वस्त्रनिर्मिति ज्ञानकोश

राज्य मराठी विकास संस्था और इचलकरंजी की डीकेटीबी संस्था के संयुक्त तत्वावधान में वस्त्रनिर्मिति पर ज्ञानकोश निर्माण करने का वृहद प्रकल्प आरंभ किया गया है। यह 9 खंडों में होगा, जिसमें से चार खंड प्रकाशित हो चुके हैं। वस्त्रोद्योग से जुड़े सभी के लिए यह ज्ञानकोश उपयोगी होगा।

राज्य मराठी विकास संस्था, मुंबई तथा दत्ताजीराव कदम तांत्रिक शिक्षण संस्था की “टेक्सटाइल एण्ड इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट (DKTE)“ इचलकरंजी द्वारा संयुक्त रूप से वस्त्रनिर्मिति ज्ञानकोश  प्रकल्प प्रारंभ किया गया है। इस कोश के लिए डी.के.टी.ई. संस्था ज्ञानात्मक योगदान दे रही है और इस ग्रंथ के भाषाई संस्करण और प्रकाशन की जिम्मेदारी राज्य मराठी विकास संस्था ने ली है। इस प्रकल्प पर सितंबर 1997 से काम शुरू है।

इस प्रकल्प के अंतर्गत कुल 9 खंड प्रस्तावित हैं। प्रथम चार खंड प्रकाशित हो चुके हैं। पांचवां खंड- फैशन वस्त्र प्रकाशित हो रहा है। शेष चार खंडों पर संस्था में काम चल रहा है।

इस प्रकल्प की मूल संकल्पना स्व.डॉ.सरोजिनी वैद्य की थी। वे राज्य मराठी विकास संस्था की प्रथम संचालक (1992-2001) थी। प्रो.डॉ.वामन आचवल वस्त्र क्षेत्र के एक दिग्गज व्यक्ति थे। डी.के.टी.ई. के पूर्व प्राचार्य प्रो.दिनकर आजगावकर, पूर्व संचालक प्रो.डॉ.चन्द्रकांत काणे, अहमदाबाद टेक्सटाइल इंडस्ट्री एण्ड रिसर्च एसोसिएशन (ATIRA) के पूर्व संचालक अशोक गर्दे, वस्त्र उद्योग के दिग्गज एवं जानकार श्री सुरेश वैद्य, श्री प्रभाकर पडते, प्रो.चन्द्रशेखर वर्तक, प्रो.सुरेश महाजन, श्री. यशवंत देशपांडे (बुनाई विशेषज्ञ) इन लोगों का इस प्रकल्प की नींव रखने में महत्वपूर्ण योगदान है।

प्राचार्य डा.मंजू हुंडेकर, साफ्ट के पूर्व प्राचार्य एवं संचालक प्रो. जयंत केलकर, प्रो. सचिन कानिटकर, प्रो. चन्द्रशेखर साधले ये सभी जानकार आगामी खंडों में लेखक एवं संपादक के रूप में अपना योगदान दे रहे हैं।

इस कोश के कार्य की व्यवस्था हेतु कार्यकारी समिति है। डी.के.टी.ई. के संचालक एवं अन्य दो जानकार व्यक्ति इस समिति के सदस्य हैं। राज्य मराठी विकास संस्था के संचालक भी समिति के सदस्य होते हैं, इस प्रकार चार सदस्यों की यह समिति कोश का कार्य देखती है। वर्तमान में राज्य मराठी विकास संस्था के संचालक प्रो.डॉ.आनंद काटीकर, डी.के.टी.ई. के प्राचार्य डॉ.पी.व्ही कडोले, श्री अशोक गर्दे एवं श्री सुरेश वैद्य समिति के सदस्य हैं। श्री सुरेश वैद्य समन्वय संपादक एवं श्री विलास शिरसाट प्रकल्प प्रमुख हैं।

इस प्रकल्प के लिए बॉम्बे टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशन (BTRA), यू.डी.सी.टी.(माटुंगा), सासमिरा (वरली), सेन्ट्रल लायब्रेरी (फोर्ट), टेक्सटाईल रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (शिवाजी पार्क), बालमोहन विद्यामंदिर (शिवाजी पार्क), एलफिन्स्टन तांत्रिक विद्यालय (धोबी तलाव) इन संस्थाओं की सहायता मिली है। वैसे ही स्कूल ऑफ फैशन टेक्नॉलाजी, पुणे के ग्रंथालय एवं कम्प्यूटर विभाग का भी सहयोग प्राप्त हुआ। वस्त्रनिर्मिति ज्ञानकोश यह एक बृहद प्रकल्प होने के कारण महाराष्ट्र सरकार ने इसे हमेशा विशेष प्रोत्साहन एवं स्वतंत्रता दी है।

इस कोश के अंतर्गत आने वाले ग्रंथ निम्नानुसार हैं-

* वस्त्रनिर्मिति ज्ञानकोश- खंड 1- तंतुनिर्माण एवं तंतुविज्ञान (Textile Fibres)

इस खंड में बारह अध्याय हैं। Textile Fibres के विषय में विद्यार्थी एवं उद्योगपतियों हेतु उपयुक्त जानकारी दी गई है।

(संपादक- डॉ. चन्द्रकांत काणे, प्रो. सुरेश महाजन, कुल पृष्ठ 291, मूल्य रू.400/-)

* खंड 2- सूत निर्माण (Yarn Forming)

इस खंड में 12 अध्याय हैं एवं सूत निर्माण के संबध में विद्यार्थी, कारीगर एवं उद्योगपतियों को उपयुक्त जानकारी समाविष्ट।

(संपादक- अशोक गर्दे, यशवंत देशपांडे, कुल पृष्ठ 278 मूल्य रू.400/-)

* खंड 3- कपड़ा निर्माण (Fabric Forming)

इस खंड में 12 अध्याय हैं एवं कपड़ा निर्माण के बारे में विद्यार्थी कारीगर एवं मिलों को उपयुक्त जानकारी दी है।

(संपादक- प्रो. दिनकर आजगावकर, प्रो. सुरेश महाजन, प्रो. हसमुख शहा, कुल पृष्ठ 348, मूल्य रू. 500/-)

* खंड 4- वस्त्रनिर्माण में रासायनिक प्रक्रिया (Chemical Processing)

इस खंड में 11 अध्याय हैं। श्री प्रभाकर पडते ने दस अध्याय स्वयं लिखे हैं। ग्यारहवां प्रकरण भारत के Colour Combination विशेषज्ञ श्री विलास गुप्ते ने रंगमापन एवं संगणकीय रंग मिलान (Colour Combination) यह अध्याय लिखा है।

(संपादक- डॉ.वामन आचवल, प्रभाकर पडते, गोविंद जोशी, कुल पृष्ठ 540, मूल्य रू. 1420/-)

* खंड 5- फैशन-

इसके लिये महर्षि कर्वे स्त्री शिक्षण संस्था की स्कूल ऑफ फैशन टेक्नॉलॉजी (SOFT) पुणे संस्थान ने फैशन क्षेत्र की जानकारी में अपना भारी योगदान दिया है। फैशन-खंड में कुल 10 अध्याय हैं एवं उसमें वस्त्रों के फैशन के संदर्भ में जानकारी दी गई है।

(संपादक- डॉ. मंजू हुंडेकर, सहसंपादक- प्रो. चन्द्रशेखर वर्तक, प्रो. जयन्त केलकर, कुल पृष्ठ 180, मूल्य- रू. 800/-। यह खंड नवंबर में प्रकाशित होगा।

* खंड 6- तकनिकी वस्त्र

* खंड 7- वस्त्रोद्योग, व्यवस्था

* खंड 8- ‘वस्त्र’ संकल्पना का सांस्कृतिक आविष्कार

* खंड 9- वस्त्रोद्योग परिभाषा कोष

इन खंडों का काम चल रहा है।

यहां एक जानकारी देना आवश्यक है कि यह कोश मराठी भाषा में तैयार हो रहे हैं फिर भी इनमें अंग्रेजी शब्दों का समावेश बहुतायत से है। इसके दो कारण हैं, पहला याने इस कोश में उल्लेखित बहुत सी बातें और संकल्पनाएं पश्चिमी संस्कृति की देन है। फिर भी जहां संभव है वहां हमने शब्दों का मराठी अनुवाद किया है। दूसरा कारण याने किसी विषय का संपूर्ण शब्दकोश तैयार होने के बाद ही ग्रंथ निर्माण करने की भूमिका सही नहीं है। कारण वह उस भाषा के जानकारों की जिज्ञासा को रोकने वाली है। ज्ञान एवं भाषा इन दोनों संकल्पनाओं का आपस में घनिष्ठ संबध है। इस कारण हमने जितना संभव हो शब्दों का मराठी अनुवाद किया है। परंतु आवश्यकता के अनुसार अनेक अंग्रेजी शब्दों का भी प्रयोग किया है। फिर भी भाषाई संशोधन शुरू ही है। परिणामस्वरूप, संबधित जानकारों द्वारा, अंग्रेजी शब्दों का और सूक्ष्म विचार कर इस खंड मालिका के अंतिम खंड – खंड 9 वस्त्र संकल्पना कोश के लिये अनेक अंग्रेजी शब्दों के लिये मराठी शब्द दे सकेगा।

देश के वस्त्रोद्योग केन्द्र में महाराष्ट्र का महत्वपूर्ण स्थान देखते हुए मराठी भाषा में वस्त्र इस विषय पर इस पहले ज्ञानकोश का सामान्य पाठकों, जिज्ञासु उद्योगपतियों, संशोधकों, अध्येताओं, विद्यार्थियों एवं साथ ही साथ वस्त्रोद्योग के विविध घटकों द्वारा हृदय से स्वागत किया जायेगा और यह सभी के लिए उपयुक्त होगा ऐसी आशा है।

 

 

 

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