्थित SMVS श्री स्वामीनारायण मंदिर में आपत्तिजनक नारे लिखे गए थे।
सितंबर 2024 में न्यूयॉर्क के मेलविले और कैलिफोर्निया के कुछ BAPS मंदिरों में तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं
मार्च 2025- कैलिफोर्निया के चीनो हिल्स स्थित BAPS मंदिर को भी घृणास्पद संदेश लिखकर बदरंग किया गया।
यूटा के Spanish Fork में मंदिर पर गोलीबारी, इंडियाना के Greenwood में मंदिर के साइन पर घृणास्पद संदेश, और नॉर्थ कैरोलाइना के Cary में मंदिर की मूर्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाएँ जग जाहिर हैं।
प्रश्न यह हैं कि आखिर….
* हिंदू मंदिरों को बार-बार निशाना बनाए जाने के बाद भी अमेरिका आखिर कब जागेगा?
* बात-बात पर भारत विरोधी झूठ परोसने वाला USCIRF क्या इस सच्चाई पर भी कभी अपना मुँह खोलेगा?
* अमेरिका में घृणा फैलाने वाले हिंदू द्रोहियों और धार्मिक हमलावरों पर कार्रवाई, निष्पक्ष जाँच, दोषियों की गिरफ्तारी और मंदिर सुरक्षा के लिए ठोस प्रोटोकॉल कब लागू होंगे ?
हिंदू समाज दुनिया के किसी भी हिस्से में अपने धार्मिक सांस्कृतिक व पूजा स्थलों पर हमले चुपचाप स्वीकार नहीं करेगा। अमेरिकी प्रशासन से आग्रह है कि वह हिंदू मंदिरों की सुरक्षा को गंभीरता से ले और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाए।
– विनोद बंसल

