सीपेक तो बहाना है, भारत को डराना है

Continue Readingसीपेक तो बहाना है, भारत को डराना है

संसार में चीन एक मात्र ऐसा देश है जिसके बारे में कहावत है " ऐसा कोई सगा नही जिसको हमने ठगा नही"। चीन की यह नीति रही कि पड़ोसी देशों का अतिक्रमण किया जाय। हांगकांग और मकाऊ चीन ने पहले ही हड़प लिए हैं उसकी सीमाओं से सटे 14 देश…

चीन के कर्जजाल से हलकान श्रीलंका

Continue Readingचीन के कर्जजाल से हलकान श्रीलंका

श्रीलंका बुरे दौर से गुजर रहा हैं। कितना बुरा ? पूरे देश के पास सिर्फ आज के लिये पेट्रोल - डीजल हैं। आज १७ मई से देश मे ८०% से ज्यादा निजी बसे चलना बंद हो जाएंगी। श्रीलंका के समुद्री क्षेत्र मे पिछले चालीस दिनों से ३ बडे जहाज, जिनमे…

बीएमसी करेगी दिशादर्शक पर 150 करोड़ का खर्च

Continue Readingबीएमसी करेगी दिशादर्शक पर 150 करोड़ का खर्च

मुंबई के पूर्व, पश्चिम और शहर के डिवीजनों में महानगरपालिका के रोड पर ट्रांसपोर्ट फैसिलिटी के तहत दिशा दर्शाने वाले नेमप्लेट के लिए 150 करोड़ रुपये के टेंडर के लिए कोई प्रतिस्पर्धा नहीं होगी, क्योंकि आरपीएस इंफ्रास्ट्रक्चर और स्पीको इंफ्रास्ट्रक्चर इन ठेकेदारों के लिए इसतरह का टेंडर बनाने की शिकायत…

मुद्रा स्फीति पर अंकुश हेतु आरबीआई ने रेपो दर बढ़ाई

Continue Readingमुद्रा स्फीति पर अंकुश हेतु आरबीआई ने रेपो दर बढ़ाई

अभी हाल ही में दिनांक 04 मई 2022 को भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो दर में 40 अंकों की वृद्धि कर इसे 4 प्रतिशत से बढ़ा कर 4.40 प्रतिशत कर दिया है। रेपो दर में उक्त वृद्धि 45 महीनों पश्चात अर्थात अगस्त 2018 के बाद की गई है। इसके तुरंत…

ग्लोबलाइजेशन और लोकलाइजेशन मॉडल

Continue Readingग्लोबलाइजेशन और लोकलाइजेशन मॉडल

मेष संक्रांति के दिन हमारे गांव में हर साल मेला लगता है जिसमे पूरा गांव सम्मिलित होता है और मेले से घरेलू प्रयोग की हर वस्तु लेते हैं बनाने वाले सब आस पास गांव के ही होते हैं लेकिन दुर्भाग्य अब कोई मेला देखने जाता नही और दुकाने कम होती…

आय में वृद्धि के चलते महंगाई का कम होता असर

Continue Readingआय में वृद्धि के चलते महंगाई का कम होता असर

महंगाई (मुद्रा स्फीति) का तेजी से बढ़ना, समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेष रूप से समाज के गरीब एवं निचले तबके तथा मध्यम वर्ग के लोगों को आर्थिक दृष्टि से अत्यधिक विपरीत रूप में प्रभावित करता है। क्योंकि, इस वर्ग की आय, जो कि एक निश्चित सीमा में ही रहती है,…

राष्ट्रीय भूमि मौद्रीकरण निगम की स्थापना का निर्णय

Continue Readingराष्ट्रीय भूमि मौद्रीकरण निगम की स्थापना का निर्णय

अभी हाल ही में प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रीमंडल ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए राष्ट्रीय भूमि मौद्रीकरण निगम की स्थापना को मंजूरी दे दी है। राष्ट्रीय भूमि मौद्रीकरण निगम द्वारा केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों एवं केंद्र सरकार से जुड़े अन्य विभिन्न संस्थानों की…

दुनिया चुका रही रुस-यूक्रेन युद्ध की कीमत

Continue Readingदुनिया चुका रही रुस-यूक्रेन युद्ध की कीमत

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध का असर अब पूरी दुनिया पर दिखने लगा है और यह असर महंगाई के रूप में नजर आ रहा है। भारत सहित तमाम देशों में महंगाई अपने चरम पर पहुंच गयी है और यह किसी भी सरकार के काबू से बाहर है।…

विश्व बैंक ने भारत को सराहा

Continue Readingविश्व बैंक ने भारत को सराहा

अभी हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष ने “महामारी, गरीबी और असमानता: भारत से मिले साक्ष्य” विषय पर एक शोधपत्र जारी किया था, जिसके अनुसार भारत में अत्यंत गरीबी में बहुत तेजी से गिरावट दर्ज की गई है एवं यह अब 0.8 प्रतिशत के निचले स्तर पर आ गई है।  अत्यंत गरीब…

मुफ्तखोरी का शिकार श्रीलंका

Continue Readingमुफ्तखोरी का शिकार श्रीलंका

श्रीलंका ने डिफ़ॉल्ट कर दिया है । स्वयं घोषणा करके श्रीलंका ने विश्व समुदाय को सूचित कर दिया है कि वह न तो कोई उधार या उसका ब्याज चुकाएगा । इस वर्ष 4 बिलियन डॉलर का भुगतान श्रीलंका को करना था और जुलाई तक एक बिलियन डॉलर का पर श्रीलंका…

भारत के पड़ौसी देशों को कैसे बर्बाद कर रहा है चीन

Continue Readingभारत के पड़ौसी देशों को कैसे बर्बाद कर रहा है चीन

चीन की एक विशेष आदत है, पहिले तो वह आर्थिक सहायता के नाम पर भारी भरकम राशि कर्ज के रूप में उपलब्ध कराता है और फिर उस कर्ज की किश्त समय पर अदा न किए जाने पर उस किश्त की राशि और ब्याज को अदा करने के लिए एक नया…

भारतीय अर्थव्यवस्था में बन रहे हैं नित नए कीर्तिमान

Continue Readingभारतीय अर्थव्यवस्था में बन रहे हैं नित नए कीर्तिमान

भारत की वृहद परिप्रेक्ष्य में आर्थिक बुनियाद मजबूत बनी हुई है। उपभोक्ताओं और कारोबारियों दोनों का कारोबारी माहौल के प्रति विश्वास बढ़ रहा है तथा मांग में भी सुधार हो रहा है इसलिए ऐसी आशा की जा रही है कि वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान भारतीय आर्थिक क्षेत्र में और भी कई नए रिकार्ड बनेंगे।

End of content

No more pages to load