मेष राशि
2 अगस्त से मंगल तृतीय भाव में होने के कारण पराक्रम एवं आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। उन्नति के अनेक अवसर प्राप्त होंगे, पर बनते हुए कार्यों में कुछ रुकावटें भी आ सकती हैं। क्रोध पर नियंत्रण रखें, अन्यथा स्वास्थ्य सम्बंधी परेशानियां हो सकती हैं। संयमित व्यवहार तथा पूर्व में किए गए शुभ प्रयासों के कारण सफलता मिलेगी। उपाय: हनुमान जी की आराधना करें।

वृषभ राशि
पूरे माह शुक्र के नीच राशि में रहने से मानसिक तनाव तथा शिक्षा के क्षेत्र में कुछ बाधाएं आ सकती हैं। आर्थिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ सकता हैं। परिवार और मित्रों के साथ मधुर व्यवहार बनाए रखें तथा क्रोध से बचें, अन्यथा मतभेद उत्पन्न हो सकते हैं। बुद्धिमानी एवं समझदारी से किए गए कार्यों में सफलता प्राप्त होगी। उपाय: रुद्राभिषेक करें।

मिथुन राशि
व्यवसाय में कुछ कठिनाइयां बनी रह सकती हैं, पर धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। किसी उच्च पदाधिकारी से सम्पर्क स्थापित हो सकता है। घरेलू उलझनों एवं गुप्त चिंताओं के कारण मन अशांत रहेगा। मित्रों और परिवार के सहयोग से उन्नति के अवसर प्राप्त होंगे। आपके अच्छे व्यवहार और विनम्र स्वभाव से लाभ मिलने के योग हैं। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। उपाय: भगवान गणपति की आराधना करें।

कर्क राशि
गुरु के शुभ प्रभाव से छोटी-छोटी समस्याएं स्वतः समाप्त होती जाएंगी। रुकी हुई योजनाओं में सफलता मिलने के योग हैं। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी तथा शुभ कार्य सम्पन्न होंगे। परिवार का वातावरण सुखद रहेगा, हालांकि संतान सम्बंधी चिंता बनी रह सकती है। अधिकारियों से समबंध मजबूत होंगे तथा पूर्व में किए गए कार्यों का शुभ फल प्राप्त होगा। उपाय: राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करें।

सिंह राशि
कार्य-व्यवसाय में कुछ बाधाओं के बाद भी दैनिक कार्यों में सफलता मिलेगी। व्यर्थ की भागदौड़ तथा खर्चों में वृद्धि हो सकती हैं। 17 अगस्त से सूर्य के अपनी राशि में आने से आय के साधनों में वृद्धि होगी तथा संतान सुख की प्राप्ति होगी। सुख-सुविधाओं पर धन खर्च होगा। क्रोध पर नियंत्रण रखें, अच्छे व्यवहार से उन्नति के अवसर मिलेंगे। उपाय: हनुमान जी की आराधना करें।

कन्या राशि
बुध के लाभ स्थान में तथा सूर्य एवं गुरु के प्रभाव से व्यवसाय की स्थिति सामान्य से बेहतर रहेगी। भाग्य का सहयोग मिलेगा और अनेक कार्यों में प्रगति होगी। आय के साधन बने रहेंगे। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। माह के अंत में परिवार में मतभेद होने से मानसिक तनाव हो सकता है। क्रोध से बचें तथा सत्कर्मों और अच्छे व्यवहार से लाभ प्राप्त होगा। उपाय: भगवान शिव की आराधना करें।

तुला राशि
शुक्र के द्वादश भाव में होने से आय की अपेक्षा खर्च अधिक रह सकता है। व्यर्थ की भागदौड़ और अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं। स्वास्थ्य सम्बंधी चिंताएं बनी रहेंगी। माता-पिता, गुरुजनों और मित्रों के साथ मधुर व्यवहार रखें। नौकरी एवं व्यवसाय में स्थान परिवर्तन के योग हैं। धैर्य और संयम से परिस्थितियां अनुकूल होंगी। उपाय: शिव-शक्ति की आराधना करें।

वृश्चिक राशि
2 अगस्त से मंगल के अष्टम भाव में होने से आंखों एवं पेट सम्बंधी कष्ट हो सकते हैं। व्यवसाय में संघर्षपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता हैं। अधिक परिश्रम के बाद ही लाभ मिलने की सम्भावना है। परिवार सम्बंधी चिंता बनी रह सकती है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। मित्रों और परिवार के सहयोग से कुछ महत्वपूर्ण कार्य पूरे होंगे। उपाय: मंगलवार का व्रत करें।

धनु राशि
शनि की ढैया के प्रभाव से बनते हुए कार्यों में रुकावटें आ सकती हैं। विदेश सम्बंधी कार्यों पर धन खर्च होने की सम्भावना है। गुरु के अष्टम भाव में होने तथा मंगल की दृष्टि से स्वास्थ्य सम्बंधी समस्याएं हो सकती हैं। पैसों के लेन-देन में सावधानी रखें। क्रोध पर नियंत्रण रखें। परिश्रम और अच्छे व्यवहार से सफलता प्राप्त होगी। उपाय: हनुमान जी की आराधना करें।

मकर राशि
राशि स्वामी शनि के वक्री होने से मानसिक तनाव, स्वास्थ्य सम्बंधी कष्ट तथा शारीरिक थकान हो सकती हैं। 2 अगस्त से मंगल की शुभ दृष्टि के कारण परिश्रम से कार्य सिद्ध होंगे। आर्थिक उलझनें तथा भाई-बंधुओं से मतभेद हो सकते हैं। अच्छे साहित्य एवं आध्यात्म का सहारा लेने से मानसिक शांति मिलेगी। उपाय: शनि मंत्र का जाप करें।

कुम्भ राशि
राशि स्वामी शनि के वक्री होने से कार्यों में रुकावटें आ सकती हैं। चोट लगने का भय रहेगा। भूमि सम्बंधी कार्यों में कठिनाई तथा घरेलू समस्याएं सामने आ सकती हैं। 17 अगस्त के बाद सूर्य के प्रभाव से मानसिक चिंता और अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं। बुद्धिमानी और धैर्य से सफलता प्राप्त हो सकती है। उपाय: शनिदेव की उपासना करें।

मीन राशि
माह के पूर्वार्ध में बाधाओं के बाद भी आय के साधन बने रहेंगे। घर में किसी मांगलिक कार्य के योग हैं। 17 अगस्त के बाद परिवार में वैचारिक मतभेद होने से मन अशांत रह सकता है। परिवार और भाई-बंधुओं से मधुर व्यवहार रखें। आलस्य का त्याग करें, खर्चों पर नियंत्रण रखें तथा स्वास्थ्य का ध्यान रखें। परिश्रम और अच्छे व्यवहार से सफलता प्राप्त होगी। उपाय: हनुमान जी की आराधना करें।

आचार्य अजय मिश्रा
