रिश्तों में विसंगति कहीं शादी की परंपरा तोड़ने की साज़िश तो नहीं?…

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हमारे देश में शादी को पवित्र बंधन माना गया है। खासकर हिन्दू धर्म की बात करें तो शादी को दो आत्माओं का मिलन कहा गया है। जिसमें न केवल दो प्राणी बल्कि दो परिवार एक दूसरे के सुख दुःख के भागी बनते है। विवाह से समाज की सबसे छोटी इकाई…

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की छाया में गणतंत्र

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बदलाव की चेतना स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भी देखने में आई थी। इसीलिए इसे भारतीय स्वाभिमान की जागृति का संग्राम भी कहा जाता है। राजनीतिक दमन और आर्थिक शोषण के विरुद्ध लोक-चेतना का यह प्रबुद्ध अभियान था। यह चेतना उत्तरोतर ऐसी विस्तृत हुई कि समूची दुनिया में उपनिवेशवाद के विरुद्ध मुक्ति का स्वर मुखर हो गया। परिणाम स्वरूप भारत की आजादी एशिया और अफ्रीका की भी आजादी लेकर आई।

अस्सी बनाम बीस प्रतिशत

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 80% बनाम 20% का बयान जिस सघन बहस, विवाद और बवंडर का आधार बना है वह अस्वाभाविक नहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, योगी आदित्यनाथ और कुछ हद तक गृह मंत्री अमित शाह ऐसे नाम हैं, जिनके एक-एक शब्द का विशेष दृष्टिकोण और परिधि के…

बिजली, पानी, लोन सब कुछ मुफ्त लीजिए लेकिन वोट दीजिए!

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शायद यह कहना गलत नहीं होगा कि राजनीति का स्तर दिन पर दिन गिरता ही जा रहा है और इसके लिए सिर्फ नेता ही नहीं बल्कि जनता भी उतनी ही जिम्मेदार है क्योंकि जनता को खुद अब लुभावने वादे पसंद आने लगे हैं और मुफ्तखोरी की आदत होती जा रही…

थल सेना दिवस: तन समर्पित, मन समर्पित और यह जीवन समर्पित

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  किसी भी देश की सेना से उसकी ताकत का पता चलता है और बाकी देश पर उसकी एक छवि निर्धारित होती है। दुनिया के सभी देश अपनी पूरी अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा अपनी सेना पर खर्च करते हैं ताकि उससे देश की रक्षा की जा सके और समय…

मराठी के बाद उठी उर्दू बोर्ड की मांग

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हम किसी दुकान को उसके नाम से ही पहचानते हैं लेकिन उस दुकान का नाम किस भाषा में लिखा हुआ है हमें उससे कोई सरोकार नहीं होता है और होना भी नहीं चाहिए क्योंकि अलग अलग राज्यों की अपनी भाषा होती है और सभी को अपनी भाषा का इस्तेमाल करने…

मकर संक्रान्ति के स्नान व दान का महत्व

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भगवान सूर्य जब शनि के साथ मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो उस दिन मकर संक्रांति का त्यौहार मनाया जाता है। इस दिन से ही सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण की तरफ चलना शुरु करता है। हिन्दू धर्म में इसी दिन से मलमास की समाप्ति होती है और शुभ दिनों की…

दुनिया में भारत और हिन्दू धर्म का बजा डंका

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हिंदुत्व की बात शुरू होते ही सबसे पहले जिस सन्यासी का नाम याद आता है वो नाम अधिकांश लोगों के लिए स्वामी विवेकानंद का होगा। उन्हें ख़ास तौर पर उनके “शिकागो व्याख्यान” के लिए याद किया जाता है।  ये जो सर्व धर्म सम्मलेन हो रहा था, वो शिकागो के एक…

भारत भक्ति से भरा मन है ‘स्वामी विवेकानंद’

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स्वामी विवेकानंद ऐसे संन्यासी हैं, जिन्होंने हिमालय की कंदराओं में जाकर स्वयं के मोक्ष के प्रयास नहीं किये बल्कि भारत के उत्थान के लिए अपना जीवन खपा दिया। विश्व धर्म सम्मलेन के मंच से दुनिया को भारत के ‘स्व’ से परिचित कराने का सामर्थ्य स्वामी विवेकानंद में ही था, क्योंकि…

स्वामी विवेकानन्द जी की राष्ट्रीय प्रेरणा

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सन १८६३ के प्रारंभ में, १२ जनवरी को स्वामी विवेकानंद का जन्म हुआ हैं उस समय देश की परिस्थिति कैसी थी? १८५७ के क्रन्तियुध्द की ज्वालाएं बुझ रही थी।  यह युध्द छापामार शैली में लगभग १८५९ तक चला। अर्थात स्वामी विवेकानंद के जन्म के लगभग ४ वर्ष पहले तक इस…

चुनाव आयोग सख्ती करे तो निरापद हो सकते हैं चुनाव

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देश में कोरोना की तीसरी लहर लहर आ चुकी है और वैज्ञानिक एवं चिकित्सा विशेषज्ञ यह आशंका जता रहे हैं कि  इस लहर का प्रकोप अगले दो महीनों तक बना रह सकता है । इसी बीच चुनाव आयोग ने पांच राज्यों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर की विधानसभाओं…

सतर्क रहें तो तीसरी लहर नहीं बरपा सकेगी कहर

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भारत में कोरोना संक्रमण की रफ्तार एक बार फिर भयावह गति से बढ़ने लगी है और एक दिन में 1लाख 80000 से अधिक मामले सामने आने के बाद अब यह माना जा रहा है  कि देश में कोरोना की तीसरी लहर दस्तक दे चुकी है। दक्षिण अफ्रीका में मिला कोरोना…

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