सामूहिक हम करें साधना,कार्य स्वयं भगवान है।
उक्त विचार को लेकर उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में कैलाश मानसरोवर परिसर में आज राष्ट्र सेविका समिति की अखिल भारतीय कार्यकारिणी एवं प्रतिनिधि मंडल की दो दिवसीय अर्धवार्षिक बैठक प्रारंभ हुई। जिसमें वंदनीया प्रमुख संचालिका मा. शांतक्का जी और प्रमुख कार्यवाहिका मा. सीता गायत्री जी की पूर्ण समय उपस्थिति रहेगी। इस बैठक में 40 प्रांतों से लगभग 125 प्रतिनिधि बहने उपस्थित रहने का अनुमान है।
बैठक के प्रारंभ में पूर्व प्रमुख संचालिका वंदनीया प्रमिलताई जी सहित दिवंगत गणमान्य महानुभावों, सैनिकों, आपदा में मारे गए देश बान्धवों एवं कार्यकर्ता बंधु भगिनी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। बैठक के उद्घाटन सत्र में गत अर्धवार्षिक बैठक में तय किए गए करणीय विषयों की समीक्षा की गई।
बैठक से मिले वृत्त के अनुसार देशभर के सभी 12 क्षेत्र और 40 प्रांतों में समिति की 4350 शाखाएं कार्यरत हैं। देशभर के कुल 1042 जिलों में से 825 जिलों में समिति कार्य है। समिति की सेविकाओं द्वारा देशभर में 2238 सेवा कार्य चलाए जा रहे हैं।

विशेष-
🚩 जम्मू और पंजाब में आयी बाढ़ के दौरान समिति की सेविकाओं द्वारा किया गया सेवा कार्य – बाढ़ से फैली गंदगी की सफाई, खाद्य सामग्री, कपड़े और रसोई के बर्तन आदि का वितरण।
🚩 स्वातंत्र्य समर के महामंत्र वंदे मातरम की शताब्दी निमित राष्ट्र सेविका समिति के कार्यकर्ताओं के प्रयास से महाराष्ट्र में 5 लाख से अधिक विद्यार्थियों द्वारा सम्पूर्ण वंदे मातरम का गायन किया गया। इस प्रकार के कार्यक्रम अन्य प्रांतों में भी हुए।
🚩 सन् 1925 में ब्रिटिश हुकूमत को हिला देनेवाली घटना – काकोरी (9 अगस्त 1925 को रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान और चंद्रशेखर आज़ाद जैसे क्रांतिकारियों द्वारा लखनऊ के पास काकोरी में ट्रेन रोककर ब्रिटिश ख़ज़ाने की लूट) के शताब्दी समारोह निमित समिति की कार्यकर्ताओं द्वारा कार्यक्रम काकोरी में सम्पन्न किया गया।
🚩 इंदौर में बाबासाहब तारणेकर के अमृत महोत्सव निमित एवं दक्षिण की गंगा कही जानेवाली गोदावरी नदी के उद्गम दिवस पर उपस्थित नागरिकोण को वंदनीय प्रमुख संचालिका का प्रेरक मार्गदर्शन मिला।
अगले दो दिनों में शिक्षा वर्ग, समिति के 90 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में होनेवाले कार्यक्रम तथा देश की सामाजिक, साँस्कृतिक स्थिति के बारे में चिंतन होगा एवं समिति के कार्य की वृद्धि की योजना भी बनाई जाएगी।

