श्री सत्य साई दिव्यांग जनसेवा और श्री सत्यसाई सेवा संघटना (पश्चिम महाराष्ट्र) की ओर से तथा सक्षम (पुणे महानगर) के सहयोग से दिव्यांग व्यक्तियों को कृत्रिम अंगों का वितरण किया गया। पंद्रह दिन पहले जरूरतमंद दिव्यांग व्यक्तियों के लिए आवश्यक कृत्रिम अंगों का माप लेने का काम दो दिनों तक दिव्यांग कल्याणकारी संस्था में चल रहा था। 30 और 31 जुलाई 2026 को सुबह 9 बजे से सभी माप लिए गए दिव्यांग व्यक्तियों को उनके लिए आवश्यक कृत्रिम अंगों के वितरण का कार्यक्रम शुरू हुआ।

कार्यक्रम का उद्घाटन समदृष्टी क्षमता विकास एवं अनुसंधान मंडल अर्थात ‘सक्षम’ संस्था के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य श्रीरंग जी बिजूर, वानवडी के सामाजिक कार्यकर्ता विनायक रवंदाळे, दिव्यांग कल्याणकारी संस्था के कार्याध्यक्ष एडवोकेट मुरलीधर कचरे, श्री सत्य साई सेवा संघटना की श्रीमती लक्ष्मी राव, श्रीमती सुचित्रा देवरे और नरेश हिराणी की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर कुछ दिव्यांग बच्चों एवं व्यक्तियों को श्री बिजूर के हाथों कृत्रिम अंगों का वितरण किया गया।
संपूर्ण पुणे जिले तथा महाराष्ट्र के अन्य जिलों से लाभार्थी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे। सभी व्यक्तियों को उत्तम प्रकार के कृत्रिम अंग दिए गए। ये कृत्रिम अंग गुड़गाँव की कंपनी ‘इंस्टालिंब’ के माध्यम से उनके नेशनल हेड अनिश गुप्ता एवं उनकी टीम द्वारा उपलब्ध कराए गए। कृत्रिम अंग पाने वाला प्रत्येक व्यक्ति अत्यंत प्रसन्न एवं आत्मविश्वास से भरा दिख रहा था। हर व्यक्ति का यह आनंद वर्णनीय था।

सभी लाभार्थी श्री सत्यसाई सेवा संघटना एवं सक्षम के कार्यकर्ताओं का बहुत-बहुत धन्यवाद मान रहे थे। कार्यक्रम के दौरान श्री बिजूर ने सभी दिव्यांगजनों को मार्गदर्शन करते हुए अपने भाषण में विश्वास व्यक्त किया कि सभी दिव्यांग व्यक्तियों का आत्मविश्वास निश्चित रूप से बढ़ेगा और उनकी दैनिक गतिविधियाँ अत्यंत अच्छी एवं सुगम हो जाएँगी। इसके साथ ही विनायक रवंदाळे ने सभी को शुभकामनाएँ दीं।
दिव्यांग कल्याणकारी संस्था के कार्याध्यक्ष एडवोकेट मुरलीधर कचरे ने सभी उपस्थित लाभार्थियों को मार्गदर्शन देते हुए कहा कि ये सभी कार्यकर्ता दिव्यांगों की सेवा को ही ईश्वर सेवा मानकर कार्य कर रहे हैं और आप इसके लाभार्थी हैं, इसका आप अच्छा उपयोग करें तथा अपने जीवन को सुखकर और आत्मविश्वासपूर्ण बनाएँ।
कार्यक्रम का सूत्रसंचालन एवं अतिथियों का परिचय संस्था की अधीक्षिका श्रीमती धनश्री बेके ने किया। सभी लाभार्थियों के लिए नाश्ते और भोजन की व्यवस्था दिव्यांग कल्याणकारी संस्था में की गई थी।
