महाराष्ट्र में 20 अप्रैल से ग्रीन-ऑरेंज इलाकों में राहत, उद्धव ठाकरे ने मजदूरों से की अपील

हेडलाइन
  • उद्धव ठाकरे ने विडियो संदेश से जनता को किया संबोधित
  • 20 अप्रैल से कुछ उद्योगो को मिलेगी राहत
  • मजदूरों को घर भेजने पर केंद्र से विचार-विमर्श जारी
  • महाराष्ट्र में 4200 लोग कोरोना से संक्रमित  
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 14 अप्रैल के संबोधन में कहा था कि 20 अप्रैल से लॉक डाउन में उन जगहों पर नरमी की जाएगी जहां कोरोना के मामले कम पाए जाएंगे। इसी के तहत सोमवार से महाराष्ट्र के भी कुछ इलाकों को आम जनता के लिए खोला जाएगा। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार को एक वीडियो संदेश के जरिए जनता से बात की और सरकार की बात जनता के सामने रखी। उद्धव ठाकरे ने कहा 20 अप्रैल यानी सोमवार से लॉक डाउन में कुछ जगहों पर नरमी बरती जाएगी क्योंकि लगातार लॉक डाउन से व्यवसाय क्षेत्र प्रभावित हो रहा है जिसके लिए 20 अप्रैल से हम कुछ उद्योग और वित्तीय गतिविधियां शुरू करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर कुछ उद्योगों को शुरू नहीं किया जाएगा तो कोरोना संकट के बाद हमें वित्तीय और व्यवसायिक संकट से भी गुजरना पड़ेगा इसलिए लोगों के रोजगार को ध्यान में रखते हुए जितना हो सकेगा उतना काम 20 अप्रैल से शुरू किया जाएगा। उद्धव ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र के कुछ ऐसे भी जिले हैं जहां कोरोना के एक भी केस नहीं है इसका हमें फायदा उठाना चाहिए और ग्रीन व ऑरेंज जोन में आने वाली फैक्ट्रियों को शुरू करना चाहिए। 

उद्धव ठाकरे ने अपने वीडियो संदेश में बताया कि महाराष्ट्र में अब तक करीब 66 हजार कोरोना वायरस का टेस्ट किया जा चुका है जिसमें करीब 3600 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं जबकि करीब 95 प्रतिशत लोग निगेटिव पाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि जितने भी लोग कोरोना से संक्रमित हैं या जिनकी मौत हुई है वह पहले से ही किसी ना किसी बीमारी से ग्रसित थे। वहीं राज्य में अभी भी 52 मरीजों की हालत गंभीर है जिनको बचाने का प्रयास किया जा रहा है जबकि 350 लोग अब तक ठीक हो चुके है। महाराष्ट्र में कोराना का संक्रमण 4200 को पार कर चुका है जिसमें करीब 3651 केस अभी भी एक्टिव हैं और 365 लोग स्वस्थ हो चुके हैं और उन्हें छुट्टी भी दे दी गई है।
मुख्यमंत्री ने हाल ही में बांद्रा में इकट्ठा हुए मजदूरों का भी समस्या पर बात की और उन्हें आश्वासन दिलाया कि जैसे ही कोरोना का संकट खत्म होता है महाराष्ट्र सरकार उन्हें उनके घर तक पहुंचाएगी इसके लिए केंद्र सरकार से भी विचार-विमर्श चल रहा है और जल्द ही इस पर कोई समाधान निकल जाएगा। उद्धव ठाकरे ने मजदूरों से अपील करते हुए कहा कि जैसे ही कोरोना का संकट खत्म होता है सभी मजदूर काम पर वापस लौट चलें और बाद में अपने घर जाएं क्योंकि कोरोना संकट के दौरान घर जाना उनके और उनके परिवार दोनों के लिए ठीक नहीं होगा।

आपकी प्रतिक्रिया...