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Sathankulam Custodial Death

Sathankulam Custodial Death

Sathankulam Custodial Death: पिता-पुत्र की हत्या और 9 पुलिसकर्मियों की फांसी?

by हिंदी विवेक
in ट्रेंडींग, सामाजिक
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जब एक पुलिस थाने में भारत के कानून के रखवाले आम आदमी को नंगा करके विभत्स अत्याचार कर रहे थे तब एक कमजोर समझी जाने वाली महिला ने तय किया हो कि वो इन जैसी नही बनेगी…

जब जेठ की दुपहरी चल रही हो तो रेवती बनना आसान नहीं होता…
आज जब पूरा देश सथानकुलम हिरासत यातना और हत्या मामले में 9 पुलिसकर्मियों को फांसी की सजा मिलने के ऐतिहासिक फैसले का स्वागत कर रहा है, तब आपको रेवती के बारे में जरूर जानना चाहिए।

रेवती साल 2020 में सथानकुलम पुलिस स्टेशन में एक कांस्टेबल थीं, जब यह भयानक घटना हुई थी। वही इस केस की मुख्य गवाह थीं और आज इन राक्षस अधिकारियों को सजा दिलाने की सबसे बड़ी वजह भी बनी।

जहां इस क्रूरता में शामिल पुलिसकर्मी बड़े पदों पर थे, वहीं रेवती एक साधारण कांस्टेबल थीं, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।
जब इस मामले की शुरुआती जांच करने वाले मजिस्ट्रेट भारथिदासन सथानकुलम पुलिस स्टेशन पहुंचे, तब उन्हें यह अंदाज़ा नहीं था कि कांस्टेबल रेवती इस केस को सुलझाने में इतनी अहम भूमिका निभाएंगी।

Sir, मैं सब सच बताऊंगी', 9 पुलिसकर्मियों को फांसी दिलाने वाली हेड कांस्टेबल  रेवती की कहानी - head constable revathi testimony death penalty tamil nadu  custodial lclar - AajTak

रेवती ने उनसे कहा‌ था सर, मैं आपको सब कुछ बताऊंगी, हर सच जो छुपाया जा रहा है, लेकिन मैं दो छोटी बेटियों की मां हूं… क्या आप मेरी नौकरी और मेरे बच्चों की सुरक्षा की गारंटी देंगे?

रेवती उस रात ड्यूटी पर थीं, जब यह अमानवीय घटना हुई। उन्होंने जयराज और बेनिक्स पर हो रही हर क्रूरता अपनी आंखों से देखी और एक-एक बात बताई।

ये सब रेवती की स्टेटमेंट है…

रेवती ने बताया कि कैसे एसआई बालकृष्णन, इंस्पेक्टर श्रीधर और एसआई रघुकानेश ने पिता-पुत्र को बेरहमी से पीटा और यहां तक कि उनके निजी अंगों पर जूतों से वार किया। उन्हें उनकी चीखें आज भी याद थीं।

उसने देखा कि कैसे ये अधिकारी बीच-बीच में शराब पीते और फिर वापस मारपीट शुरू कर देते, जबकि दोनों पीड़ित दर्द से तड़प रहे थे।
जब दोनों आधी बेहोशी अवस्था में थे, तब रेवती ने जयराज से पूछा कि क्या उन दोनो को कुछ चाहिए। उन्होंने उन्हें कॉफी दी, लेकिन अधिकारियों ने उसे भी गिरा दिया। Tamil Nadu Custodial Death Case: 9 Cops Sentenced to Death

रेवती इस क्रूरता को देख नहीं पा रही थीं, लेकिन एक महिला कांस्टेबल होने के कारण उनके हाथ बंधे हुए थे। फिर भी उन्होंने पानी देने की कोशिश की।
इसके बाद पुलिसकर्मियों ने बेनिक्स को नग्न कर दिया, उसके हाथ-पैर बांधकर बेरहमी से पीटा। यही सब जयराज के साथ भी किया गया। बेनिक्स और जयराज के अंदरूनी हिस्से में लाठी डाली गई और जब खून बहने लगा तो उनसे ही साफ करवाया गया था।

यहां तक की जब उनकी हालत बिगड़ी तो हॉस्पिटल से वो ठीक है इसका कागज बनवाया गया… रात भर उस पिता-पुत्र का इतना खून बहा कि लगभग 14 लुंगियां खून से सन गई थी…

उनकी चीखें रेवती सह नहीं पाईं और वहां से बाहर चली गईं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, उनके पूरे शरीर की चमड़ी उधड़ चुकी थी और उन्हें गंभीर अंदरूनी चोटें थीं।

 

छोटी सी भूल, रात भर टॉर्चर और फिर... कस्टडी में पिता-पुत्र की मौत पर फांसी  पाने वाले 9 पुलिसकर्मियों ने क्या किया था उस रोज? | Tamil Nadu father and  son died

जब मीडिया में यह मामला उठा और यहां तक कि तमिलनाडु सरकार ने भी शुरुआत में इसे हल्का दिखाने की कोशिश की, तब रेवती सच जानती थीं।
पुलिसकर्मियों ने स्टेशन को साफ कर दिया, डीएनए सबूत मिटा दिए, सीसीटीवी फुटेज हटा दी और सभी को चुप रहने की धमकी दी।
लेकिन रेवती ने सिर्फ सच्चाई बयान ही नहीं की… उन्होंने जांच अधिकारियों की मदद भी की।

साफ-सफाई के बावजूद, उन्होंने दीवारों की दरारों, फर्श, फर्नीचर और अन्य जगहों से पीड़ितों के डीएनए के सबूत जुटाए।
उन्हें पूछताछ, धमकियों, लालच और अपमान का सामना करना पड़ा… लेकिन वह न्याय के लिए अडिग रहीं।
उन्होंने अपने ही साथियों के खिलाफ जाकर आम नागरिक के लिए न्याय की लड़ाई लड़ी।

आज जब पुलिस व्यवस्था पर अक्सर सवाल उठते हैं, तब रेवती जैसी वर्दी में मौजूद लोग उम्मीद की किरण हैं।
आज अदालत ने 9 पुलिसकर्मियों को सजा सुनाई क्योंकि एक महिला ने सच का साथ देने का फैसला किया।
रेवती को सलाम…

एक साहसी महिला, एक सच्ची पुलिस कर्मी… उन जैसी पुलिस कर्मियों की वजह से आम जनता का संविधान और कानून पर भरोसा है।

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Tags: #SathankulamCase #CustodialDeath #JusticeForVictims #PoliceBrutality #IndiaNews #TrendingNews #TamilNadu #HumanRights #ViralNews #TruthMatters

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