फैशन की मारी दुनिया बेचारी

Continue Reading फैशन की मारी दुनिया बेचारी

“मुझे पहली बार पता चला कि आजकल कम कपड़ों में, नंगे या फटे कपड़ों में घूमना ही बड़े होने और फैशन की निशानी है। और वास्तव में यह शर्म का नहीं बल्कि गर्व का विषय है।”

End of content

No more pages to load