कोरोना के खिलाफ जूझता मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार जनता की ख़ुशहाली और सुरक्षा के लिहाज़ से हर संभव प्रयास कर रही है। कोरोना से बचाव के लिए 50 दिन से भी अधिक समय लॉकडाउन में गुजर गया है। केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार और प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की संवेदनशीलता से कोरोना संकटकाल में जनहित के निर्णयों को प्राथमिकता दी जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान समय-समय पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में कोरोना की स्थिति एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा कर निर्णय ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में संक्रमित क्षेत्रों की संख्या में कमी आई है। पहले प्रदेश में 896 संक्रमित क्षेत्र थे जो घटकर 613 रह गए हैं। वहीं प्रदेश के कुछ जिले भी संक्रमण से मुक्त हुए हैं। कोविड-19 को देखते हुए हाल ही में प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के तहत प्राइम सपोर्ट स्कीम में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय मॉनिटरिंग समिति का गठन किया गया है। राज्य स्तरीय क्रियान्वयन समिति, प्रदेश में योजना के क्रियान्वयन, प्रगति तथा दैनिक क्रियान्वयन में आने वाले गतिरोध की समीक्षा कर योजना के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक निर्णय भी ले सकेगी।

कोविड-19 महामारी के कारण अन्य प्रदेशों में फंसे कामगार मजदूरों को अपने ग्रह क्षेत्र पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार जिम्मेदारी से उनकी घर वापसी करा रही है। अन्य प्रदेशों में फंसे श्रमिकों की वापसी का सिलसिला जारी है। अब तक करीब 2 लाख 15 हजार श्रमिक प्रदेश में वापस आ चुके हैं। जिनमें गुजरात से एक लाख 5 हजार, राजस्थान से 45 हजार और महाराष्ट्र से 40 हजार श्रमिक वापस लाए गए हैं। इसके साथ ही गोवा, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, केरल, आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना से भी श्रमिक वापस लाए गए हैं। वहीं प्रभारी स्टेट कंट्रोल रूम आई.सी.पी. केशरी के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों में फंसे मध्यप्रदेश के करीब 60 हजार श्रमिकों को अब तक उनके गृह स्थान पहुंचाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि अन्य प्रांतों से श्रमिकों को वापस लाने के लिए कुल 71 ट्रेनों की मांग की जा चुकी है। वहीं 12 मई तक 40 से अधिक ट्रेनें श्रमिकों को लेकर मध्यप्रदेश आ गई हैं। प्रदेश सरकार के अनुसार अन्य राज्यों में फंसे जो प्रवासी श्रमिक मध्यप्रदेश लौटना चाहते हैं, वे राज्य नियंत्रण कक्ष के फोन नम्बर 0755-2411180 पर पंजीयन करा सकते हैं।

इसके साथ ही सरकार ने मध्य प्रदेश से बाहर फंसे लोगों की घर वापसी के लिए एक वेबसाइट https://mapit.gov.in/covid-19  पर रजिस्ट्रेशन कराने की सुविधा भी दी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश होकर अन्य राज्यों में पैदल जा रहे श्रमिकों को सुविधाएं देने के निर्देश जिला कलेक्टरों को दिए। वीडियो कान्फ्रेंसिंग द्वारा अन्य प्रांतों से प्रदेश के जिलों में पहुंचे पदयात्री श्रमिकों के लिए भोजन और रहवास की व्यवस्था कर आगे की यात्रा के लिए उन्हें वाहन उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए एवं श्रमिकों को उनके मूल प्रांतों तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने व्यवस्था की। मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में अध्ययन कर रहे जम्मू-कश्मीर के 458 विद्यार्थियों को बसों के माध्यम से उनके गृह क्षेत्र भेजा गया।

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दुकानों के समय में वृद्धि

बाजारों में भीड़ न हो इस उद्देश्य से प्रदेश की दुकानों के खुले रहने का समय सुबह 8 से रात्रि 10 के स्थान पर सुबह 6 से रात्रि 12 बजे तक रहेगा। कारखानों में कार्य की पाली आठ घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे कर दी गई है।

मंडी अधिनियम बदला

मध्यप्रदेश में मंडी अधिनियम में परिवर्तन कर किसानों को घर बैठे उपज विक्रय, निजी मंडियों में फसल बेचने जैसे विकल्प उपलब्ध करवाए गए हैं। प्रतिस्पर्धा बढ़ने से किसानों को अच्छे दाम मिलेंगे।प्रदेश में श्रमिकों के हित से कोई समझौता नहीं होगा। श्रम कानूनों में जो संशोधन किए गए हैं, उसके फलस्वरूप प्रदेश को आगे बढ़ाने में सहयोग मिलेगा।

पंजीयन और लाइसेंस सिर्फ एक दिन में

पंजीयन और लाइसेंस का कार्य तीस दिन के स्थान पर एक दिन में होगा। इससे कारखानों, दुकानों, ठेकेदारों, बीड़ी निर्माताओं, मोटर परिवहन कर्मकार, मध्यप्रदेश भवन तथा अन्य संनिर्माण कर्मकार अधिनियम में आने वाली निर्माण एजेंसियों का पंजीयन/लाइसेंस एक दिन में मिलेगा।

लोक सेवा गारंटी अधिनियम में संशोधन

कारखाना लाइसेंस नवीनीकरण अब एक साल की बजाय दस साल में कराए जाने का प्रावधान किया गया है।

ठेका श्रम अधिनियम में कैलेण्डर वर्ष की जगह संपूर्ण ठेका अवधि के लिए लाइसेंस जारी किया जाएगा। नए कारखानों का पंजीयन/लाइसेंस जारी करने की ऑनलाइन व्यवस्था होगी। स्टार्टअप उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए उन्हें सिर्फ एक बार पंजीयन कराना होगा। नवीनीकरण करवाने की जरूरत नहीं होगी।

एक ही रजिस्टर, एक ही रिटर्न

कारखानों में कार्य की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए श्रम कानूनों के अंतर्गत 61 रजिस्टर रखने और 13 रिटर्न दाखिल करने की जगह एक ही रजिस्टर और एक ही रिटर्न दाखिल करने की व्यवस्था की गई है। रिटर्न फाइल करने के लिए स्व-प्रमाणन हो सकेगा।

50 अधिक श्रमिक वाली स्थापनाओं पर लागू औद्योगिक नियोजन अधिनियम अब 100 से अधिक स्थापनाओं पर लागू होगा। इससे छोटे उद्योगों को राहत मिलेगी। इस बारे में अधिसूचना जारी कर दी गई है।

मजदूरों की घर वापसी

अन्य राज्यों के 10 हजार मजदूरों को सरकार ने बसों से उनके गृह राज्य की सीमा तक पहुंचाया है।अन्य प्रदेशों में फँसे मध्यप्रदेश के करीब दो लाख 68 हजार 601 श्रमिक अब तक प्रदेश में वापस आ चुके हैं।

हितग्राहियों के खातों में 82.41 करोड़ राशि अंतरितप्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रथम किश्त के एक लाख रूपये भिजवाए।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वित्त मंत्री द्वारा एम.एस.एम.ई को दिए गए पैकेज के संबंध में कहा कि यह भारत की आत्मनिर्भरता का पैकेज है।

लॉकडाउन में सी.एम. हेल्पलाइन नम्बर 181 आम नागरिकों और सभी जरूरतमंदों के लिए सबसे बड़ा आसरा केन्द्र बन गया है। इस नम्बर पर अब तक 6 लाख 18 हजार 600 लोगों के फोन करने पर भोजन, राशन, दवाओं, परिवहन तथा अन्य प्रकार की राहत उपलब्ध कराई गई है। सी.एम. हेल्पलाइन किसानों के लिए भी मददगार साबित हो रही है। इस पर अब तक किसानों की फसल कटाई, फसल परिवहन आदि की समस्याओं का तुरंत निराकरण सुनिश्चित किया गया है। सीएम हेल्पलाइन से ही भोजन संबंधी 5 लाख 809, परिवहन संबंधी 35 हजार 607, दवाइयों संबंधी 32 हजार 376, आवश्यक वस्तुएं जैसे दूध, सब्जी आदि संबंधी 16 हजार 261 तथा अन्य प्रकार की 33 हजार 547 समस्याओं की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई कर सहायता मुहैया कराई गई। सरकार ने लोगों की अधिक से अधिक मदद के लिये टोल फ्री नंबर 104 भी जारी किया है।

प्रदेश में भारत सरकार की एडवाइजरी के अनुसार आयुष विभाग प्रदेश के लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए मार्च से रोग-प्रतिरोधक दवाइयों का वितरण कर रहा है। प्रदेश में 9 मई तक 97 लाख परिवार के 2 करोड़ 33 लाख लोगों को रोग-प्रतिरोधक औषधियों का वितरण किया जा चुका है। इनमें 85 लाख शहरी और एक करोड़ 48 लाख ग्रामीण इलाकों के लोग शामिल हैं। करीब 37 लाख परिवारों को आयुर्वेदिक दवा, 58 लाख परिवारों को होम्योपैथी और 2 लाख परिवारों को यूनानी दवा दी जा चुकी है। दवा वितरण कार्य निरंतर जारी है। दवा वितरण के लिए आयुष विभाग द्वारा 1964 दलों का गठन किया गया है। दलों में शामिल आयुष चिकित्सक पैरा-मेडिकल स्टाफ और आयुष चिकित्सा छात्र मार्च से घर घर जाकर आयुर्वेदिक, होम्योपैथी और यूनानी दवाओं का वितरण कर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जीवन अमृत योजना में प्रदेश के एक करोड़ परिवारों को नि:शुल्क त्रिकटु काढ़ा चूर्ण वितरित करने के निर्देश दिए हैं। योजना में अब तक तकरीबन 5 लाख काढ़ा चूर्ण पैकेट बंट चुके हैं। काढ़ा वितरण की मॉनिटरिंग विभाग द्वारा विकसित सार्थक एप से की जा रही है।

कोरोना काल में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश के 6 जिलों में 16 गेहूं उपार्जन केंद्रों पर गेहूं खरीदी का कार्य महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपा गया है। गेहूं उपार्जन प्रक्रिया में स्व-सहायता समूह की भागीदारी दर्ज कराने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य है। इसके साथ ही स्व-सहायता समूह के सदस्यों को मास्क, सैनिटाइजर, हैंडवाश और अन्य सामग्री निर्माण गतिविधियों से जोड़कर रोजगार मुहैया कराने का कार्य निरंतर जारी है। मनरेगा के माध्यम से भी ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार ने प्रदेश में किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो इसलिए फसलों की तुलाई व बिक्री की उचित व्यवस्था कर ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को बाधित नहीं होने दिया एवं समर्थन मूल्य पर फसल बिक्री के लिए किसानों को के माध्यम से खरीदी केंद्रों तक बुलाया जा रहा है, जिससे सोशल डिस्टेंस का पालन हो सके वहीं इस संकट काल में आम जनता के लिये जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता में कोई कमी राज्य सरकार ने नहीं होने दी।

मध्यप्रदेश सरकार ने वैश्विक महामारी कोरोना के संक्रमण काल में ‘एफ.आई.आर.’ आपके द्वार योजना का शुभारंभ किया है जिससे समस्याओं का निवारण आसानी से हो सकेगा। अब जनता को रिपोर्ट लिखाने थाने तक नहीं जाना पड़ेगा। इस अवसर पर प्रदेश के गृह मंत्री द्वारा हेल्पलाइन ‘डायल 112’ की भी शुरूआत की गई। इस नम्बर पर कॉल करने से एम्बुलेंस, पुलिस और अग्निशमन सेवाएं जनता को तुरंत उपलब्ध हो सकेगी।

इसके पूर्व भी प्रदेशवासियों को कोई तकलीफ न हो इसके लिए राज्य सरकार ने तीन माह का उचित मूल्य राशन 97.5 लाख लोगों को दिया। 52 लाख विद्यार्थियों को 430 करोड़ रूपये की छात्रवृत्ति, बच्चों को मध्याह्न भोजन के लिए तथा अन्य सहूलियत के रूप में हितग्राहियों को 589 करोड़ रूपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए। निर्माण श्रमिकों को एक-एक हजार रूपए उनके खातों में भिजवाए गए। किसान क्रेडिट कार्ड, सम्पत्ति कर तथा वृत्ति कर के भुगतान की तिथि को भी बढ़ाया गया। मुख्यमंत्री श्री चौहान के निर्देशानुसार उद्योगों को सहूलियत देने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम में श्रम विभाग द्वारा दी जाने वाली सेवाओं की अवधि में संशोधन किया गया है। अब श्रम विभाग की 18 सेवाओं को एक दिन में देने का प्रावधान किया गया है। पूर्व में इन सेवाओं को 30 दिन में देने का प्रावधान था।

मध्यप्रदेश में 12 मई 2020 तक कोरोना संक्रमितों की संख्या 3785 तक पहुंच गई, वहीं अब तक 221 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। प्रदेश के रेडजोन में आने वाले हॉटस्पॉट पर बारीकी से नजर रखने के साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर कोरोना को हराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

 

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