मौलाना साद के खिलाफ मिले कई सबूत, कभी भी हो सकती है गिफ्तारी?

  • भारतीय एजेंसियां कर रही मौलाना साद की खोज
  • मौलाना साद करता था तानाशाही 
  • मरकज के पैसों से जीता था अमीरों वाली जिंदगी 
  • हवाला के जरिए पैसों का लेन देन?
जब पूरा देश कोरोना वायरस से लड़ रहा था तब तबलीगी जमात के प्रमुख मौलाना साद जमातियों को यह बता रहे थे कि कोरोना कुछ भी नही है अगर मस्जिद में जान गयी तो इससे अच्छा और कुछ नहीं हो सकता है। देश के बाकी लोगों की चिंता ना करते हुए साद ने जमातियों को अलग अलग स्थानों पर भी भेज दिया और जमाती छिप कर बैठ गये है जिससे अब राज्य सरकारों को उन्हे निकालने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। वहीं अब खुद मौलाना साद कहां छिपे है यह किसी को पता नहीं चल रहा है। दिल्ली पुलिस ने मौलाना साद पर कई केस दर्ज किया है और उनकी तलाश कर रही है।
मौलाना साद पर गैर इरादतन हत्या के साथ साथ अब और कई केस भी दर्ज किये जा चुके है जिसको लेकर पुलिस लगातार मौलाना की खोज कर रही है और  इसके लिए पुलिस ने कई स्थानों पर छापे मारी की है लेकिन अभी तक मौलाना पुलिस के हाथ नहीं लगा है। क्राइम ब्रांच ने दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज को लेकर रिपोर्ट तैयार की है जिसमें आखिर कितने लोग यहां इकट्ठा हुए थे और सरकार ने मना करने के बाद भी सभी लोग यहां से देश के अलग अलग राज्यों में रवाना हो गये और इस पूरे मामले के पीछे कौन कौन लोग जिम्मेदारी है सहित तमाम जानकारी है। क्राइम ब्रांच ने इस रिपोर्ट को ईडी सौंप दिया है जिसके बाद अब आगे की कार्रवाई ईडी द्वारा की जायेगी।  
मौलाना साद अब मरकज के जुड़े पैसों के लेन देन को लेकर भी फंसता जा रहा है। ईडी इस मामले पर पूरी तरह से नजर बनाए हुए है और कुल 11 खाते की जांच कर रही है जिसमें मरकज से जुड़े पैसों का लेन देन होता रहा है। ईडी के मुताबिक मरकज के पैसों को लेकर बड़ी हेरा फेरी हो रही है जिससे अब खुलासा होता नजर आ रहा है। इसके साथ ही इस घोटाले में मौलाना साद से जुड़े 6 और लोग शामिल है जो पैसों का लेनदेन करते है। सूत्रों की मानें तो साद के रिश्तेदार ही यह सब काम करते है और कुल 18 मोबाइल फोन इस काम में इस्तेमाल मे लाये गये है जिसकी कॉल डिटेल्स और रिकॉर्डिंग अब ईडी ने निकाल लिया है साथ ही सभी मोबाइल की लोकेशन पर भी नजर रखी जा रही है।
मरकज के खाते के लेन देन को लेकर हवाला की आशंका जाहिर की जा रही है लेकिन एजेंसियों की तरफ से अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है। ईडी की माने तो अचानक से खाते में लेन देन की रकम बढी है जिसकी जांच की जा रही है। एजेंसियों ने हवाला से जुड़े लोगों से भी पूछताछ शुरु की है लेकिन अभी तक एजेंसियों के हाथ कुछ ऐसा नहीं लगा है जिससे इस बात को साफ किया जा सके कि मरकज के खाते में हवाला के जरिए पैसे का लेन देन चल रहा था।
क्राइम ब्रांच मौलाना साद की गिरफ्तारी को लेकर लगातार छापे मारी कर रहा है इस दौरान मौलाना के फार्म हाउस सहित कुच प्रापर्टी पर भी छापेमारी की गयी वैसे वहा साद तो नहीं मिला लेकिन कुछ ऐसे सबूत एजेंसियों के हाथ लगे जिससे यह साफ होता है कि मौलाना साद तानाशाही करता था। मौलाना अपने पद का दुरुपयोग करता था जिससे मरकज के कुछ लोग परेशान थे और उन्होने इसकी लिखित शिकायत भी की थी लेकिन वह इसमें सफल नही हुए।
मौलाना मरकज को अपने तरीके से चलाता था, पैसे के लेन देन में भी पारदर्शिता बिल्कुल खत्म हो गयी थी। मौलाना साद के खिलाफ की लोग थे लेकिन उसकी तानाशाही के आगे किसी की भी नहीं चलती थी इसलिए सभी को उसका हुक्म मानना पड़ता था। सूत्रों की मानें तो मौलाना साद अपनी मनमर्जी के सब कुछ करता था और खुद ऐश की जिंदगी जीता था। वहीं सूत्रों की माने तो मौलाना साद धर्म के नाम पर मिले अरबो रुपये से देश विरोधी कामों को अंजाम देता था।  

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