यूपी के प्रयागराज में प्रोफेसर शााहिद सहित 30 जमाती गिरफ्तार

  • उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गिरफ्तार हुए जमाती
  • इलाहाबाद वि.वि. के प्रोफेसर शाहिद ने दी थी शरण
  • 16 जमाती सहित कुल 30 लोग हुए गिरफ्तार
देश के कोरोना संक्रमण में बड़ा योगदान देने वाले जमातियों को सरकार लगातार निर्देश दे रही है कि वह जहां भी हो सामने आकर अपना टेस्ट करवाये और यह सुनिश्चित करें की वह कोरोना से संक्रमित तो नहीं है। सरकार के बार बार निवेदन के बाद भी जमाती घरों में छिपे हुए है और कोरोना संक्रमण को लगातार बढाते जा रहे है। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के प्रयागराज का है जहां पुलिस ने 30 लोगों को गिरफ्तार किया है जिसमें 19 जमाती है जिसमें 16 विदेशी जमाती है। पुलिस को सूचना मिली थी कि प्रयागराज में कुछ जमाती एक मस्जिद मे छिपे हुए है जिसके बाद पुलिस ने छापा मारकर एक प्रोफेसर सहित कुल 30 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है गिरफ्तार हुए लोगों में 19 जमाती है जिसमें 16 विदेशी जमाती है। सभी जमाती दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में शामिल होने के बाद सीधे प्रयागराज पहुचे और छिपकर एक मस्जिद में बैठ गये। गिरफ्तार किये गये जमातियो में एक इलाहाबाद विश्वविद्यालय का प्रोफेसर भी है जो हाल ही में निजामुद्दीन के मरकज में भी शामिल हुआ था और चुपचाप आकर घर पर रहने लगा। जबकि पुलिस ने सभी जमातियों से कहा था कि जो भी लोग निजामुद्दीन मरकज में शामिल हुए है वह अपनी जानकारी नजदीकी पुलिस स्टेशन में जरुर दें।
जानकारी के मुताबिक दिल्ली मरकज में शामिल होन के बाद कुछ विदेशी जमातियों को बिहार जाने के दौरान प्रयागराज में प्रोफेसर शाहिद की मदद से उतार लिया गया था जिसके बाद से शाहिद ने उन्हे अब्दुल्ला मस्जिद में रुकने का प्रबंध किया था लेकिन उन्होने इसकी सूचना प्रशासन से साझा नही की थी जो कानूनन जुर्म है जिसके बाद पुलिस ने प्रोफेसर शाहिद हो भी गिरफ्तार कर लिया है। जबकि विदेशी जमातियो को इंटरनेशनल लॉ के तहत गिरफ्तार किया गया है। वही विदेशी जमातियों से पूछताछ के बाद खुलाासा हुआ कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर शाहिद भी निजामुद्दीन मरकज में शामिल हुए थे और तमाम हिदायत के बाद भी प्रशासन को बिना सूचना दिये घर पर है।
उत्तर प्रदेश के अलग अलग शहरों में जमातियों की गिरफ्तार लगातार जारी है तमाम निर्देश के बाद भी तबलीगी प्रशासन को अपनी जानकारी देने से कतरा रहे है साथ ही जितने भी लोग निजामुद्दीन मरकज में शामिल हुए थे वह भी चुप चाप अपने घरों में बैठे है और कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ा रहे है। सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से भी इस बात को साफ किया गया है कि देश में कोरोना बढ़ाने में तबलीगी जमात का सबसे बड़ा हाथ है। निजामुद्दीन में करीब 2 हजार से अधिक की संख्या में तबलीगी जमाम इकट्ठा हुआ था और बाद में पूरे देश के अलग अलग इलाकों में फैल गये। जिसकी वजह से लगातार कोरोना का संक्रमण बढ़ता ही जा रहा है।

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