दवाइयों के आपूर्ति में भागवत परिवार अग्रसर

अभी हाल ही में कुछ माह पूर्व भागवत परिवार द्वारा मुंबई वििेशद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय रामायण कथा का आयोजन किया था। वर्तमान समय में राम और रामायण की प्रांसगिकता विषय पर कथावाचक श्री वीरेंद्र याज्ञिक जी ने अपना चिंतन व मंथन प्रकट किया था। मुंबई के अलग अलग हिस्सों में रामायण कथा एवं श्रीभद्भागवत कथा आयोजन करने के लिए भागवत परिवार प्रसिद्ध है और जो भी धनराशि एकत्रित की जाती है उससे भागवत कथा कार्यक्रम सहित अन्य धार्मिक व सामाजिक सेवा के कार्य में लगाया जाता है।

कोरोना महामारी के बीच भागवत परिवार कहा पीछे रहने वाला था। वह भी सेवा कार्यों में कूद पड़ा और मुंबई सहित पालघर, ठाणे क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। भागवत परिवार भगवदीय कार्य के लिए पूर्ण रूप से समर्पित संस्था है। जन सेवा ही ईेशर सेवा है इस ध्येय वाक्य को चरितार्थ करते हुए भागवत परिवार लॉकडाउन होते ही पूरे जी
जान से इस भगवदीय कार्य में जुट गया।

देखते ही देखते रोजाना जरुरतमंदो को भोजन बांटा जाने लगा। सर्वप्रथम सेवाकार्यों की पहल करने के कारण अन्य सगठनों ने भी इससे प्रेरणा लेकर विभिन्न प्रकार के सेवा कार्य शुरू किये।भागवत परिवार के सेवा कार्य से प्रभावित होकर राज्य सरकार प्रशासन के अनुरोध पर सरकार द्वारा स्थापित कोविड सेंटर में मेडिसिन सप्लाय की व्यवस्था भागवत परिवार ने अपने हाथों में ली है और दिन रात मेडिसिन सप्लाय कार्य में जुटे हुए है।बता दे कि कोरोना महामारी से महाराष्ट्र राज्य सहित मुंबई सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र है। ऐसे संकट के समय में अपनी जान को हथेली पर रखकर सेवा कार्य करना कोई मामूली बात नहीं है।

जिस तरह डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ, पुलिस, सफाईकर्मी सहित मीडियाकर्मी कोरोना योद्धा है उसी तरह सेवा कार्य में जुटी सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक संस्था भी एक कोरोना योद्धा की भूमिका निभा रही है।भागवत परिवार से जुड़े श्री लक्ष्मीकांत सिगरोडिया ने बताया की अब तक लाखों लोगों को हमारी संस्था द्वारा भोजन और राशन वितरित किया गया है। इसके आलावा सेनिटाइजर, माक्स और अन्य सुरक्षा सामग्री का भी वितरण किया गया है। जो मजदूर पलायन कर रहे है उनकी सुविधा के लिए नाश्ता, भोजन और पानी की भी व्यवस्था की गई है। रोजाना हजारों की संख्या में जरूरतमंद लोग संस्था द्वारा संचालित सेवा कार्यों का लाभ उठा रहे है।

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