मनहूस दिन नहीं है अमावस

Read more about the article मनहूस दिन नहीं है अमावस
Phases of the Moon: waxing crescent, first quarter, waxing gibbous, full moon, waning gibbous, third guarter, waning crescent, new moon. On a starry sky. The elements of this image furnished by NASA.
Continue Readingमनहूस दिन नहीं है अमावस

धर्म को तोड़ मरोड़ कर पेश किये जाने की हम हमेशा बात करते हैं | अब जैसे एक वाक्य की कल्पना कीजिये “अमावस्या की काली रात थी !” इसकी कल्पना मात्र से ही किसी खतरे की घंटी दिमाग में बजने लगती है | अचानक मनहूस कुत्तों के रोने जैसी आवाज…

भारत का वास्तुशास्त्र

Continue Readingभारत का वास्तुशास्त्र

ये समूचा विश्व ही मेरा घर है, ऐसी संकल्पना सामने रखकर यदि संतश्रेष्ठ ज्ञानेश्वर की भूमिका के बीच इस विश्व के वास्तुशास्त्र के दृष्टिकोण से विवेचन किया गया तो कई उद्बोधक निष्कर्ष सामने आएंगे। उनकी उक्ति के आधार पर समूची पृथ्वी को एक वास्तु, एक घर मान लिया गया तो

वास्तुशास्त्र के अनुरूप बनाएं रसोईघर

Continue Readingवास्तुशास्त्र के अनुरूप बनाएं रसोईघर

घर की सुख-शांति के लिए छोटी-छोटी बातों की ओर ध्यान देना महत्वपूर्ण है, इसीलिए रसोईघर के निर्माण में भी वास्तुशास्र के नियमों का पालन करना जरूरी है।

वास्तुशान्ति करना आवश्यक

Continue Readingवास्तुशान्ति करना आवश्यक

नये घर का निर्माण करना और उसमें विधि-विधान से प्रवेश करके जीवन-यापन करना हरेक व्यक्ति की इच्छा होती है। नये घर की वास्तुशान्ति करना भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

वास्तुशास्त्र घर का!

Continue Readingवास्तुशास्त्र घर का!

स्नानगृह के लिए सब से बढिया स्थान माने पूर्व दिशा, क्यों कि सबेरे स्नान करते समय सूर्यकिरणें बदनपर फैलना माने उनमें से अतिनील किरणें बदनपर तथा बाथरूम पर फैलना लाभदायक होता है।

वास्तुशास्त्र घर का!

Continue Readingवास्तुशास्त्र घर का!

संपूर्ण घर के आग्नेय कोने के कमरे में रसोई घर होना चाहिए। रसोईघर में ओटला पूर्व की ओर की दीवार से कुछ दूर लेकिन दक्षिण दिशा से सटा हुआ हो और गॅस सिगडी इस प्रकार रखी जाए, कि जिससे रसोई बनानेवाली गृहिणी का मुख पूर्व दिशा में होगा। किचन ओटले के ऊपर पानी का सिंक पूर्व दिशा की ओर हो। फ्रीज आग्नेय दिशा में रखा जाए।

इंडोर कंटेनर्स

Continue Readingइंडोर कंटेनर्स

घरों में लगाए जाने वाले पौधों के लिए कई किस्म के गमर्ले बाजार में उपलब्ध हैं। घर की साज-सज्जा, सुविधा व आकार के अनुरूप प्लास्टिक, सिरैमिक, चीनी मिट्टी, लकड़ा, तांबा, ब्रास, कांच या मिट्टी के गमले इंडोर प्लांट्स के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं।

दिशाओं का महत्व

Continue Readingदिशाओं का महत्व

वास्तुशास्त्र के दृष्टिकोण से विचार करते हुए हम आठ दिशाओं को महत्व देते हैं। क्योंकि शास्त्र का मूल दिशा पर अवलंबित है। वैदिक वास्तुशास्त्र में प्रत्येक दिशा का एक विशिष्ट गुणधर्म बताया गया है।

वास्तुशास्त्र वाकई क्या है?

Continue Readingवास्तुशास्त्र वाकई क्या है?

वास्तुशास्त्र वाकई क्या हैं? उससे वास्तव मेंं क्या होता हैं? यह विज्ञान है कि अंधश्रद्धा? ऐसे के कई सवाल आम आदमी के मन में उभरते हैं। यह स्वाभाविक है कि किसी भी विषय की पूरी जानकारी होते तक उस संबंध में आशंकाएं होती ही है। आपकी आशंकाओं को दूर करने का यहां प्रयत्न किया गया हैं।

End of content

No more pages to load