आज सुबह तेहरान के बीचों-बीच कई धमाके हुए। धुएँ के बादल उठते देखे गए। इज़राइल ने आधिकारिक तौर पर माना कि उसने ईरान पर प्री-एम्प्टिव स्ट्राइक की है। पूरे इज़राइल में सायरन बजे, आपातकाल लागू हुआ, स्कूल बंद कर दिए गए और नागरिकों को सुरक्षित ठिकानों के पास रहने को कहा गया।
यह पिछले आठ महीनों में ईरान के ख़िलाफ़ इज़राइल का दूसरा बड़ा हवाई अभियान है।
सच यह है कि इसके संकेत पहले से साफ़ दिख रहे थे।
कतर के अल उदैद एयरबेस पर अमेरिकी टैंकर विमानों की गतिविधि अचानक शून्य हो जाना, पहली बार इज़राइल में F 22 रैप्टर लड़ाकू विमानों की तैनाती, सैकड़ों सैन्य परिवहन उड़ानें,और बेन गुरियन एयरपोर्ट पर ईंधन भरने वाले टैंकरों की मौजूदगी— ये सब इत्तेफ़ाक़ नहीं थे।
एक दिन पहले ही कई देशों ने अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने को कहा। चीन ने भी अपने लोगों को बाहर निकलने का आदेश दिया। बातचीत की बातें चल रही थीं, लेकिन ज़मीन पर तैयारी युद्ध की थी।

असल मुद्दा बातचीत नहीं था।
मुद्दा था वह यूरेनियम जिसे अंतरराष्ट्रीय एजेंसियाँ ठीक से सत्यापित नहीं कर पा रहीं। जिन रियायतों की जाँच न हो सके, वे रियायतें नहीं— सिर्फ़ समय खरीदने का तरीका होती हैं।
ईरान की हालत पहले ही गंभीर थी
अर्थव्यवस्था लड़खड़ा रही है, बिजली-पानी की व्यवस्था चरमराई हुई है, शेयर बाज़ार गिरा हुआ है और जनता सड़कों पर है। उसके कई प्रभावशाली सहयोगी कमज़ोर हो चुके हैं। अब उस पर सटीक सैन्य हमले भी हो रहे हैं।
अब सवाल यह नहीं है कि हमला क्यों हुआ।
सवाल यह है कि आगे क्या होगा?
नज़र रखिए
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर,
तेल की क़ीमतों पर,
और इस बात पर कि क्या इज़राइल में बजते सायरनों के बाद ईरान की तरफ़ से जवाब आता है या ख़ामोशी रहती है।
जून ने दिखाया कि इज़राइल क्या कर सकता है।
फ़रवरी बताएगा कि ईरान के पास अब क्या बचा है।
ईरान में चार टार्गेट: क्या और क्यों?
Qom- क़ुम पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पादों के वितरण का एक क्षेत्रीय केंद्र है। बंदर अंज़ली और तेहरान से आने वाली प्राकृतिक गैस पाइपलाइन तथा तेहरान से आने वाली कच्चे तेल की पाइपलाइन क़ुम से होकर फ़ारस की खाड़ी पर स्थित अबादान रिफाइनरी तक जाती हैं।
Khorramabad- खोर्रमाबाद भूमिगत मिसाइल अड्डा: लोरिस्तान प्रांत में स्थित यह अड्डा देश में सबसे अधिक मिसाइल साइलो होने के लिए जाना जाता है।
इमाम अली मिसाइल अड्डा: यह ईरान के दो साइलो-आधारित मिसाइल अड्डों में से एक है, जो शाहाब-3 मिसाइलों के भंडारण और प्रक्षेपण के साथ-साथ मोबाइल इरेक्टर-लॉन्चरों को रखने और तैनात करने के लिए पर्याप्त बड़ा है।
Isfahan- इस्फ़हान मध्य ईरान में एक महत्वपूर्ण सैन्य केंद्र है, जहाँ प्रमुख परमाणु अनुसंधान सुविधाएँ, बड़े वायुसेना अड्डे (जहाँ F-14 टॉमकैट विमान तैनात हैं) तथा मिसाइल और ड्रोन के लिए आवश्यक रक्षा उत्पादन कारखाने स्थित हैं।
यह प्रांत इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की व्यापक अवसंरचना भी समेटे हुए है, जिसमें प्रशिक्षण अड्डे और हथियार भंडारण सुविधाएँ शामिल हैं, जिससे यह एक केंद्रीय रणनीतिक स्थान बन जाता है।
Tehran- सत्ता का केंद्र

