नई दिल्ली। मार्च 28, 2026। विश्व हिंदू परिषद ने संसद के बजट सत्र के दौरान चलाए अपने 19 दिवसीय विशेष सांसद संपर्क अभियान में लगभग 375 से अधिक सांसदों से संपर्क कर हिंदू समाज से जुड़े तीन ज्वलंत विषयों पर चर्चा की। विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा ने आज बताया कि देश भर से आए विभिन्न प्रांतों, भाषाओं और मत-पंथों से जुड़े लगभग 170 कार्यकर्ताओं ने इस अभियान के दौरान एक प्रभावी जनसंख्या नीति, तीर्थाटन के विकास व संविधान के अनुच्छेद 29 व 30 के अंतर्गत अल्पसंख्यकों को प्राप्त विशेषाधिकार हिंदू समाज को भी दिए जाने के संदर्भ में चर्चा की।
मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्ति मिले, हिंदू का पैसा हिंदू हित में काम आए तथा तीर्थाटन के विकास के लिए संस्कृति मंत्रालय में एक स्वतंत्र विभाग का गठन कर इनका चहुंमुखी विकास हो, इस विषय पर भी सभी सांसदों से विस्तार से चर्चा हुई।

उन्होंने बताया कि विश्व हिन्दू परिषद द्वारा प्रतिवर्ष सामान्यतया संसद के शीतकालीन सत्र में देश भर के सभी दलों के सांसदों से संपर्क का कार्यक्रम होता है। किन्तु इस बार उसकी अवधि कम होने के कारण हमें यह अभियान बजट स्तर के दौरान चलाना पड़ा।
इसके माध्यम से विहिप के बहुआयामी कार्य व कार्यक्रमों के साथ हिन्दू समाज और देश की एकता अखंडता से जुड़े किन्हीं दो या तीन ज्वलंत मुद्दों पर जानकारी दी जाती है। इस कार्य के लिए पूरे देश के विभिन्न प्रांतों से कार्यकर्ता 3-4 चरणों में दिल्ली पहुंचकर अपने अपने प्रान्त के सांसदों से संपर्क करते हैं।

वर्तमान बजट सत्र में यह अभियान 9 से 27 मार्च तक चला। 9 से 13 मार्च तक चले इसके प्रथम चरण में केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र के कार्यकर्ताओं ने कुल 139 लोकसभा और राज्य सभा सांसदों से संपर्क किया।
14 से 19 मार्च तक चले द्वितीय चरण में बिहार, झारखण्ड, राजस्थान, गुजरात, उड़ीसा, बंगाल, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, मणिपुर व नागालैंड के कार्यकर्ताओं ने इन प्रांतों के कुल 103 सांसदों से संपर्क किया।
अभियान का तृतीय और अंतिम चरण 20 से 27 मार्च तक था। इसमें शेष राज्य- छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और जम्मू कश्मीर, उत्त रप्रदेश व देव भूमि उत्तराखंड के कार्यकर्ता इन प्रांतों के कुल 133 माननीय सांसदों से संपर्क में जुटे।
इस प्रकार 19 दिनों में हमारा कुल 375 सांसदों से सीधा और व्यक्तिगत संपर्क हुआ। विहिप महामंत्री ने बताया कि इस वर्ष हमने 3 विषय इस संपर्क अभियान के लिए तय किए थे :
1. जनसंख्या असंतुलन पर एक व्यापक राष्ट्रीय चिंतन करते हुए एक प्रभावी जनसंख्या नीति बने।
2. धर्म प्राण भारत की आत्मा तीर्थों में बसती है। हिन्दू मंदिर सरकारी नियंत्रण से मुक्त हों तथा तीर्थाटन के विकास के लिए संस्कृति मंत्रालय में एक स्वतंत्र विभाग का गठन कर इनका चहुंमुखी विकास हो।
3. संविधान के अनुच्छेद 29 और 30 के प्रावधानों को देश के सभी नागरिकों के लिए समान रूप से लागू किया जाए, जिससे कि सभी धर्मों को धार्मिक शिक्षा का भेदभाव रहित समान संवैधानिक अधिकार सुनिश्चित हो सके। साथ ही ‘अल्पसंख्यक’ शब्द को परिभाषित करने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया गया।
उन्होंने यह भी बताया कि इस कार्यक्रम में हमने सभी दलों के मा. सांसदों से मिलने का समय मांगा था। हमें प्रसन्नता है कि अधिकांश ने हमारे अनुरोध को स्वीकार किया तथा उनसे बहुत ही सार्थक और उपयोगी चर्चा हुई।
दिल्ली में हुई इस प्रेस वार्ता में विहिप के केंद्रीय मंत्री, विशेष संपर्क प्रमुख व राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री अम्बरीष भी उपस्थित थे।
– विनोद बंसल

