प्रख्यात स्वास्थ्य एवं विज्ञान लेखक डॉ. कृष्णा नन्द पाण्डेय जी की प्रथम पुस्तक ‘मानव स्वास्थ्य और निरोगी जीवन’ का लोकार्पण बीते दिनों दिनांक 22 अगस्त, 2026 को दिल्ली स्थित CSIR -NISCPR के सभागार में संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम भारत की प्रतिष्ठित पत्रिका ‘विज्ञान प्रगति’ के प्रकाशन के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य समारोह का हिस्सा था।


इस अवसर पर नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी, भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के पूर्व सचिव एवं भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के पूर्व महानिदेशक डॉ. विश्व मोहन कटोच, CSIR-NIScPR की निदेशक डॉक्टर गीता वाणी रायसम, इंडिया हैबिटेट सेंटर के निदेशक डॉक्टर के. जी. सुरेश, यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ़ मेडिकल साइंसेज के हृदय रोग विज्ञान विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष एवं वर्तमान में नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट में हृदयरोग विशेषज्ञ के रूप में परामर्शदाता डॉ. श्रीधर द्विवेदी, जैसे गणमान्य महानुभावों की उपस्थिति थी।
दिन भर चले इस कार्यक्रम में ‘विज्ञान प्रगति’ के बड़ी संख्या में लेखकों ने भी इस पत्रिका से जुड़े अपने संस्मरण साझा किए। ‘विज्ञान प्रगति’ के संपादक डॉ. मनीष मोहन गोरे ने इस पत्रिका की शुरुआत से लेकर वर्तमान समय की चुनौतियों और उपलब्धियों से अवगत कराया।
इस कार्यक्रम के दौरान CSIR-NIScPR द्वारा प्रकाशित दो पुस्तकों के साथ-साथ ‘विज्ञान प्रगति’ के ताजा अगस्त 2026 अंक और इस पत्रिका में पूर्व प्रकाशित 80 लेखों का संकलन ग्रंथ का भी विमोचन किया गया।
