क्या भारत में गैस खत्म हो रही है?
क्या सच में सिलेंडर नहीं मिलेंगे?
या फिर सोशल मीडिया की अफवाहें ज्यादा तेज हैं?
थोड़ा शांत होकर पूरी तस्वीर समझिए ।
भारत अपनी जरूरत की लगभग 45–50% गैस खुद पैदा करता है।
यह गैस मुंबई ऑफशोर, KG बेसिन, असम, राजस्थान जैसे क्षेत्रों से आती है।
बाकी गैस हम दुनिया के कई देशों से खरीदते हैं… कतर, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, UAE और रूस से।

अगर दुनिया में युद्ध या संकट के कारण किसी एक जगह से सप्लाई धीमी हो जाती है, तो इसका मतलब यह नहीं कि भारत में गैस खत्म हो गई।
सरकार ऐसे समय में क्या करती है?
सबसे पहले घरेलू रसोई गैस को प्राथमिकता देती है। इसलिए होटल, उद्योग या कमर्शियल गैस की सप्लाई धीमी कर दी जाती है।
दूसरा कदम… बुकिंग का अंतर बढ़ा दिया जाता है, ताकि लोग डर के कारण 3-3 सिलेंडर घर में जमा न करने लगें।
यह कमी नहीं, मैनेजमेंट होता है।
और एक बात और समझिए।
भारत दुनिया का बड़ा रिफाइनिंग हब है। यहाँ कच्चा तेल आता है, यहाँ रिफाइन होता है और फिर दुनिया को जाता है।
यानी ऊर्जा के मामले में भारत केवल ग्राहक नहीं है, बल्कि दुनिया की सप्लाई चेन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इसलिए हर अफवाह पर भरोसा करने से पहले एक बात याद रखिए
संकट दुनिया में है,
लेकिन भारत बिना तैयारी के नहीं बैठा है।
घबराइए मत।
जरूरत से ज्यादा स्टॉक मत कीजिए।
और अफवाह फैलाने से बचिए।
क्योंकि कई बार संकट से ज्यादा नुकसान पैनिक कर देता है।
– दिवाकर सिंह
