उल्लू और बाज़ की कहानी: धोखा
उल्लू ने कहा कि तुम्हारा बहुत-बहुत शक्रिया दोस्त. मेरे बच्चों को पहचानना कौन-सा मुश्किल है भला. वो बेहद ख़ूबसूरत हैं,...
उल्लू ने कहा कि तुम्हारा बहुत-बहुत शक्रिया दोस्त. मेरे बच्चों को पहचानना कौन-सा मुश्किल है भला. वो बेहद ख़ूबसूरत हैं,...
कहते हैं कि किसी झूठ को बार-बार बोलने से वह सच की तरह लगने लगता है, इसलिए अपने दिमाग से...
वह राजकुमार भी अपनी कमज़ोरी और सेहत को लेकर बेहद परेशान था. अपने पिता को दुखी देखकर बहुत निराश भी...
“आपको तो, हमेशा अपने मतलब का ही काम-काज सूझता है। छुट्टी से याद आया। देखिए, सीढ़ियों पर कितनी धूल...
“रणवीर नहीं है तो उनकी जगह उसे ही लेनी होगी। नीलू और उसके बेटे की जिम्मेदारी आखिर उसकी तो है।...
सीख: इस कहानी से यह सीख मिलती है कि किसी अजनबी की चिकनी-चुपड़ी बातों में आकर उस पर भरोसा नहीं करना...
विवेक समूह के प्रबंध संपादक मा. श्री दिलीप करंबेलकर जी की महाराष्ट्र राज्य मराठी विश्वकोश निर्मिती मंडल के अध्यक्ष पर...
बुद्धि बल से बड़ी होती है. चाहे कोई कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, बुद्धि व समझदारी के सामने उसका बल...
दोपहर का समय था। राजीव घबराया हुआ सा घर में घुसा... उसके अभिन्न मित्र शार्दूल के पिताजी को हार्टअटैक आने...
एक जंगल में एक सुंदर-सा पंछी रहता था. यह पंछी अपनेआप में बेहद अनोखा था, क्योंकि इसके दो मुंह थे....
एक बहुत विशाल पेड़ था. उस पर वहुत सारे हंस रहते थे. उनमें एक बहुत स्याना हंस था, बुद्धिमान और...
उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक जी लिखित किताब "चरैवेती ! चरैवेती!!" लोकार्पण समारोह मुम्बई में राजभवन में सम्पन्न...
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