आखिर कैसे महाबलेश्वर पहुंचा वाधवान परिवार?

महाराष्ट्र में कोरोना वायरस सबसे तेजी से फैल रहा है। राज्य में संक्रमित लोगों की संख्या 1300 को पार कर चुकी है जिसके चलते सरकार सभी से बार-बार अपील कर रही है कि आप अपने घरों से बाहर ना निकले। सरकार सिर्फ उन्हीं लोगों को बाहर निकलने की इजाजत दे रही है जो इस मुश्किल घड़ी में किसी सेवा में तत्पर है। लेकिन इसी बीच एक बड़े कारोबारी घराने के बाहर निकलने से महाराष्ट्र की राजनीति में खलबली मच गयी है। महाराष्ट्र सरकार के शीर्ष अधिकारी अमिताभ गुप्ता की बड़ी लापरवाही सामने आई है उन्होंने डीएचएफएल के प्रमोटर कपिल और धीरज वाधवान के परिवार को इमरजेंसी पास जारी किया है। जबकि वाधवान परिवार के पास कोई भी इमरजेंसी काम नहीं है।  प्रमख सचिव अमिताभ गुप्ता द्वारा पास जारी किए जाने के बाद वाधवान फैमिली के कुल 23 लोग अपनी पांच गाड़ियों में सवार होकर खंडाला से महाबलेश्वर अपने फॉर्म हाउस पर टाइम स्पेंड करने गए थे। वाधवान परिवार के साथ उनके सुरक्षा गार्ड, रसोइएँ और घरों में काम करने वाले लोग भी शामिल हैं। लेकिन तहलका तो तब शुरु हुआ जब यह खबर मिडिया में आयी कि स्पेशल पास के माध्यम से वाधवान परिवार महाबलेश्वर पहुंच रहा है।
महाराष्ट्र सरकार की तरफ से तत्काल प्रभाव से प्रधान सचिव अमिताभ गुप्ता को छुट्टी पर भेज दिया गया है जबकि वाधवान परिवार को एक बिल्डिंग में क्वारंटाइन के लिए रखा गया है।
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस इस मामले को लेकर शिवसेना सरकार पर हमला बोला और कहा इस मुश्किल घड़ी में जहां लोग अपने घरों से निकलने को तरस रहे हैं ऐसे में कुछ खास लोगों को वीआईपी पास जारी किया जा रहा है।

बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने आईपीएस अधिकारी अमिताभ गुप्ता द्वारा जारी लेटर को ट्वीट किया और कहा कि उद्धव सरकार वाधवान परिवार को वीवीआईपी ट्रीटमेंट दे रही है।

प्रधान सचिव द्वारा जारी पास पर नजर डालें तो यह साफ होता है कि वाधवान परिवार से उनके संबंध काफी निकट है। अमिताभ गुप्ता ने अपने आधिकारिक लेटर में लिखा कि निम्नलिखित व्यक्ति को मैं अच्छी तरह से जानता हूं मेरे पारिवारिक मित्र हैं और अति आवश्यक काम की वजह से परिवार के साथ महाबलेश्वर तक की यात्रा कर रहे हैं। इन्हें सहयोग दिया जाए, इसके साथ ही इस पत्र में परिवार की पांच कारों की डिटेल भी दी गई है।
सरकार की तरफ से गृह मंत्री अनिल देशमुख ने इस पूरे मामले पर सरकार की तरफ से सफाई दी और कहा कि इस मामले की जल्द ही जांच की जाएगी कि वाधवान परिवार के 23 सदस्य महाबलेश्वर कैसे पहुंचे? गृह मंत्री अनिल देशमुख ने बताया इस मामले पर उन्होंने उद्धव ठाकरे से बात की है और प्रधान सचिव को तब तक के लिए अवकाश पर भेज दिया गया है जब तक यह जांच पूरी नहीं हो जाती।

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  1. Sandeep mane

    Kanoon sabhi ko ek jaisa he hona chahiye.iss ghatna ki puri jaach honi chahiye.

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