भारतीय वायु सेना के पूर्व ग्रुप कैप्टन श्रीकांत वालवडकर को शिवाजी यूनिवर्सिटी ने उनकी रिसर्च थीसिस “इंडियन मिलिट्री ऑपरेशन्स: परसेप्शन्स एंड प्रेजेंटेशन इन सिलेक्टेड वॉर नॉन-फिक्शन एंड वॉर मूवीज़” के लिए Ph.D. की डिग्री प्रदान की है। उन्होंने डॉ. तृप्ति करेकट्टी के मार्गदर्शन में ह्यूमैनिटीज़ फैकल्टी के तहत अंग्रेज़ी विषय में यह डॉक्टरेट पूरी की।

ग्रुप कैप्टन श्रीकांत वालवडकर ने भारतीय वायुसेना में 27 वर्षों तक सेवा दी और वर्ष 2009 में स्वेच्छा से सेवानिवृत्ति ली। वे अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के सक्रिय कार्यकर्ता हैं और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। इस परिषद के पश्चिमी प्रांत के अध्यक्ष पद का दायित्व भी वे निभा चुके हैं।
उनकी इस उपलब्धि पर शिवाजी विद्यापीठ के कुलगुरु डॉ. रजनीश कामत, कुलसचिव विलास शिंदे, मार्गदर्शक डॉ. तृप्ति करेकट्टी, सेवानिवृत्त एयर मार्शल प्रदीप बापट, सेवानिवृत्त एयर वाइस मार्शल नितिन वैद्य और सेवानिवृत्त विंग कमांडर अविनाश मुठाळ ने हार्दिक बधाई दी है।
