हिंदी विवेक
  • Login
  • परिचय
  • संपादकीय
  • पूर्वांक
  • ग्रंथ
  • पुस्तक
  • संघ
  • देश-विदेश
  • पर्यावरण
  • संपर्क
  • पंजीकरण
No Result
View All Result
  • परिचय
  • संपादकीय
  • पूर्वांक
  • ग्रंथ
  • पुस्तक
  • संघ
  • देश-विदेश
  • पर्यावरण
  • संपर्क
  • पंजीकरण
No Result
View All Result
हिंदी विवेक
No Result
View All Result
वृत्तचित्र ‘अमिट अटल’ का हुआ भव्य प्रदर्शन

वृत्तचित्र ‘अमिट अटल’ का हुआ भव्य प्रदर्शन

वृत्तचित्र ‘अमिट अटल’ का हुआ भव्य प्रदर्शन

by हिंदी विवेक
in विशेष, संघ
0

राष्ट्र भक्ति और वैचारिक पत्रकारिता के संवाहक साप्ताहिक पत्र ‘पाञ्चजन्य’ द्वारा भारत रत्न व पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के विराट व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर केंद्रित एक विशेष वृत्तचित्र (Documentary) ‘अमिट अटल: द अनफॉरगेटेबल अटल’ का प्रदर्शन झंडेवालान स्थित ‘विचार विनिमय न्यास सभागार’ में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी और विशिष्ट अतिथि देश के प्रख्यात विचारक एवं वरिष्ठ राजनीतिज्ञ डॉ. मुरली मनोहर जोशी जी रहे।

Image

सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा कि “यह वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री) अत्यंत प्रासंगिक और मर्मस्पर्शी है, जिसे देखकर अटल जी से जुड़ी कई ऐतिहासिक घटनाएं और संस्मरण जीवंत हो उठे हैं।“ अटल जी के शुरुआती दिनों का स्मरण करते हुए कहा कि मात्र 27 वर्ष की आयु में श्रद्धेय भाऊराव देवरस जी की प्रेरणा और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के मार्गदर्शन में अटल जी को पाञ्चजन्य के प्रथम संपादक के रूप में दायित्व सौंपा गया था। उन्होंने लेखन, कविता और प्रभावी भाषणों के माध्यम से देश में अपनी अमिट छाप छोड़ी। उनकी प्रसिद्ध कविता ‘हिन्दू तन-मन, हिन्दू जीवन, रग-रग हिन्दू मेरा परिचय’ पहली बार पाञ्चजन्य में ही प्रकाशित हुई थी।

Image

जम्मू-कश्मीर के संदर्भ में अटल जी के संकल्प का स्मरण करते हुए सरकार्यवाह जी ने कहा कि पाञ्चजन्य के प्रथम संपादकीय का शीर्षक था “जम्मू-कश्मीर से समझौता नहीं होने देंगे” और अटल जी इस संकल्प पर जीवन के अंतिम क्षण तक अडिग रहे। अटल जी पत्रकारिता को एक व्रत और तपस्या मानते थे। वे दैनिक समाचार को ‘सूचना’, साप्ताहिक को ‘प्रचार’ और मासिक को ‘विचार’ का माध्यम कहते थे।
उन्होंने आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए पाञ्चजन्य के वर्तमान स्वरूप की सराहना की और कहा कि यह प्रयास नई पीढ़ी को भारत के सच्चे सेवक और एक महान राष्ट्रनायक के जीवन से परिचित कराएगा।

विचारों और सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया – डॉ. मुरली मनोहर जोशी
विशिष्ट अतिथि और अटल जी के दीर्घकालिक सहयोगी डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने वर्ष 1948 से अटल जी और पंडित दीनदयाल जी के साथ बिताए पलों को साझा किया। उन्होंने जनता पार्टी सरकार के दौर को याद करते हुए कहा कि तमाम राजनीतिक उथल-पुथल के बीच एकमात्र अटल जी ही ऐसे नेता थे, जिन्होंने दलीय संकीर्णता से ऊपर उठकर कार्य किया। वे पहले ऐसे भारतीय नेता थे, जिन्होंने चीन की धरती पर जाकर निर्भीकता से उसकी गलत नीतियों का विरोध किया था।

Image

जब कुछ राजनीतिक तत्वों ने संघ से संबंध तोड़ने का दबाव बनाया, तो अटल जी ने दो टूक शब्दों में कहा था कि “हमारी नाल संघ से जुड़ी है, हम संघ से अलग कैसे हो सकते हैं?” उन्होंने संसद में भी स्पष्ट कर दिया था कि वे ऐसी किसी सरकार को चिमटे से भी छूना पसंद नहीं करेंगे जो विचारों से समझौता करने पर मजबूर करे।

शिक्षा मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल का प्रसंग साझा करते हुए बताया कि जब स्कूलों में ‘सरस्वती वंदना’ को लेकर विवाद खड़ा करने की कोशिश की गई, तब प्रधानमंत्री के रूप में अटल जी ने स्पष्ट और दृढ़ रुख अपनाते हुए कहा था कि “सरस्वती वंदना हमारी सरकार में नहीं होगी तो फिर किस सरकार में होगी? यह अवश्य होनी चाहिए।“ इसी प्रकार विलुप्त हो चुकी सरस्वती नदी की पुनर्स्थापना और शोध कार्य के लिए भी सदैव प्रतिबद्ध रहे। आज के समय में सबको साथ लेकर, एक मजबूत संकल्प और विचार के साथ आगे बढ़ने की कार्यशैली की देश को अत्यधिक आवश्यकता है।
पाञ्चजन्य के संपादक हितेश शंकर सहित अन्य प्रबुद्ध जन, लेखक और पत्रकार भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

वृत्तचित्र के बारे में –
वृत्तचित्र ‘अमिट अटल’ श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के एक स्वयंसेवक, प्रचारक, ओजस्वी कवि, प्रखर पत्रकार, दूरदर्शी संपादक और फिर देश के प्रधानमंत्री बनने तक के सफर के अनछुए पहलुओं को प्रामाणिकता के साथ उजागर करता है।

Share this:

  • Share on X (Opens in new window) X
  • Share on Facebook (Opens in new window) Facebook
  • Share on LinkedIn (Opens in new window) LinkedIn
  • Share on Telegram (Opens in new window) Telegram
  • Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp

हिंदी विवेक

Next Post
राम मंदिर से जुड़े मामले में दत्तात्रेय होसबाले ने जारी किया वक्तव्य

राम मंदिर से जुड़े मामले में दत्तात्रेय होसबाले ने जारी किया वक्तव्य

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हिंदी विवेक पंजीयन : यहां आप हिंदी विवेक पत्रिका का पंजीयन शुल्क ऑनलाइन अदा कर सकते हैं..

Facebook Youtube Instagram

समाचार

  • मुख्य खबरे
  • मुख्य खबरे
  • राष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • क्राइम

लोकसभा चुनाव

  • मुख्य खबरे
  • मुख्य खबरे
  • राष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • क्राइम

लाइफ स्टाइल

  • मुख्य खबरे
  • मुख्य खबरे
  • राष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • क्राइम

ज्योतिष

  • मुख्य खबरे
  • मुख्य खबरे
  • राष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • क्राइम

Copyright 2024, hindivivek.com

Facebook X-twitter Instagram Youtube Whatsapp
  • परिचय
  • संपादकीय
  • पूर्वाक
  • देश-विदेश
  • पर्यावरण
  • संपर्क
  • पंजीकरण
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Disclaimer
  • Shipping Policy
  • Refund and Cancellation Policy

copyright @ hindivivek.org by Hindustan Prakashan Sanstha

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • परिचय
  • संपादकीय
  • पूर्वांक
  • ग्रंथ
  • पुस्तक
  • संघ
  • देश-विदेश
  • पर्यावरण
  • संपर्क
  • पंजीकरण

© 2024, Vivek Samuh - All Rights Reserved

0