चाहे तीन दिन बाद ही सही, चारों तरफ मीडिया में अपनी फजीयत कराने के बाद मेटा ने अपनी भूल को स्वीकार करते हुए कल दोपहर में महाराष्ट्र के यशस्वी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का वीडियो संदेश @WHCongress के फेसबुक और इंस्टा पेजों पर पुनः पब्लिश कर दिया।
इस घटनाक्रम से दो बातें सामने आईं कि आखिरकार मेटा की स्कैनिंग टीम में कुछ लोग तो हैं जो कभी भारत के निर्वाचित प्रधानमंत्री का तो कभी किसी मुख्यमंत्री का, कभी राष्ट्रवादियों का तो कभी हिंदुत्वनिष्ठ देशभक्तों का कंटेंट और उनकी आईडी को रोकने, टोकने और डिलीट करने तथा उनके फॉलोअर्स को कम करने में लगे हैं। जो देश मेटा को सबसे ज्यादा यूजर देता है उस देश के राष्ट्रवादी और हिंदुत्वनिष्ठ समाज को परेशान करने का षड्यंत्र रचा करते हैं।
हमें संतोष है कि मेटा ने वह अवसर नहीं आने दिया कि भारतीय समाज उन देश विरोधी व हिंदूद्रोही षड्यंत्रकारियों के विरुद्ध कोई कठोर निर्णय करने को मजबूर होता। किंतु, यह बात सभी विदेशी व्यवसायियों को अच्छी तरह समझनी चाहिए कि यदि भारत सभी को हृदय से अपनाना जानता है तो वहीं, आँख दिखाने वालों को ठुकराना भी।
तीन दिनों के इस घटनाक्रम में विदेशी मीडिया की भूमिका का भी खुलासा देशवासियों को हो गया कि वे भारत के कितने हितैषी हैं। हम सब भारतीयों को इस सभी शक्तियों से सावधान रहने की आवश्यकता है।
– विनोद बंसल
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