ममता बनर्जी की जिद में पिस रहा मजदूर!

  • केंद्र सरकार की तरफ से ममता बनर्जी को पत्र
  • श्रमिकों को घर भेजने में सहयोग की रखी मांग
  • ममता सरकार केंद्र सरकार का नहीं कर रही सहयोग-अमित शाह
  • सरकारी अभाव में मजदूर पैदल घर जाने को हुए मजबूर  
केंद्र की मोदी सरकार और पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार के बीच बहुत पहले से टकराव की स्थिति सामने आती रही है लेकिन इन दोनों सरकारों के टकराव की वजह से आम जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं को मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। वही इन दोनों पार्टी के झगड़े में कई कार्यकर्ताओं को जान भी गंवानी पड़ी थी। कोरोनावायरस को लेकर एक बार फिर से दोनों सरकारों के बीच में टकराव नजर आ रहा है और इस बार पश्चिम बंगाल का मजदूर इसमें परेशान हो रहा है। बात इस कदर आगे बढ़ गई कि पश्चिम बंगाल सरकार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखना पड़ा। केंद्र सरकार ने अपने पत्र में ममता सरकार से निवेदन किया है कि वह राज्य में फंसे मजदूरों को उनके गृह राज्य जाने की अनुमति दें। अमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार का मजदूरों को भेजने में बिल्कुल भी सहयोग नहीं मिल रहा है यह मजदूरों के साथ अन्याय है। केंद्र सरकार लगातार देश के बाकी राज्यों से मजदूरों को उनके घर भेज रही है और ज्यादातर राज्य इसमें पूरा सहयोग कर रहे हैं जबकि पश्चिम बंगाल सरकार अपने निजी स्वार्थ के चलते मजदूरों को रोक कर रखे हुए हैं।
पूरे देश में अचानक से लॉक लगाने के बाद मजदूर पूरी तरह से परेशान है क्योंकि उनके पास अब ना तो काम है और ना ही जीवन गुजारा करने के लिए पैसे बचे हैं। लॉक डाउन की वजह से पूरे देश में सभी कामकाज पूरी तरह से ठप हो गए हैं जिससे सब की कमाई का साधन बंद हो चुका है। लॉक डाउन की वजह से परेशान होकर मजदूर अब पैदल ही अपने गांव के लिए निकल रहा हैं। बिहार के ज्यादातर मजदूर पश्चिम बंगाल से पैदल ही निकल रहे है क्योंकि बिहार उनके लिए बाकी राज्यों से नजदीक है लेकिन इस दौरान उत्तर प्रदेश और बाकी राज्यों के मजदूर सरकार की राह देख रहे है। वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने मजदूरों को पूरी इज्जत के साथ बुलाने के लिए तैयार है और उसके लिए जरुरी सुविधा भी मुहैया करा रहे है।
केंद्र सरकार के मुताबिक पश्चिम बंगाल में करीब 2 लाख मजदूर फंसे हुए हैं जिन्हें केंद्र सरकार घर पहुंचाना चाहती है और मजदूर भी यही चाहते हैं लेकिन ममता बनर्जी की तरफ से केंद्र सरकार को कोई भी सहयोग नहीं मिल रहा है। केंद्र सरकार द्वारा भेजी गई टीम को ममता सरकार काम करने से रोक रही है इसके लिए पहले भी ममता बनर्जी को पत्र लिखा गया था और यह कहा गया था कि वह केंद्र सरकार का सहयोग करें। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल के अधिकारी भी केंद्र द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों की अनदेखी कर रहे हैं जिसकी वजह से केंद्र पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस के हॉटस्पॉट की पहचान करने में सफल नहीं हो रहा है।

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