मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने रविवार को राज्य की पूर्वी पट्टी के दो आदिवासी जिलें; पंचमहाल और दाहोद में एक ही दिन में 1100 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास सम्पन्न किया।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए ‘वंचितों को वरीयता’ के कार्यमंत्र के साथ आदिवासियों के सर्वांगीण विकास का विचार गुजरात में मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में साकार हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने इस संदर्भ में आदिजाति परिवारों को पंचमहाल जिले में 732 करोड़ रुपए के 112 कार्यों तथा दाहोद जिले में 367 करोड़ रुपए के 1200 से अधिक कार्यों की भेंट दीं।
श्री भूपेंद्र पटेल ने पंचमहाल जिले के शहेरा, गोधरा, कालोल और घोघंबा के 79 गांवों के 130 तालाबों में पानम जलाशय का पानी पहुंचाने के लिए लगभग 406 करोड़ रुपए की उद्वहन सिंचाई पाइपलाइन योजना का लोकार्पण किया।

इस योजना के परिणामस्वरूप लगभग 86 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई की सुविधा मिलेगी। पानम जलाशय से इस उद्देश्य के लिए 236 फीट ऊंचाई से पानी लिफ्ट करके 205 किलोमीटर लंबी वितरण पाइपलाइन द्वारा पहुंचाया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि पानी को ही विकास का मुख्य आधार माना जाता है। राज्य के अंबाजी से उमरगाम तक के आदिवासी बेल्ट में अब तक 3160 करोड़ रुपए के खर्च से 11 उद्वहन सिंचाई योजनाओं द्वारा 2 लाख 23 हजार एकड़ जमीन को सिंचाई सुविधा प्रदान की गई है।
उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार के इस वर्ष के 4 लाख करोड़ रुपए के ऐतिहासिक बजट में भी आदिवासी क्षेत्रों में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 485 करोड़ रुपए की व्यवस्था लिफ्ट इरिगेशन के लिए सुनिश्चित की गई है।
- प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आदिजातियों के सर्वांगीण विकास के संकल्प को साकार करने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल का महत्वपूर्ण कदम
- राज्य की पूर्वी पट्टी के दो आदिवासी जिलों को एक ही दिन में 1,100 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास कार्यों की भेंट मिली
- पंचमहाल के चार आदिजाति तहसीलों के 79 गांवों के 130 तालाब पानम आधारित उद्वहन सिंचाई योजना की पाइपलाइन से भरे जाएंगे।
- 206 किलोमीटर लंबी सिंचाई पाइपलाइन से 86 हजार एकड़ क्षेत्र को सिंचाई का लाभ मिलेगा।
- एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट दाहोद को विकसित भारत के लिए विकसित गुजरात में नेतृत्व करने वाला इंस्पिरेशनल जिला बनाना है।
- इस वर्ष के चार लाख करोड़ रुपए के ऐतिहासिक बजट में 485 करोड़ रुपए आदिजाति क्षेत्रों में लिफ्ट इरिगेशन के लिए आवंटित किए गए हैं।
- तीन आदिजाति जिलों में नर्मदा आधारित लिफ्ट इरिगेशन से 18 तहसीलों के 51,480 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई लाभ देने का प्रावधान।
इतना ही नहीं, श्री पटेल ने कहा कि छोटाउदेपुर, दाहोद तथा पंचमहाल जिलों में नर्मदा आधारित लिफ्ट इरिगेशन के माध्यम से 18 तहसीलों के 51,480 हेक्टेयर क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने पंचमहाल और दाहोद जिलों में मुख्य रूप से स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क नेटवर्क और पानी की सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों की भेंट भी दीं।
प्रधानमंत्री द्वारा घोषित आकांक्षी जिलों में शामिल दाहोद जिले को मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने विकसित भारत के निर्माण के लिए विकसित गुजरात में नेतृत्व करने वाला इंस्पिरेशनल जिला बनने का आह्वान किया।
इस लोकार्पण और शिलान्यास समारोह में मंत्री श्री अर्जुनभाई मोढवाडिया, राज्य मंत्री श्री रमेशभाई कटारा, राज्य मंत्री श्री पी.सी. बरंडा, सांसद श्री राजपालसिंह जादव, सांसद श्री जसवंतसिंह भाभोर, राज्यसभा सांसद डॉ. जसवंतसिंह परमार, दोनों जिलों के विधायक, स्थानीय पदाधिकारी, दोनों जिलों के कलेक्टर सहित प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में आदिवासी परिवार सहभागी हुए।
-मिहिरकुमार शिकारी

