राजनीति में दिशा तय करेगी गुजरात विजय

समूचे भारत देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने वाले गुजरात विधानसभा चुनाव में जननेता नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मतदाताओं का स्षष्ट बहुमत मिला है। 2002, 2007 तथा अब 2012 के विधानसभा चुनावों में जीत प्राप्त करने का सम्मान नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व को मिला है। नरेन्द्र मोदी के खिलाफ सभी विरोधी दलों ने वातावरण तैयार किया था। 70 प्रतिशत मतदान होने के कारण सभी दलों की आशाएं जीत के प्रति पलल्वित हुई थीं। मतगणना के बाद भाजपा ने ११५ सीटों पर जीत प्राप्त की है, इसका साफ अर्थ है कि गुजरात की जनता ने एकजुट होकर नरेन्द्र मोदी की भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में मतदान किया।

यह विजय नरेन्द्र मोदी की है या भाजपा की, ऐसा सवाल मीडिया की ओर से उठाया जा रहा है। मीडिया को ऐसे सवाल उठाने में खास रस आता है, फिर भी जीत तो जीत ही होती है। यह जीत भाजपा के कमल चिन्ह को ही मिली है और इस विजय का नेतृत्व नरेंन्द्र मोदी ने ही किया है। घोटालों की माडल साबित हुई कांग्रेस, परिवर्तन का सपना दिखाने वाली गुजरात विकास पार्टी तथा नरेन्द्र मोदी का सफल विकास माडल इन तीन मुद्दों में से एक का चयन गुजरात की जनता को करना था। विशेषकर गुजरात की जनता मतदान करते समय ऐसा विचार अपने मन में रखा था। कि उनका नेता सक्षम, निर्णय लेने वाला तथा राज्य का विकास करने वाला हो, पिछले दस साल से गुजरात राज्य सरकार का नेतृत्व करने वाले नरेन्द्र मोदी के अनुभव को देखते हुए गुजरात की जनता को उनसे ज्यादा सक्षम विकल्प किसी अन्य दल में दिखाई नहीं दिया। नरेन्द्र मोदी की छवि राज्य को विकास की दिशा की ओर ले जाने वाले लोकप्रिय नेता के रूप में है। निर्णय कुशल, समर्थ तथा राज्य के विकास के साथ-साथ देश का भी विकास करने वाले नेता के रूप में नरेन्द्र मोदी अपनी पहचान बना चुके हैं। राज्य का सर्वांगीण विकास करना ही मोदी ने अपना मुख्य लक्ष्य बनाया और इसी कारण नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता का ग्राफ निरंतर बढ़ता चला गया।

इस चुनाव में नरेन्द्र मोदी के विरोध में अनेक अभियान चलाए गए, पर ये सभी अभियान विफल हो गए। पहले भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे केशुभाई पटेल ने नई पार्टी स्थापित की। मीडिया द्वारा ऐसा दिखाया गया कि केशुभाई के भाजपा से अलग होने के कारण गुजरात में भाजपा कमजोर हुई है। ऐसा महौल तैयार किया गया। पटेल समुदाय का गुजरात में अच्छा खासा प्रभाव है और उनके मतों के कारण गुजरात में सत्ता परिवर्तन होगा। इस बार गुजरात के चुनाव में जातिवाद की गंध आ रही थी। नरेन्द्र मोदी के विकास के विरुद्ध जाति के आधार पर केशुभाई पटेल ने यह चुनाव लड़ा, लेकिन गुजरात में जाति का मुद्दा महत्व का न होकर विकास का मुद्दा महत्वपूर्ण है, यह बात इस चुनाव में गुजरात के पटेल समाज के साथ अन्य सभी मतदाताओं ने स्पष्टत: कर दिखाया है।

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर पहले ही देशभर में बदनाम हुई कांग्रेस ने सभी नैतिक मूल्यों ताक पर रखकर नरेन्द्र मोदी तथा भाजपा के विरोध में प्रचार जारी रखा। कांग्रेस के नेताओं ने यह बताने में कोई गुरेज नहीं किया कि गुजरात का विकास कांग्रेस के कारण भी हुआ है। कांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ दुष्प्रचार का सिलसिला पूरे चुनाव प्रचार के दौरान जारी रखा। जीत के प्रति दृढ़ विश्वास न होते हुए भी भ्रमित कांग्रेस ने झूठे तथा थोथले विज्ञापनों का प्रचार के लिए उपयोग किया, उनकी ओर से प्रचारित किए गए ये सभी विज्ञापन हास्यास्पद साबित हुए। चुनाव किस आधार पर लड़ा जाना चाहिए, जनाधार कब प्राप्त होता है, लोकतांत्रिक राज्य के कौन-कौन से मूल्य हैं, इसे तलाशने में सोनिया गांधी के नेतृत्ववाली कांग्रेस पार्टी अज्ञानी ही साबित हुई। वास्तविकता तथा भ्रामक कल्पना के बीच का अंतर न पहचानने वाली कांग्रेस पार्टी जनता को कैसा शासन दे पााएगी, इस प्रश्न पर मतदाताओं ने गहन मंथन किया। कांग्रेस ने झूठी बातों का प्रचार में उपयोग किया, इससे कांग्रेस का झूठ जनता के सामने आ गया। इन सब बातों को देखकर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी का कृतित्व ही कांग्रेस पार्टी की गलत नीतियों का करारा जबाब रहा है। कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी एवं नरेन्द्र मोदी के बीच चुनावी घमासान ही विषम था। यहां चुनावी जंग नरेन्द्र मोदी सरकार की ओर से एक दशक में गुजरात में किए गए आर्थिक काया पलट और भविष्य में राज्य का और विकास कैसे सुनिश्चित जाए इस मुद्दे को लेकर लड़ी गई थी।

लगातार तीन विधानसभा चुनाव में जीत प्राप्त कर नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा ने पूरे देश को यह बता दिया कि यह बात सच नहीं है। देश में क्रांग्रेस का कोई विकल्प नहीं, देश में हर स्थान पर कांग्रेस का विकल्प तैयार हो सकता है। इस कारण गुजरात के चुनाव में भाजपा की जीत सिर्फ गुजरात राज्य की जीत न होकर पूरे देश की राजनीति की दिशा तय करने वाली साबित होगी। गुजरात के साथ पूरे देश के हित के लिए विकास के मुद्दों पर कार्य करने वाले नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा की जीत ही समय की जरूरत है और यह जीत 2014 में होने वाले लोकसभा चुनाव का भविष्य तय का संकेत के रूप में दर्ज होगी। विकास का मूल उद्देश्य सामने रखकर अविरत कार्य करने वाले तथा भाजपा को विजयपथ पर ले जाने वाले श्री नरेन्द्र मोदी तथा सभी भाजपा कार्यकर्ताओं का अभिनंदन तथा भविष्य में होने वाली कार्यों के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।
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