चेन्नई में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का बयान सियासी तूफान बन गया। AIADMK और बीजेपी के गठबंधन पर निशाना साधते हुए
खरगे ने पीएम नरेंद्र मोदी के लिए “आतंकवादी” शब्द इस्तेमाल कर दिया।
उन्होंने कहा—
“AIADMK वाले अन्नादुरई की तस्वीर लगाते हैं, तो मोदी के साथ कैसे जुड़ सकते हैं? वह एक आतंकवादी है।”
बस… यहीं से विवाद भड़क गया,
अब सवाल सिर्फ गठबंधन का नहीं रहा—
भाषा और मर्यादा भी मुद्दा बन गई है।
सीधी बात—
राजनीति में हमला ठीक है…
लेकिन शब्दों की सीमा पार हुई या नहीं?
यही अब असली बहस है।चुनावों की आहट के साथ ही देश की राजनीति में शब्दों की मर्यादा तार-तार होती नजर आ रही है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के एक ताजा बयान ने राजनीतिक हलकों में तूफान खड़ा कर दिया है। वायरल हो रहे एक पोस्टर के मुताबिक, खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना एक ‘टेररिस्ट’ (आतंकवादी) से कर दी है।
बयान से सियासत गर्म
सोशल मीडिया पर साझा किए गए इस पोस्टर में मल्लिकार्जुन खरगे को यह कहते हुए दिखाया गया है:
“वो कैसे मोदी का साथ दे सकते हैं, मोदी एक ‘टेररिस्ट’ हैं…”
इस बयान के सामने आते ही भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी प्रवक्ताओं का कहना है कि दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना कांग्रेस की हताशा और गिरती हुई राजनीतिक सोच का प्रमाण है।संसद और जनता के बीच खींचतान
पोस्टर में एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी की सौम्य तस्वीर है और दूसरी तरफ संसद भवन की पृष्ठभूमि में कांग्रेस अध्यक्ष खरगे को आक्रोशित मुद्रा में दिखाया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के ‘कठोर’ शब्दों का इस्तेमाल चुनावी ध्रुवीकरण को और तेज कर सकता है।
विपक्षी गठबंधन जहां इसे सत्ता के खिलाफ आक्रामक रुख मान रहा है, वहीं सत्ता पक्ष इसे देश के अपमान से जोड़कर जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है।
अब देखना यह होगा कि इस विवादित बयान का आने वाले चुनावों पर क्या असर पड़ता है और कांग्रेस इस पर क्या आधिकारिक स्पष्टीकरण देती है।
हालाँकि बयान पर बवाल बढ़ने के बाद उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनके शब्द का अर्थ यह था कि प्रधानमंत्री विपक्षी नेताओं को ‘आतंकित’ कर रहे हैं, न कि वे स्वयं आतंकवादी हैं।

मल्लिकार्जुन खरगे के इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि कॉन्ग्रेस गिरते स्तर की राजनीति कर रही है। गोयल ने इसे 142 करोड़ भारतीयों और लोकतंत्र का अपमान बताते हुए खड़गे से माफी की माँग की।
ने चेन्नई में प्रेस कॉन्फ्रेंस में AIADMK के BJP के साथ गठबंधन पर हमला बोलते हुए कहा: “How can they (AIADMK) join with Modi? He is a terrorist. And he won’t believe in equality. His party won’t believe in equality and justice… ये लोग लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं।” वीडियो में साफ सुनाई दे रहा है कि उन्होंने “terrorist” शब्द का इस्तेमाल किया।
खरगे की सफाईबयान पर भारी आलोचना के बाद खरगे ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनका मतलब PM मोदी को “आतंकवादी” कहना नहीं था। “मैंने कभी नहीं कहा कि PM आतंकवादी हैं। मेरा मतलब था कि मोदी हमेशा धमकाते और terrorise करते हैं। ED, IT, CBI जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल करके विपक्ष को डराते हैं।”
बीजेपी का तीखा पलटवार : बीजेपी ने इस बयान को “140 करोड़ भारतीयों का अपमान” बताया। पार्टी ने इसे चुनावी हार की कुंठा करार दिया और कहा कि कांग्रेस अब भाषा की सीमा पार कर चुकी है।
सियासी माहौल : यह बयान तमिलनाडु में DMK-Congress गठबंधन को मजबूत करने और AIADMK-BJP alliance को तोड़ने की कोशिश के बीच आया है। विपक्षी दलों में PM मोदी पर हमले की तीखी भाषा आम है, लेकिन “आतंकवादी” जैसे शब्द का इस्तेमाल सीधे प्रधानमंत्री के लिए कई लोग “अनुचित और अक्षम्य” मान रहे हैं।

कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है, लेकिन पार्टी के कई नेता खरगे के “संदर्भ” की बात कर रहे हैं।
क्या कहते हैं राजनीतिक विश्लेषक ? 82 वर्षीय खरगे का यह बयान कांग्रेस के लिए सेल्फ-गोल साबित हो सकता है। TN चुनाव के ठीक पहले यह विवाद BJP को पूरे देश में “कांग्रेस का असली चेहरा” दिखाने का मौका देगा। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर #KhargeTerroristRemark और #KhargeApologise जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं।

