राम मंदिर निर्माण में दान देने से पहले यह जरुर पढ़ें!

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प्रभु श्री राम का भव्य मंदिर सभी बाधाओं को पार करता हुआ अब अपने अंतिम चरण की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। सैंकड़ो सालों की लड़ाई के बाद राम मंदिर का निर्माण शुरु हुआ है इसलिए इस निर्माण को लेकर लोगों में खुशी देखने को मिल रही है और…

मोबाइल और लैपटॉप के इस्तेमाल से होने वाले दर्द से है परेशान तो करें यह योगासन…

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वर्तमान में हम जिस दुनिया में जी रहे है वह पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक है और हम चाह कर भी इससे दूरी नहीं बना सकते है। इलेक्ट्रॉनिक दुनिया के बहुत से फायदे है। हम ज्यादातर काम इनके द्वारा करते है जिससे हमारा समय और मेहनत दोनों बचती है लेकिन इसके…

सूर्या फाउण्डेशन द्वारा विवेकानंद जयंती (राष्ट्रीय युवा दिवस) के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय प्रेरक कार्यक्रम

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स्वामी विवेकानंद युवाओं के प्रेरणाड्डोत के रूप में देश में ही नहीं, दुनियाभर में जाने जाते हैं। स्वामीजी को आदर्श मानकर सूर्या पफाउण्डेशन देशभर में युवा विकास के अनेकानेक कार्यक्रमों का संचालन प्रतिवर्ष करता रहता है।

हां, यह शताब्दी हिन्दू शताब्दी है और इसका प्रतीक होगा राम मंदिर – आलोक कुमार-(विहिप कार्याध्यक्ष)

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बाबरी ढांचा गिराने से लेकर श्रीराम मंदिर निर्माण तक की पूरी प्रक्रिया में विहिप का बड़ा योगदान रहा है. वर्तमान में भी श्रीराम मंदिर निर्माण हेतु पूरे देश में निधि संकलन करने का अभियान विहिप के द्वारा चलाया जा रहा है. श्रीराम मंदिर निर्माण तथा निधि संकलन अभियान से जुड़े विभिन्न विषयों पर विहिप के कार्याध्यक्ष आलोक कुमार जी की ‘हिंदी विवेक’ से हुई बातचीत के कुछ प्रमुख सम्पादित अंश प्रस्तुत है

थल सेना दिवस क्यों मनाया जाता है?

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भारत में कुल तीन प्रमुख सेनाएं है थल सेना, वायु सेना और जल सेना। देश की रक्षा में सभी सेनाएँ अहम भूमिका निभाती है लेकिन सीमाओ की रक्षा के लिए जमीन पर थल सेना को ही ज्यादा मोर्चा लेना पड़ता है। भारत देश जब आजाद हुआ तब 15 जनवरी 1947…

संघ के योगदान से जब बदली देश की तस्वीर

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सांप्रदायिक, हिंदूवादी, फांसीवादी और हिन्दू आतंकवाद सहित ना जाने कितने नामों से इसे पुकारा गया लेकिन यह संगठन कभी पीछे नहीं हटा। जनसेवा और देशसेवा को हमेशा अपनी प्राथमिकता बनाए रखा और समय समय पर देश के लिए योगदान भी दिया है। डाक्टर केशव बलिराम हेडगेवार ने सन 1925 में विजयादशमी…

दिल और दिमाग में जब टकराव हो तो दिल की सुनें- स्वामी विवेकानंद

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हमारे देश में महापुरुषों और विद्वानों की बहुत बड़ी लिस्ट है। यह महापुरुष सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी विख्यात है। इन महापुरुषों ने जो तर्क और ज्ञान दिया था उन्हे आज भी याद किया जाता है। इन्ही महापुरुषों में से एक स्वामी विवेकानंद भी है वैसे…

स्वामी विवेकानंद औऱ वामपंथी बौद्धिक जगत की खोखली दलीलें

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रामकृष्ण परमहंस के चिंतन से उलट उनके संबोधन में 'हिन्दू' शब्द पर आपत्ति करने वाले लेखक यह भूल जाते है कि विवेकानंद का फलक वैश्विक था और वे अपने अनुयायियों को मठ में नही विदेशों में संबोधित करते है।जाहिर है भारत से बाहर वे वेदांत या उपनिषदों की बात करते है तो इसके लिए उन्हें हिन्दू धर्म ही बोलना होगा क्योंकि यह इसी विराट चिंतन और जीवन पद्धति का हिस्सा है।

इन योगासनों से नहीं बढ़ेगा वजन और कम होगी कमर की चर्बी

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शरीर का बढ़ता वजन आज सभी की समस्या बन चुका है। हर तीसरा व्यक्ति इससे परेशान है। बढ़ते वजह के पीछे कोई एक कारण नहीं है हालांकि बहुत से लोग इसको लेकर अपना अपना विचार बना चुके है कि उनका वजह क्यों बढ़ रहा है। वजन कम करने के लिए…

कोरोना वैक्सीन पर एकाधिकार की कोशिश

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अमीर देश कोरोना की दवा या वैक्सीन पर अपने इंटिलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स नहीं छोड़ना चाहते। इससे उन्हें कोई मतलब नहीं कि मानवता को रोज कोरोना थोड़ा-थोड़ा कर लील रहा है। उन्हें अपने मुनाफे से मतलब है। न्यूज एजेंसी राइटर्स के मुताबिक एक सीक्रेट मीटिंग में अमीर देशों खासकर यूरोपीय यूनियन और अमेरिका ने इंटिलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स छोड़ने के प्रस्ताव का विरोध किया।

परमभाग्य

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मंदिर यह पवित्र स्थान होता है इसलिए हम मंदिर के बाहर ही चप्पल-जूते निकालकर मंदिर में प्रवेश करते है. मंदिर में भगवान के समक्ष सुंदर सुंगंधित फुल चढाते है. हमें मंदिर की पवित्रता का ध्यान रखना पड़ता है और उसके अनुरूप ही मन में पवित्र विचार आते है क्योंकि मंदिर में भगवान रहते है.

विश्व हिंदी दिवस की शुरुआत कैसे हुई?

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"हिन्दी हैं हम, वतन है हिन्दोस्तां हमारा" उर्दू शायर मुहम्मद इकबाल द्वारा देश प्रेम में लिखी यह पंक्ति सभी को याद होगी। इस पंक्ति में यह साफ साफ कहा गया है कि हिन्दी और हिन्दोस्तां ही हमारी पहचान है। हिन्दी हमारे देश में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है…

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