उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 2027 में संभावित विधानसभा चुनावों से पूर्व 9 लाख करोड़ रु. का अब तक का सबसे बड़ा बजट विधानसभा में प्रस्तुत किया है। सत्तापक्ष, विशेषज्ञ और मीडिया भी इस बजट की सराहना कर रहे हैं। परंपरागत रूप से विपक्ष इसकी आलोचना करते हुए इसे योगी सरकार का अंतिम बजट कह रहा है।
योगीराज के इस बजट का आकार भारत के पड़ोसी राष्ट्रों पाकिस्तान और बांग्लादेश के बजट से भी कई गुना बड़ा है। यूपी में योगी बजट की एक और विशेष बात है कि किसी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में लगातार 10वां बजट पेश हुआ हो, ऐसा पहली बार हुआ है। अभी तक किसी भी मुख्यमंत्री को लगातार इतने बजट प्रस्तुत करने का सौभाग्य नहीं प्राप्त हुआ है।
यूपी के बजट में केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट की छाप दिख रही है। योगी सरकार का चुनावी वर्ष के पूर्व का यह बजट प्रदेश को समस्त क्षेत्र में विकसित बनाने का आश्वासन देने वाला बजट है, समाज को संतुष्टि प्रदान करने वाला बजट है। बजट में समाज के चार स्तंभों- युवा, किसान, गरीब व महिलाओं का विशेष ध्यान रखा गया है।
बजट में सुशिक्षित समाज, स्वस्थ समाज, नारी सशक्तीकरण, जल सरंक्षण, पर्यावरण संरक्षण पर पर्याप्त धन आवंटित किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि यह बजट नारी शक्ति, युवावर्ग, किसान, तथा वंचित वर्ग के उत्थान व खुशहाली को समर्पित है। यह विश्वस्तरीय अवस्थापना सुविधाएं, उत्कृष्ट निवेश का वातावरण, नारी समृद्धि के लिए अभूतपूर्व प्रयास, युवाओं को अद्वितीय अवसर, तकनीक संग रोजगार सृजन वाला बहुआयामी बजट है। योगी सरकार प्रदेश को देश का ग्रोथ इंजन बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और यह बजट उसका प्रमाण है।
सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम पूर्ण बजट होने के बाद भी बजट में राजकोषीय अनुशासन पर बल दिया गया है और आधुनिकता पर भी ध्यान दिया गया है। सरकार लगातार बजट का आकार बड़ा करके प्रदेश के आर्थिक उन्नयन के लिए नई रणनीतियों के साथ अपनी व्यूह रचना को आगे बढ़ा रही है।
महत्वपूर्ण बात है कि आइटी एवं इलेक्ट्रानिक्स क्षेत्र के बजट में 76 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, कृषि के लिए 20 प्रतिशत सिंचाई एवं जल संसाधन के लिए विगत वर्ष की तुलना में 30 प्रतिशत अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था की गई है। ग्राम पंचायतों के लिए भी सरकार ने खजाना खोल दिया है और इस बार उनके लिए बजट में 67 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।

प्रदेश में विधानसभा चुनावों से पूर्व त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव भी संभावित हैं जिनके कारण सरकार ने नई मांगो के अनुरूप सबसे अधिक 10,695 करोड़ रु की धनराशि पंचायती राज विभाग को आवंटित की है। इस वर्ष के बजट में कई नए क्षेत्रों का सृजन किया गया है व धन आवंटित कर उन्हें पोषित करने का प्रयास किया गया है। एआई तकनीक तथा डाटा सेंटर के साथ औद्योगिक विकास पर बल दिया गया है।
एमएसएमई पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। हर बार की तरह एक्सप्रेस वे योजनाओं को भी धन आवंटित कर विकास की गंगा बहाने पर ध्यान दिया गया है। बजट में ”एक जिला एक उत्पाद” व “एक जिला एक व्यंजन” जैसी योजनाओं को प्राथमिकता दी गई हैं। विकास को गति देने के लिए हर जिले व क्षेत्र का ध्यान रखा गया है।

पर्यटन के माध्यम से भी प्रदेश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने व युवाओं के लिए नये रोजगार सृजन पर बल दिया गया है। बजट को लेकर सरकारी पक्ष का जोरदार दावा है कि नए बजट से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलने जा रहे हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया है। बजट के माध्यम से सरकार ने किसानों को साधने के लिए बजट में बीज से बाजार तक की विस्तृत योजना के साथ धन का खजाना खोल दिया है। सरकार का जोर फसलों की गुणवत्ता और उत्पादकता पर तो है ही, साथ ही वो किसानों को उद्यम, प्रसंस्करण और बाजार से भी जोड़ना चाहती है।
प्रदेश के बजट में पशुधन एवं दुग्ध विकास को भी स्थान देते हुए निराश्रित गोवंश के लिए व्यवस्था की गई है। प्रदेश में 220 नई दुग्ध समितियां गठित करने की घोषणा की गई है। विकास कार्यों के लिए बजट में 19.5 प्रतिशत पूंजीगत परिव्यय का प्रावधान किया गया है जो आधारभूत ढांचे, औद्योगिक विकास, सड़क, ऊर्जा और शहरी ग्रामीण अधोसंरचना को गति प्रदान करेगा, इससे सम्बंधित 43.5 हजार करोड़ रु. की नई योजनाएं बजट में आवंटित की गई हैं।

बजट में बताया गया है कि प्रदेश में हो रहे बदलावों के अनुसार किस प्रकार राजस्व जुटाने में एआई तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश, देश में आबकारी निर्यात नीति तैयार करने वाला पहला राज्य बना है। देश के मोबाइल निर्माण सेक्टर में 65 प्रतिशत मोबाइल यूपी में बन रहे हैं। 44.74 हजार करोड़ के इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात से यूपी देश की ताकत बन चुका है।
भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तैयार तहसीलों के लिए योजना बनाई गई है और शिक्षा पर खर्च बढ़ाया गया है। योगी सरकार ने इस बजट में भाजपा शासित अन्य राज्यों की कई अच्छी विकास योजनाओं को भी समाहित करने का सफल प्रयास किया है, जिसमें राजस्थान सरकार द्वारा चलाई जा रही स्कूटी योजना एक प्रमुख उदाहरण है।
प्रदेश के लघु उद्यमी बजट से खुश नजर आ रहे हैं। उद्योगपतियों का कहना है कि बजट में हस्तकरघा और अन्य योजनाओं को काफी धन मिला है। महिलाएं व युवा भी बजट का अपने अपने अनुसार स्वागत कर रहे हैं। बजट से यदि कोई निराश दिख रहा है तो वो मात्र विरोधी दल ही हैं।
– मृत्युंजय दीक्षित

