अपने ही सम्मान पर क्यों भड़के मोदी, कहा सम्मान नहीं खुराफात है यह?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब से देश की बागडोर संभाली है तभी से उन्होंने देश की जनता को लोगों का सम्मान करना सिखाया है। सबसे पहले प्रधानमंत्री ने देश के जवानों का सम्मान करना सिखाया। उन्होने बताया कि दूसरे कुछ देशों में जब भी सेना के जवानों को लोग देखते है तो उनका ताली बजाकर स्वागत करते है। मोदी ने ऐसा देश की जनता से भी करने काआग्रह किया और कहा कि आप जहां भी सेना के जवानों को देखें उनका धन्यवाद जरुर करें।
पूरा देश कोरोना वायरस से परेशान है लेकिन इस दौरान भी प्रधानमंत्री ने सभी से डॉक्टर, पुलिस, मीडिया कर्मी और कोरोना वायरस के समय दूसरों के लिए काम कर रहे सभी लोगों का धन्यवाद करने की अपील की और ताली और थाली बजाकर उनका स्वागत भी करवाया। इसी बीच यह खबर आ रही है कि कुछ लोग अब प्रधानमंत्री का सम्मान करने का मन बना रहे है जिसके लिए 5 मिनट खड़े होकर मोदी जी को सम्मान देना चाहते हैं। इस सम्मान का कोई मुखिया अभी तक सामने नहीं आया है इसलिए यह सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंच रहा है। लेकिन इसी बीच प्रधानमंत्री को भी इसकी खबर लगी और उन्होंने तुरंत इस पर अपना विचार रखा। प्रधानमंत्री ने इस ट्विटर के माध्यम से अपना विचार रखा,
उन्होने अपने ट्वीट में लिखा “मेरे ध्यान में लाया गया है कि कुछ लोग यह मुहिम चला रहे हैं कि 5 मिनट खड़े रहकर मोदी को सम्मानित किया जाए। पहली नजर में तो यह मोदी को विवादों में घसीटने की कोई खुराफात लगती है”

अपने दूसरे ट्वीट में पीएम ने लिखा “हो सकता है कि यह किसी की सदिच्छा हो तो भी मेरा आग्रह है कि यदि सचमुच में आपके मन में इतना प्यार है और मोदी को सम्मानित ही करना है तो एक गरीब परिवार की जिम्मेदारी कम से कम तब तक उठाइए जब तक कोरोना वायरस का संकट है। मेरे लिए इससे बड़ा सम्मान और कोई भी नहीं हो सकता”

हालांकि यह कोई पहली बार नहीं है इससे पहले भी प्रधानमंत्री ने अपने सम्मान को लेकर बार-बार यह जिक्र किया है कि उन्हें सिर्फ दिल से सम्मान दे। पीएम ने हमेशा से दूसरों को सम्मानित करने की कोशिश की है। फिलहाल देश के हालात और प्रधानमंत्री के आदेश के बाद से देश में 21 दिन का लॉक डाउन जारी है जो 14 अप्रैल को खत्म होने वाला है लेकिन लगातार बढ़ते संक्रमण के खतरे को देखते हुए इसे आगे बढ़ाया जा सकता है।

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