घरेलू कामगारों कि पीडा समझने वाले रमणभाई शहा

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पवित्र कुरान की छपाई करने वाला माझगांव का महंमदी प्रिटिंग प्रेस अधिकांश कामगार मुसलमान धार्मिकता का आवाहन और सतत शोषण से तंग हुए कामगार व्यवस्थापन के विरोध में खड़े रहने के लिए अनेक यूनियनों के पास पहुँचे, परंतु निराश होकर आखिर परेल में पोयबावड़ी के नाके पर भारतीय मजदूर संघ के कार्यालय में आ गए।

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